दिल्ली के मंत्री गौतम के ‘धर्मांतरण कार्यक्रम’ में शामिल होने पर विवाद, बर्खास्तगी की मांग उठी

नयी दिल्ली. दिल्ली सरकार में मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के एक ‘धर्मांतरण कार्यक्रम’ में शामिल होने से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को सियासी विवाद शुरू हो गया. इस वीडियो में कार्यक्रम में शामिल हजारों लोग कथित तौर पर भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का अनुसरण करने और हिंदू देवी-देवताओं की पूजा छोड़ने का संकल्प लेते नजर आ रहे हैं.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटनाक्रम को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल पर निधाना साधा है और उनसे गौतम को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है. वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के सूत्रों ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री इस घटनाक्रम को लेकर गौतम से ‘बेहद नाखुश’ हैं. हालांकि, न तो केजरीवाल और न ही उनकी सरकार में सामाजिक कल्याण मंत्री गौतम की तरफ से इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया आई है.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने संवाददाता सम्मेलन में ‘आप’ पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ‘गौतम की टिप्पणी उस नफरत को दर्शाती है, जो पार्टी के मन में समुदाय (हिंदुओं) के प्रति है.’ भाटिया ने दावा किया कि गौतम ने कथित टिप्पणी मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल के इशारे पर की. उन्होंने कहा कि टिप्पणी आने वाले चुनावों में ‘वोट बैंक’ की राजनीति के मद्देनजर की गई.

भाजपा प्रवक्ता ने सवाल किया, ‘‘वोटों के लिए आप कितना नीचे गिरेंगे केजरीवाल?’’ उन्होंने कहा कि हर हिंदू की अपने देवी-देवताओं में आस्था है और गौतम की टिप्पणी राष्ट्रीय एकता के लिए झटका है. धर्मांतरण कार्यक्रम के दौरान लगभग दस हजारों लोगों के कथित तौर पर बौद्ध धर्म अपनाने, भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का अनुसरण करने और हिंदू देवी-देवताओं की पूजा छोड़ने का संकल्प लेने की खबर है.

पांच अक्टूबर को गौतम ने खुद ट्विटर पर इस कार्यक्रम की तस्वीरें साझा की थीं. उन्होंने कहा था कि दस हजार से अधिक लोगों ने बौद्ध धर्म अपनाने और भारत को जातिवाद व छुआछूत से मुक्त कराने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया. इस बीच, भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि दशहरा के मौके पर करोलबाग में आयोजित एक कार्यक्रम में गौतम ने हजारों लोगों की मौजूदगी में हिंदू देवी-देवताओं के प्रति ‘अनादर’ दिखाया.

उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई पहली घटना नहीं है. हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना और उनके प्रति अनादर दिखाना आम आदमी पार्टी (आप) के स्वभाव में है. हम अरंिवद केजरीवाल से गौतम को तत्काल उनके मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग करते हैं.’’ गुप्ता ने इस संबंध में पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराने के लिए भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया. वहीं, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी मंत्री पद से गौतम की बर्खास्तगी की मांग की. उन्होंने दावा किया कि गौतम की हरकत से हिंदू और बौद्ध समुदाय के बीच दुश्मनी पैदा हो सकती है.

उधर, पश्चिम दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा ने गौतम पर निशाना साधते हुए उन पर ‘सामूहिक धर्मांतरण’ में शामिल होने का आरोप लगाया. वर्मा ने ट्वीट किया, ‘‘आप शासित पंजाब से हर रोज धर्मांतरण की खबरें सामने आती हैं. इसी तरह, केजरीवाल सरकार में मंत्री राजेंद्र पाल गौतम अब दिल्ली में सामूहिक रूप से लोगों का धर्मांतरण करवा रहे हैं.’’ विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने भी गौतम की आलोचना करते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की. विहिप ने दिल्ली पुलिस और उपराज्यपाल वी के सक्सेना से गौतम के खिलाफ ‘कड़ी कार्रवाई’ करने का भी आग्रह किया. परिषद ने आरोप लगाया है कि मंत्री द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लोगों को शपथ दिलाने से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है.

विहिप ने केजरीवाल पर भी निशाना साधते हुए उनसे माफीनामे की मांग की और आरोप लगाया कि कार्यक्रम में उनके मंत्री के शामिल होने से उनका ‘पाखंड’ उजागर हुआ है. विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, ‘‘हमें इस कार्यक्रम में बौद्ध धर्म अपनाने वाले लोगों से कोई समस्या नहीं है. हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म अलग नहीं हैं. लेकिन जिस तरह से हमारे देवी-देवताओं का खुले तौर पर इस कार्यक्रम में तिरस्कार किया गया, वह स्वीकार्य नहीं है.’’ उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित फुटेज का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली के मंत्री इस कार्यक्रम में खुलेआम लोगों को इस तरह की शपथ दिला रहे थे और ‘देश की धर्मनिरपेक्षता को विखंडित कर रहे थे’.

विहिप नेता ने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल मंत्री को बर्खास्त करें.’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अपने कुकर्म से गौतम ने उसी देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश का अपमान किया है, जिनकी केजरीवाल हर दिवाली में पूजा का दम्भ करते हैं. उन्होंने केजरीवाल के पाखंड का पर्दाफाश किया है.’’ विहिप नेता ने कहा कि केजरीवाल को ‘ऐसे पाखंड’ के लिए लोगों से माफी मांगनी चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को अपनी पसंद का धर्म अपनाने की स्वतंत्रता है, लेकिन किसी को भी धर्म परिवर्तन के लिए इस तरह के आयोजन में हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ जहर उगलने का अधिकार नहीं है. यह ंिनदनीय, असंवैधानिक और हिंदू भावनाओं को आहत करने वाला है.’’

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