सपा नेता का विवादित बयान: रामचरितमानस को बताया बकवास, बोले- पुस्तक पर लगना चाहिए प्रतिबंध

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 22 Jan 2023 10:06 PM
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लखनऊ. बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर द्वारा श्रीरामचरितमानस पर की गई टिप्पणी को लेकर उठे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी इस पुस्तक पर विवादित बयान दिया है। मौर्य ने तुलसीदास रचित श्रीरामचरितमानस के कुछ हिस्सों पर यह कहते हुए पाबंदी लगाने की मांग की है कि उनसे समाज के एक बड़े तबके का जाति, वर्ण और वर्ग के आधार पर अपमान होता है।

पूर्व मंत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘धर्म का वास्तविक अर्थ मानवता के कल्याण और उसकी मजबूती से है। अगर रामचरितमानस की किन्ही पंक्तियों के कारण समाज के एक वर्ग का जाति, वर्ण और वर्ग के आधार पर अपमान होता हो तो यह निश्चित रूप से धर्म नहीं बल्कि अधर्म है। रामचरितमानस की कुछ पंक्तियों (दोहों) में कुछ जातियों जैसे कि तेली और कुम्हार का नाम लिया गया है।”

मौर्य ने कहा, “इन जातियों के लाखों लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं। इसी तरह से रामचरितमानस की एक चौपाई यह कहती है कि महिलाओं को दंड दिया जाना चाहिए। यह उनकी (महिलाओं) भावनाओं को आहत करने वाली बात है जो हमारे समाज का आधा हिस्सा हैं। अगर तुलसीदास की रामचरितमानस पर वाद-विवाद करना किसी धर्म का अपमान है तो धार्मिक नेताओं को अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों तथा महिलाओं की ंिचता क्यों नहीं होती। क्या यह वर्ग ंिहदू नहीं है?”

उन्होंने कहा, ‘‘रामचरितमानस के आपत्तिजनक हिस्सों जिनसे जाति वर्ग और वर्ण के आधार पर समाज के एक हिस्से का अपमान होता है उन्हें प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए।” इससे पहले, बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने पिछली 11 जनवरी को नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में श्रीरामचरितमानस को समाज में नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया था। उनके इस बयान पर काफी विवाद हुआ था।

इस बीच, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन ने मौर्य के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा, “समाजवादी पार्टी सभी धर्मों और परंपराओं का सम्मान करती है। स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा की गई टिप्पणी उनके निजी विचार हैं और उनका पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। सपा युवाओं, बेरोजगारों और महिलाओं के हक की आवाज उठाती है।” उधर, भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भूपेंद्र ंिसह चौधरी ने कहा, “इस मामले पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, ंिडपल यादव और रामगोपाल यादव को जवाब देना चाहिए। अब स्वामी प्रसाद मौर्य सपा में एक बड़ा नेता बनने के लिए छटपटा रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुन नहीं रहा है। सपा ने हमारी धार्मिक गतिविधियों को बाधित करने की कोशिश की थी।”

सत्ता न मिलने के कारण स्वामी प्रसाद को पड़ रहा पागलपन का दौरा
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के राम चरित मानस पर प्रतिबंध लगाने और ग्रंथ को बकवास कहने पर विहिप भड़क उठी है. विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने रविवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि हिंदू धर्मग्रंथ श्रीरामचरितमानस पर पूर्व मंत्री सपा नेता स्वामीप्रसाद मौर्य जैसे अज्ञानी प्रतिबंध लगाने की बेतुकी बातें कर रहे हैं. उन्होंने कहा सत्ता ना मिलने के कारण उन्हें पागलपन का दौरा पड़ रहा है. कहा कि रामचरित मानस एक पुस्तक नही यह मानव जीवन को सर्वश्रेष्ठ बनाने का अमृत कुंभ है. अयोध्या को रक्त रंजित करने वालों के हमसफर मौर्य ने श्रीराम भक्तों का अपमान किया है. मानसिक विक्षिप्त श्रीराम विरोधी को तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए.

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