डोभाल ने जर्मनी के सुरक्षा एवं विदेश नीति सलाहकार से वार्ता की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 30 Mar 2022 08:03 PM
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भारत यात्रा पर आए जर्मनी के सुरक्षा एवं विदेश नीति सलाहकार जेन्स प्लॉटनर के साथ बुधवार को अलग अलग वार्ता की जो यूक्रेन में संघर्ष से उपजी भू-राजनीतिक उथल-पुथल के साथ- साथ अहम द्विपक्षीय मुद्दों से संबंधित रही. प्लॉटनर एक दिन के दौरे पर भारत आए हुए हैं और इसके बाद वह जापान जाएंगे.

जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ जर्मनी के चांसलर के विदेश एवं सुरक्षा नीति सलाहकार जेन्स प्लॉटनर से आज दोपहर मुलाकात की. जाहिर तौर पर, हमारी बातचीत यूक्रेन स्थिति के इर्द-गिर्द केंद्रित रही.’’ बातचीत से पहले, प्लॉटनर ने कहा कि विश्व को रूस के यूक्रेन पर हमले के भू-राजनीतिक नतीजों को समझना चाहिए और अगर इसे नहीं रोका गया तो इसके दुनिया के लिए बड़े परिणाम होंगे .
प्लॉटनर ने पत्रकारों से कहा कि जर्मनी यूक्रेन में फौरन संघर्ष विराम की कोशिश में है और वह पूर्वी यूरोपीय देश में संकट को लेकर अपने देश के दृष्टिकोण को साझा करने के लिए भारत आए हैं.

उन्होंने रूस पर पश्चिमी पाबंदियों के प्रभाव को सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया और रूसी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय नियमों का ‘‘खुल्लम खुल्ला और अकारण उल्लंघन’’ बताया. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्लॉटनर के साथ बातचीत के दौरान डोभाल ने अंतरराष्ट्रीय कानून और सभी राष्ट्रों की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के भारत के दृढ़ दृष्टिकोण पर जोर दिया.

उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने कई द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ अहम वैश्विक घटनाक्रम पर भी चर्चा की, जिनमें अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे. जर्मनी के चांसलर के सुरक्षा एवं विदेश नीति सलाहकार की दिल्ली यात्रा ऐसे वक्त हो रही है जब कई उच्च स्तरीय विदेशी गणमन्य व्यक्ति यूक्रेन संकट तथा अन्य क्षेत्रीय एवं बहुपक्षीय मुद्दों पर सलाह-मशविरे के लिए भारत की यात्रा कर रहे हैं.

एक सूत्र ने बताया, ‘‘ दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की मजबूत और लचीली तथा इसमें मौजूद पारस्परिक लाभ की अपार संभावनाओं की फिर से पुष्टि की.’’ सूत्रों ने बताया, ‘‘ वे इस बात पर सहमत हुए कि आगामी छठा अंतर सरकारी परामर्श दोनों पक्षों के नेतृत्व को बातचीत करने और द्विपक्षीय साझेदारी को तीव्र करने का मौका देगा.’’ उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने पारस्परिक हित के मुद्दों पर बातचीत करते रहने पर सहमति जताई.

By Yogesh Kumar Sahu