चंडीगढ़. दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के समर्थन में बुलायी गयी ‘महिला महापंचायत’ में शामिल होने के लिए समर्थकों के साथ राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ रहे हरियाणा के कई किसान नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. किसान संगठन ‘भारतीय किसान यूनियन’ (भाकियू-चढूनी) ने यह दावा किया.
‘महिला महापंचायत’ के मद्देनजर, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कई स्थानों पर पुलिस र्किमयों की भारी तैनाती के साथ अवरोधक लगा दिए गए है. हरियाणा में सुबह के वक्त कई किसान नेताओं को उनके घरों के अंदर हिरासत में रखा गया था.
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने सुबह अंबाला शहर के पास हरियाणा-पंजाब सीमा पर सैकड़ों किसानों को रोक दिया. उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी को कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया. संगठन ने दावा किया कि कुछ अन्य किसान नेताओं को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में पुलिस ने हिरासत में लिया है.
हिरासत में लिए जाने के बाद चढूनी ने एक वीडियो संदेश जारी कर किसानों से शांति-व्यवस्था बनाए रखने और सड़कों को अवरुद्ध नहीं करने की अपील की. चढूनी ने कहा, “यह गिरफ्तारी दिल्ली में महा पंचायत को विफल बनाने के उद्देश्य से की गई है.” उन्होंने अपने समर्थकों से कहा, “आप लोगों को सड़क जाम करने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन यदि रविवार शाम तक हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को नहीं छोड़ा जाता है तब आप अपना फैसला ले सकते हैं.”
गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई पहलवान पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख और सांसद बृज भूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं. पहलवानों का आरोप है कि सिंह ने कई महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न किया है. इसके बाद, कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने आंदोलन कर रहे पहलवानों को अपना समर्थन दिया.
अधिकारियों ने बताया कि सोनीपत, झज्जर, जींद, कुरुक्षेत्र, अंबाला, सिरसा और गुरुग्राम जिलों में बड़ी संख्या में पुलिसर्किमयों को तैनात किया गया है और हरियाणा में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की गहन जांच की जा रही है. भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रवक्ता सुखंिवदर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शनिवार देर रात कुछ किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया. वहीं, पुलिस ने रविवार को अंबाला में गुरुद्वारा मंजी साहिब के पास जीटी रोड पर कुछ किसानों को भी दिल्ली आने से रोक दिया.
महिला कार्यकर्ताओं सहित लगभग 200 किसान शनिवार रात से अंबाला में गुरुद्वारा मंजी साहिब में डेरा डाले हुए हैं, जिसके कारण गुरुद्वारा रोड के बाहर पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है. अंबाला के पुलिस अधीक्षक जशनदीप सिंह ने बताया कि दिल्ली में “महिला महापंचायत” आयोजित करने की कोई अनुमति नहीं दी गई है. पुलिस अधिकारी गुरुद्वारे पहुंचे और किसानों से कहा कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और यहां से चले जाएं.”
नए संसद भवन के उद्धाटन समारोह और पहलवानों द्वारा ‘महिला महापंचायत’ के आह्वान के मद्देनजर रविवार को लुटियंस दिल्ली के इलाकों में हजारों पुलिसर्किमयों को तैनात किया गया और अवरोधक लगाए गए. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार सुबह नए संसद भवन का उद्धाटन किया. पुलिस र्किमयों ने इस मौके पर चेक प्वाइंट पर अवरोधक लगा दिए और राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों की गहन जांच की गई. वहीं, हिसार में पुलिस ने कुछ किसानों को बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर उस समय हिरासत में लिया जब वे दिल्ली की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे.
पुलिस ने महिला महापंचायत में शामिल होने जा रहे सदानंद राजली, खाप नेता होशियार सिंह पंघाल, नरेश भयान, भाकियू (चढूनी) के हिसार जिला प्रमुख ढोला जवेरा और किसान नेता बलवान बेनिवाल सहित कई अन्य किसान नेताओं को हिरासत में लिया. वहीं, दिल्ली पुलिस ने रविवार को पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया को कानून व्यवस्था के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में ले लिया. उन्होंने संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश करते हुए सुरक्षा घेरा तोड़ा था. पहलवानों को हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस ने धरना स्थल से पहलवानों के चारपाई, गद्दे, कूलर, पंखे जैसा सभी सामान हटा दिया.
दिल्ली में प्रवेश से रोके जाने पर टिकैत के नेतृत्व में किसानों ने दिया धरना, गाजीपुर बॉर्डर बंद
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों को रविवार को दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर रोक दिया, क्योंकि वे राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे. नए संसद भवन के पास पहलवानों की ओर से आहूत प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए सैकड़ों की संख्या में किसान दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे.
जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे पहलवानों को नए संसद भवन के पास प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गयी है. ये पहलवान महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोप में भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं.
इस बीच, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया को दिल्ली पुलिस ने रविवार को सुरक्षा घेरा तोड़कर महिला ‘महापंचायत’ के लिए नए संसद भवन की ओर बढ.ने की कोशिश करने के बाद कानून और व्यवस्था के उल्लंघन के लिए हिरासत में ले लिया. शीर्ष पहलवानों ने 23 अप्रैल को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर अपना आंदोलन फिर से शुरू किया था.
कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले राकेश टिकैत ने भारी सुरक्षा वाले गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कहा, ”अन्य सभी किसानों को पुलिस द्वारा रोक दिया गया है. अभी हम यहीं बैठेंगे और तय करेंगे कि आगे क्या करना है.” बड़ी संख्या में पुलिसर्किमयों की मौजूदगी के बीच दिल्ली में प्रवेश करने के लिए बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने वाले किसानों और सुरक्षार्किमयों के बीच तीखी बहस हुई.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में किसानों के प्रवेश को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर अब गाजीपुर बॉर्डर को बंद कर दिया गया है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि आनंद विहार और आसपास के अन्य इलाकों में जाने वाले मार्गों पर जाम लग गया और यातायात में आवश्यक बदलाव किया गया है.
प्रदर्शनकारी पहलवानों द्वारा ‘महिला सम्मान महापंचायत’ के आ”ान के मद्देनजर दिल्ली की सीमाओं पर बैरिकेड और पुलिस चौकियों के साथ सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह के दिन कोई गड़बड़ी न हो. हर मार्ग पर, खासकर नयी दिल्ली क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात था.
इस बीच, दिल्ली के विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) दीपेंद्र पाठक ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी, रणनीतिक स्थानों और इसके सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापक और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है और यह सुनिश्चित करेगी कि कानून व्यवस्था बनी रहे.
पाठक ने कहा, ” नए संसद भवन के उद्घाटन में गड़बड़ी पैदा करने के किसी भी प्रयास से बहुत ही विनम्रता और दृढ.ता से निपटा जाएगा. मैं हमारे सम्मानित एथलीटों से अनुरोध करता हूं कि आज ऐसा कुछ भी न करें. ” दीपेंद्र पाठक ने यह भी कहा कि पुलिस इतने महत्वपूर्ण दिन पर किसी को भी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं होने देगी और किसी भी स्थिति से पेशेवर तरीके से निपटेगी.
पुलिस द्वारा वाहनों की जांच के साथ ही दिल्ली की सभी सीमाओं पर प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.