
नयी दिल्ली. बहुर्चिचत फिल्म ‘महाराज’ के नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर से एक दिन पहले, इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठी है.
बॉलीवुड के अभिनेता आमिर खान के बेटे जुनैद खान की पहली फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के एक वर्ग ने की है. बृहस्पतिवार की सुबह से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर ‘बॉयकॉट नेटफ्लिक्स’, ‘बैन महाराज फिल्म’ और आमिर खान जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे.
निर्माताओं के अनुसार, ‘महाराज’ की कहानी, भारत की आज.ादी से पहले के दौर पर, 1862 के ‘महाराज लाइबेल मामले’ पर आधारित है, जो एक जाने-माने व्यक्ति द्वारा कदाचार के आरोपों से भड़क उठा था. इस फिल्म के निर्देशित सिद्धार्थ पी मल्होत्रा है और इसका निर्माण आदित्य चोपड़ा ने किया है. इस फिल्म में जयदीप अहलावत भी हैं. फिल्म बिना किसी प्रचार के नेटफ्लिक्स पर रिलीज. हो रही है. जयदीप और जुनैद के पोस्टर को छोड़कर, निर्माताओं ने फिल्म के लिए कोई टीज.र या ट्रेलर जारी नहीं किया है.
प्रतिबंध की मांग करने वालों में विश्व हिंदू परिषद की साध्वी प्राची भी हैं. उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा ”सनातन धर्म का अपमान सहन नहीं करेंगे. महाराज पर प्रतिबंध लगाएं.” नेटफ्लिक्स द्वारा पिछले महीने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ‘महाराज’ एक पत्रकार और समाज सुधारक करसनदास मूलजी पर आधारित है, जो महिला अधिकारों और सामाजिक सुधार के पैरोकार थे. ‘महाराज’ में शालिनी पांडे और शर्वरी भी विशेष भूमिका में हैं.
प्रतिबंध की मांग करने वाले एक व्यक्ति का आरोप है कि आमिर खान ने ”हिंदू कथानक पर आधारित फिल्म से अपने बेटे की शुरुआत की जो ब्रिटिश काल की एक घटना का हवाला दे कर साधुओं तथा वल्लभ संप्रदाय की गलत छवि पेश करती है.” उन्होंने कहा कि ऐसी सामग्री हिंदू युवा को सनातन धर्म से विमुख कर सकती है. सोशल मीडिया के एक अन्य उपयोगकर्ता का आरोप है कि जब हिंदुत्व और इस्लाम पर फिल्मों की बात आती है तो दोहरे मानक देखने को मिलते हैं.
फिल्म ”72 हूरें” और ”हमारे बारह” का संदर्भ देते हुए इस उपयोगकर्ता ने कहा ”महाराज फिल्म आपके देवी देवताओं और धर्म पर है तो आप प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं. जब यह दूसरे समुदाय पर होती तो इसके जरिये जितनी नफरत फैलाई जा सकती थी, वह फैलाई जाती.” उच्चतम न्यायालय ने अन्नू कपूर की फिल्म ‘हमारे बारह’ की रिलीज पर बृहस्पतिवार को रोक लगा दी. फिल्म 14 जून को रिलीज होनी थी. शीर्ष अदालत ने फिल्म पर इस्लामी आस्था और विवाहित मुस्लिम महिलाओं का अपमान करने के आरोपों पर संज्ञान लेते हुए इसके रिलीज पर रोक लगा दी.



