सत्येंद्र जैन के खिलाफ ईडी का मामला एक राजनीति षड्यंत्र है: आतिशी

ईडी ने बिना किसी समन के सीधे गिरफ्तार कर लिया : संजय सिंह ने न्यायालय से कहा

नयी दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पार्टी नेता सत्येन्द्र जैन के खिलाफ धनशोधन का मामला एक ”राजनीतिक साजिश” है और दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अपराध से अर्जित कोई भी आय बरामद किये बिना ”हवाला ऑपरेटर के बयानों पर भरोसा कर रहा है.” प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है.

जैन को तब झटका लगा था जब उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को धनशोधन मामले में उनकी नियमित जमानत खारिज कर दी और कहा कि ईडी द्वारा यह दिखाने के लिए पर्याप्त सामग्री एकत्र की गई है कि वह अपने दो सहयोगियों के साथ कथित अपराध के लिए प्रथम दृष्टया दोषी हैं.

दिल्ली की कैबिनेट मंत्री एवं आप नेता आतिशी ने एक बयान में कहा, “कल, उच्चतम न्यायालय ने जैन को जमानत देने से इनकार करने का फैसला किया. हम उच्चतम न्यायालय और कानून की उचित प्रक्रिया का सम्मान करते हैं, लेकिन सम्मानपूर्वक शीर्ष अदालत के फैसले से असहमत हैं. जिस मामले में वह जेल में बंद हैं वह पूरी तरह से झूठा है.” ईडी ने जैन को कथित तौर पर उनसे जुड़ी चार कंपनियों के माध्यम से धनशोधन के आरोप में 30 मई, 2022 को गिरफ्तार किया था.

आतिशी ने हालांकि, दावा किया कि जब उनके खिलाफ यह मामला बनाया गया था तो जैन उस समय सीमा के दौरान न तो निदेशक थे और न ही मालिक थे जबकि उनकी पत्नी के पास नगण्य ‘शेयर होल्डिंग’ थी. उन्होंने दावा किया, ”तो, कानून के अनुसार, अगर कंपनी ने इस दौरान कोई निर्णय लिया था, तो जैन और उनके परिवार का कोई भी सदस्य कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं हो सकता. उन्हें एक कंपनी के फैसले के लिए गिरफ्तार किया गया है, जिसमें वह न तो निदेशक थे, न ही अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता थे और न ही शेयरधारक थे. वह कंपनी द्वारा लिए गए किसी भी निर्णय के लिए बिल्कुल भी जिम्मेदार नहीं थे.”

दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा कि जैन के खिलाफ आरोप “पूरी तरह से कुछ कुख्यात हवाला ऑपरेटर द्वारा दिए गए बयानों पर आधारित थे.” उन्होंने आरोप लगाया, “विडंबना यह है कि ईडी ज्ञात हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से बयान देता है, लेकिन जैन से अपराध से अर्जित आय का एक भी रुपया बरामद किए बिना. ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन ज्ञात हवाला ऑपरेटर अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं.” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि “पूरा मामला एक राजनीतिक साजिश है.”

आतिशी ने आरोप लगाया कि जैन को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा, “यह आप और (दिल्ली के मुख्यमंत्री) अरविंद केजरीवाल के काम को रोकने की साजिश है. यह उस व्यक्ति को निशाना बनाने की साजिश है जिसने दिल्ली के लोगों को मुफ्त बिजली और मोहल्ला क्लीनिक जैसी सुविधाएं प्रदान की हैं.”

ईडी ने बिना किसी समन के सीधे गिरफ्तार कर लिया : संजय सिंह ने न्यायालय से कहा

दिल्ली आबकारी नीति ‘घोटाले’ से संबंधित धनशोधन के मामले में न्यायिक हिरासत में लिए गए आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजय सिंह ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में कहा कि उनकी गिरफ्तारी से पहले उन्हें कोई समन जारी नहीं किया गया था. सिंह के वकील ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गवाह दिनेश अरोड़ा द्वारा जुलाई 2023 में उनके खिलाफ दी गई गवाही के बाद उन्हें गिरफ्तार किया.

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ धनशोधन मामले मामले में संजय सिंह की गिरफ्तारी और हिरासत में भेजे जाने को चुनौती देने वाली आरोपी की याचिका पर दलीलें सुन रही थी. पीठ ने कहा कि वह इस मामले में दो अप्रैल को सुनवाई जारी रखेगी.

सिंह का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा, ” मेरा (संजय सिंह) नाम पहली बार 19 जुलाई, 2023 को किसी दिनेश अरोड़ा द्वारा लिया गया. इस तिथि से पहले, उन्हीं दिनेश अरोड़ा के नौ बयान थे जिनमें उन्होंने कभी मेरा नाम नहीं लिया.”अरोड़ा को अधीनस्थ अदालत ने माफी दे दी थी और मामले में सरकारी गवाह बना लिया था.

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि सिंह को कोई समन जारी नहीं किया गया और ईडी के अधिकारी सीधे उनके घर आए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. सिंह ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को भी चुनौती दी है जिसने उन्हें धनशोधन के मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया गया था. उच्च न्यायालय ने दोबारा राज्यसभा सदस्य चुने गए सिंह की जमानत अर्जी सात फरवरी को खारिज कर दी थी, लेकिन अधीनस्थ अदालत को सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया था. सिंह को इस मामले में पिछले साल चार अक्टूबर को ईडी ने गिरफ्तार किया था.

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