क्या कांग्रेस चाहती है कि राहुल गांधी को लोगों को गाली देने की पूरी आजादी हो: भाजपा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 23 Mar 2023 07:36 PM
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नयी दिल्ली/मुंबई. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर राहुल गांधी लोगों को ‘‘गाली’’ देते हैं तो कानून अपना काम करेगा. पार्टी ने मानहानि के एक मामले में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को दोषी ठहराए जाने पर प्रमुख विपक्षी दल की ओर से की गई आलोचना पर पलटवार करते हुए यह सवाल भी किया कि क्या कांग्रेस अपने नेता के लिए ‘‘पूरी आजादी’’ चाहती है ताकि वह दूसरों को ‘‘गाली’’ देते रहें.

भाजपा नेता और पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गांधी को मानहानिकारक टिप्पणी करने के खिलाफ आगाह किया और कहा कि अगर वह ऐसा करने से बाज नहीं आते हैं तो कांग्रेस नेता खुद को ‘‘और अधिक परेशानियों’’ का सामना करते पाएंगे. उन्होंने अदालत के आदेश पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि मामले की सुनवाई कर रहे कई न्यायाधीशों को बदल दिया गया था.

भाजपा नेता ने उन्हें जिम्मेदारीपूर्ण बयान देने की नसीहत देते हुए कहा, ‘‘खरगे एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष हैं और यह कहकर वह दर्शाना क्या चाहते हैं कि बार-बार न्यायाधीश को बदला गया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह (अदालत की) अवमानना का गंभीर मामला भी बनता है.’’ प्रसाद ने कहा कि खरगे की ओर से इस प्रकार की टिप्पणी किया जाना ‘‘पूरी तरह अनुचित’’ है. उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से जाहिर होता है कि पार्टी न्यायपालिका में विश्वास नहीं करती है.

इसके साथ ही उन्होंने पूछा, ‘‘क्या वह न्यायपालिका को भी अपनी जेब में रखना चाहती है.’’ गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘पहले न्यायाधीशों को बदला गया….हमको पहले से अंदाजा लग रहा था, लेकिन हम कानून और न्यायपालिका में विश्वास रखने वाले हैं और कानून के तहत लड़ेंगे.’’ बाद में उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कायर, तानाशाह भाजपा सरकार राहुल गांधी और विपक्ष से तिलमिलाई हुई है क्योंकि हम उनके काले कारनामों को उजागर कर रहे हैं. जेपीसी की मांग कर रहे हैं. राजनीतिक दिवालियेपन की शिकार मोदी सरकार, ईडी, पुलिस भेजती है. राजनीतिक भाषणों पर केस थोपती है.’’

यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जाएगा, प्रसाद ने कहा कि इस बारे में अध्यक्ष ओम बिरला को फैसला करना है. उन्होंने इस संबंध में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में किए गए प्रावधानों का हवाला भी दिया.
उल्लेखनीय है कि सूरत की एक अदालत ने ‘‘मोदी उपनाम’’ संबंधी टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें बृहस्पतिवार को दो साल कारावास की सजा सुनाई.

अदालत ने राहुल गांधी को जमानत भी दे दी और उनकी सजा पर 30 दिन की रोक लगा दी, ताकि कांग्रेस नेता उसके फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकें. भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

प्रसाद ने कहा कि गांधी ने अपनी टिप्पणियों से मोदी उपनाम वाले लोगों का अपमान किया है और यह बहुत ही अपमानजनक है. उन्होंने कहा कि फैसला सुनाए जाने से पहले उनके वकीलों ने अदालत के समक्ष दलीलें दीं. प्रसाद ने कहा कि उन्हें मामले में दोषी ठहराया गया है क्योंकि अदालत उनके बचाव में दी गई दलीलों से संतुष्ट नहीं थी. प्रसाद ने बताया कि कांग्रेस नेता के खिलाफ इसी तरह का एक मामला पटना की एक अदालत में भी विचाराधीन है, जिसे भाजपा नेता सुशील मोदी ने दायर किया है. प्रसाद ने गांधी पर लोगों की जाति का हवाला देकर उनका अपमान करने का आरोप लगाया.

सत्य और अहिंसा में विश्वास करने की गांधी की टिप्पणियों पर कटाक्ष करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पूछा कि क्या इसका मतलब लोगों को अपमानित करना और देश को जातिसूचक गाली देना है? उन्होंने कहा, ‘‘क्या कांग्रेस चाहती है कि राहुल गांधी को लोगों को गाली देने की पूरी आजादी हो? देश में कानून का राज है और यह कायम रहेगा.’’ प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का मानहानिकारक टिप्पणियां करने और निराधार आरोप लगाने का इतिहास रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘भारत के कानून में यह स्पष्ट है कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन को अपमानजनक बयानों, निंदनीय टिप्पणियों, गालियों या किसी भी अपमानजनक टिप्पणी के साथ बदनाम किया जाता है, तो न्याय मांगने का अधिकार है. लेकिन कांग्रेस पार्टी को आपत्ति है. वह राहुल गांधी को गालियां देने की पूरी आजादी चाहती है.’’ प्रसाद ने कहा कि देश को कमजोर करना और बदनाम करना गांधी का स्वभाव बन गया है और साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के खिलाफ ‘‘अनर्गल बातें’’ करना उनकी आदत बन गई है.

उन्होंने कहा कि गांधी के खिलाफ उनकी टिप्पणी को लेकर मानहानि के कई मामले दर्ज किए गए हैं. उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को आगाह करते हुए कहा, ‘‘और अगर आप बोलते रहेंगे तो आप और मुश्किल में पड़ जाएंगे.’’ उन्होंने सुझाव दिया कि कांग्रेस नेता उन्हें समझाएं कि ‘‘क्या कहना है और कैसे कहना है’’.

शिवसेना ने राहुल गांधी को सजा सुनाये जाने का स्वागत किया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे-नीत शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उपनाम पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सजा सुनाये जाने का बृहस्पतिवार को स्वागत किया और कहा कि वीर दामोदर सावरकर जैसी राष्ट्रीय हस्तियों का ‘अपमान’ करने और विदेश में देश की ‘छवि खराब’ करने के लिए भी उनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए. शिवसेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने कहा कि गांधी व्यक्तिगत टिप्पणियां करने के आदि हैं. म्हात्रे ने कहा, ‘‘वीर सावरकर जैसी राष्ट्रीय हस्तियों का अपमान करने और विदेश में देश की छवि खराब करने को लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए.’’

राहुल को सजा : राकांपा ने भाजपा से कहा, ‘बड़बोले’ देर-सबेर कानून की गिरफ्त में आएंगे

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकपा) ने बृहस्पतिवार को मानहानि के एक मामले में सुनाई गई दो साल की सजा को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भाजपा नेताओं द्वारा आलोचना को लेकर कहा कि यह नियम तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं पर भी लागू होता है क्योंकि कानून देर-सबेर ‘‘बड़बोलों’’ को गिरफ्त में लेगा.

राकांपा प्रवक्ता क्लाईड क्रास्टो ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा नेता कह रहे हैं कि राहुल गांधी को सूरत की अदालत द्वारा दी गई सजा से सबक सीखना चाहिए और बोलने से पहले अपने शब्दों का उचित चयन करना चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यही बात भाजपा के ‘बड़बोले’ नेताओं पर भी लागू होती है क्योंकि हमारी न्यायपालिका सर्वोच्च है और वह कभी न कभी ऐसे नेताओं को भी गिरफ्त में लेगी.’’

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