कच्चातिवु द्वीप मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ आरोपों को दिग्विजय ने बताया ‘निराधार’

भोपाल. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधवार को कच्चातिवु द्वीप मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ आरोपों को ”निराधार” बताया. कच्चातिवु द्वीप के आसपास क्षेत्रीय और मछली पकड़ने के अधिकार पर दशकों पुराना विवाद लोकसभा चुनाव से पहले फिर चर्चा में है तथा (केंद्र में सत्तारूढ़) भाजपा और विपक्ष इस मुद्दे पर वाकयुद्ध में लगे हुए हैं. यह द्वीप भारत में रामेश्वरम और श्रीलंका के बीच स्थित है. सन् 1974 में, तत्कालीन केंद्र सरकार ने “भारत-श्रीलंका समुद्री समझौते” के तहत कच्चातिवु को श्रीलंकाई क्षेत्र के रूप में स्वीकार कर लिया था.

नरेन्द्र मोदी सरकार के इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि कांग्रेस ने यह द्वीप श्रीलंका को सौंप दिया था, सिंह ने संवाददाताओं से कहा, “मैं पूछना चाहता हूं कि क्या कच्चातिवु द्वीप पर कोई रह रहा है.” तत्कालीन कांग्रेस सरकार के फैसले के कारण मछुआरों के सामने आ रही समस्याओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”ये बिना किसी तथ्य के आधारहीन बातें हैं.” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस आरोप पर कि कांग्रेस ने आदिवासी समुदायों के लिए कुछ नहीं किया है, सिंह ने कहा, “वह जो कहना चाहते हैं, वह कहने के लिए स्वतंत्र हैं. लेकिन मुद्दा यह है कि भाजपा उन्हें (आदिवासियों को) अधिकार देने में पीछे क्यों है?”

कांग्रेस नेता ने पूछा कि भाजपा की राज्य सरकारों ने वन अधिकार अधिनियम, पेसा अधिनियम का पालन क्यों नहीं किया है और वे ग्राम समितियों (ग्राम सभाओं) को कोई अधिकार क्यों नहीं दे रही हैं? सिंह ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गयी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की भी निंदा की. उन्होंने कहा, “यह बेहद निंदनीय है कि निर्वाचित मुख्यमंत्रियों का इस तरह से अपमान किया जाता है.” केजरीवाल को ईडी ने आबकारी शुल्क नीति से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया गया है.

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