मुंबई. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने सोमवार को दावा किया कि राहुल गांधी के समर्थन में सूरत जा रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के वाहनों को गुजरात पुलिस ने रोका. राहुल गांधी ने ‘मोदी उपनाम’ के संदर्भ में उनकी 2019 की टिप्पणी से संबंधित मानहानि के एक मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ सोमवार को सूरत की एक सत्र अदालत में अपील दायर की. अदालत ने उन्हें जमानत दे दी. गांधी को समर्थन देने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से पार्टी के कार्यकर्ता और नेता सूरत गए.
थोराट ने सोशल मीडिया पर किये गए एक पोस्ट में कहा, ‘‘महाराष्ट्र से भी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता गुजरात जा रहे थे. गांधी देश के लिए लड़ रहे हैं, लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं, संविधान को बचाने के लिए लड़ रहे हैं.’’ उन्होंने कहा कि गांधी को समर्थन देने और यह दिखाने के लिए कि वह इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं, कांग्रेस के कई कार्यकर्ता और नेताओं ने गुजरात के शहर का रुख किया.
थोराट ने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के वाहनों को रोक दिया गया, उन्हें वाहन सड़क किनारे लगाने को कहा गया और पुलिस यह सुनिश्चित कर रही थी कि वे वीडियो न बनाएं.
उन्होंने कहा कि गुजरात पुलिस यह सुनिश्चित कर रही थी कि कांग्रेसी किसी भी हालत में सूरत न पहुंचें और यह ंिनदनीय है. थोराट ने दावा किया, ‘‘लोकतंत्र में लोग इकट्ठा होंगे, वे अपने विचार व्यक्त करेंगे, लेकिन दुर्भाग्य से उनकी आवाज दबाई जा रही है.
सूरत जा रहीं कांग्रेस विधायक यशोमति ठाकुर ने आरोप लगाया कि उनका दमन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वे गांधी के समर्थन में गुजरात के शहर जा रहे थे.
ठाकुर ने दावा किया कि गुजरात पुलिस ने कई बार उनके वाहन को रोका और सुरक्षा जांच के नाम पर उनका निरीक्षण किया.
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ये वही पुलिस है जिसने तत्कालीन (एमवीए) सरकार को गिराने के लिए सूरत गए महाराष्ट्र के कुछ विधायकों की मदद की थी, लेकिन अब हमारे लिए बाधा खड़ी कर रहे हैं.’’ ठाकुर ने कहा कि जब उन्होंने बार-बार जांच करने को लेकर पुलिस से सवाल किया, तो उन्हें बताया गया कि उनकी बातचीत को गांधीनगर (गुजरात की राजधानी) में सीधे देखा जा रहा है.
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनको यहां तक कहा कि वे अपनी कार्रवाई की लाइव फीड पीएमओ को दिखा सकते हैं.’’ पूर्व मंत्री ने कहा, ‘‘हम सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करते हैं और संविधान के लिए खड़े हैं. मैंने उनसे यह भी कहा कि वे मुझे जेल में डाल सकते हैं, लेकिन मैं राहुल गांधी को समर्थन देने के लिए सूरत जरूर जाऊंगी.’’ ठाकुर द्वारा साझा किए गए एक अन्य वीडियो में वह गुजरात पुलिस के र्किमयों से सवाल-जवाब करती दिखीं.
उन्होंने एक पुलिस अधिकारी से कहा, ‘‘जब गुजरात के विधायक महाराष्ट्र का दौरा करते हैं, तो आपको उनकी भी जांच करनी चाहिए. हम आप लोगों से नहीं डरते. क्या आप लोग (पुलिस) गुजरात ले जाई जा रही शराब नहीं पकड़ते? आपको यह भी बताना होगा कि शराब गुजरात कैसे पहुंचती है.’’ उन्होंने एक पुलिस अधिकारी से कहा, ‘‘क्या आपने लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगा रखी है? अगर हमारे नेता वहां (गुजरात) जा रहे हैं तो क्या हमें उनसे मिलने नहीं जाना चाहिए?’’
उनके सवालों का जवाब देते हुए वर्दी पहने एक अधिकारी ने पूछा, ‘‘क्या हमें वाहनों की जांच नहीं करनी चाहिए? हमें भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होती है.’’ इस पर ठाकुर ने कहा कि पुलिस अपनी ड्यूटी कर सकती है लेकिन उन्हें यह सम्मानजनक तरीके से करना चाहिए. इसी तरह के आरोप कांग्रेस विधानपरिषद सदस्य (एमएलसी) और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप ने भी लगाए.
राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ वाणिज्यिक उड़ान से सोमवार को सूरत पहुंचे. सूरत की एक सत्र अदालत ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘मोदी उपनाम’ संबंधी उनकी 2019 की टिप्पणी संबंधी मानहानि मामले में जमानत दे दी.