कभी दबाव में नहीं आए धनखड़, इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों से: रिश्तेदार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 22 Jul 2025 09:36 PM
कभी दबाव में नहीं आए धनखड़, इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों से: रिश्तेदार
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जयपुर. जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद उनके एक रिश्तेदार और वकील प्रवीण बलवदा ने मंगलवार को कहा कि धनखड़ कभी दबाव में नहीं आए और उन्होंने परिवार की बात मानते हुए संभवत? स्वास्थ्य कारणों से ही यह फैसला किया है.

बलवदा ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा,”राजनीतिक दबाव और इस तरह की कभी कोई बात रही नहीं. उन्होंने कभी किसी चीज का दबाव लिया ही नहीं. मैं उन्हें कॉलेज के दिनों से जानता हूं. मैंने उन्हें कभी दबाव में नहीं देखा.” बलवदा, धनखड़ की पत्नी के भाई हैं. उन्होंने कहा कि धनखड़ कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत से जूझ रहे थे.

बलवदा ने धनखड़ के बारे में कहा,”उन्हें स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत बहुत गंभीरता से काफी लंबे समय से थी. थोड़ी लापरवाही मान लीजिए. मार्च में उनके ‘स्टेंट’ डले थे. उसके बाद लगातार उन्हें निम्न रक्तदाब की लगातार दिक्कत आ रही थी.” उन्होंने कहा कि इस दौरान धनखड़ को कई बार चक्कर आने जैसी दिक्कतें भी आईं.

उन्होंने कहा,”मेरा मानना है कि स्वास्थ्य ज्यादा महत्व रखता है. वह (धनखड़) वैसे भी ज्यादा कामकाजी हैं इसलिए उन्हें लगा होगा कि वह अपने काम तथा स्वास्थ्य, दोनों के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे. यह भी (इस्तीफे का) बड़ा कारण रहा होगा.” बलवदा ने कहा कि जब धनखड़ को राज्यपाल बनाया गया था तब भी उनकी राज्यपाल बनने की बहुत ज्यादा इच्छा नहीं थी तथा वह सदा से ही अपने पेशे (वकालत) के लिए काम करना चाहते थे.

उन्होंने कहा, ”यह मानिए कि अब परिवार की बात उन्होंने मान ली है.” पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कांग्रेस नेताओं ने धनखड़ के इस्तीफे की वजह पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि वह दबाव में काम कर रहे थे. गहलोत ने कहा कि धनखड़ ने इस्तीफे के लिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, लेकिन लोगों को यह सच नहीं लग रहा है.

धनखड़ को कई भूमिकाओं में देश सेवा का अवसर मिला, उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना है: मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उप राष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद मंगलवार को कहा कि उन्हें कई भूमिकाओं में देश की सेवा का मौका मिला है और वह उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”श्री जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है. मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं.”

धनखड़ कुछ समय से बीमार थे, हालांकि राज्यसभा में दिखते थे ऊर्जावान

स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने वाले जगदीप धनखड़ कुछ समय से अस्वस्थ थे, हालांकि राज्यसभा की अध्यक्षता करते समय वह प्राय: ऊर्जावान और सक्रिय नजर आते थे. मार्च में उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कारणों से राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था. इसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी से बाहर की यात्राएं सीमित कर दी थीं.

जून में उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय के दौरे के दौरान धनखड़ मंच पर बेहोश हो गए थे. अधिकारियों ने तब बताया था कि उस दिन अत्यधिक गर्मी थी और जिस सभागार में कार्यक्रम चल रहा था वहां भी भीड़ थी. उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति बेहोश हुए थे, लेकिन उनके सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें तुरंत थाम लिया था.

इस महीने की शुरुआत में केरल दौरे के दौरान भी धनखड़ को उनकी पत्नी सुदेश और एक सहयोगी के सहारे चलते हुए देखा गया था.
धनखड़ 17 जुलाई को दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना द्वारा विकसित ‘वाटिका’ का दौरा करते समय भी अस्वस्थ महसूस करने लगे थे. तब उनकी पत्नी ने उन्हें पानी दिया. कुछ देर बाद वह सामान्य हुए.

धनखड़ ने सोमवार शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने इस्तीफे में कहा, ह्लस्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करते हुए, मैं संविधान के अनुच्छेद 67(क) के तहत भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं.ह्व चौहतर वर्षीय धनखड़ ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति पद का कार्यभार संभाला था और उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था. राज्यसभा के सभापति के रूप में उनका इस्तीफा संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन दिया गया.

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