ईडी की कार्रवाई विधानसभा चुनावों में भाजपा की तय हार से ध्यान भटकाने का प्रयास: कांग्रेस

राहुल गांधी ने वही कहा है, जो बहुत सारे लोग सोच रहे थे: कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा ‘नेशनल हेराल्ड’ से संबंधित मामले में कुर्की की कार्रवाई किया जाना पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तय हार से ध्यान भटकाने का प्रयास है. पार्टी प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने यह कहा कि कोई भी एजेंसी भाजपा की हार को रोक नहीं सकती तथा इस तरह की ‘तुच्छ तरकीबों’ से कांग्रेस और विपक्षी दल झुकने वाले नहीं हैं.

ईडी ने मंगलवार को कहा कि इसने कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रर्वितत एवं नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र का स्वामित्व रखने वाली यंग इंडियन कंपनी के खिलाफ धन शोधन की अपनी जांच के तहत 751.9 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क की है. केंद्रीय जांच एजेंसी के बयान के अनुसार, समाचार पत्र के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) और इसकी होल्डिंग कंपनी यंग इंडियन के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक आदेश जारी किया गया था.

सिंघवी ने एक बयान में कहा, ”ईडी द्वारा एजेएल की संपत्तियों की कुर्की की खबरें इन विधानसभा चुनावों में निश्चित हार से ध्यान हटाने की उनकी हताशा को दिखाती हैं. उन्होंने यह भी कहा, ”पीएमएलए के तहत कार्रवाई केवल किसी मुख्य अपराध के परिणामस्वरूप हो सकती है. इस मामले में किसी भी अचल संपत्ति का कोई हस्तांतरण नहीं है, पैसों का कोई लेनदेन नहीं है…वास्तव में, ऐसा कोई शिकायतकर्ता नहीं है जिसने यह दावा किया हो कि उसे धोखा दिया गया है.” उन्होंने दावा किया, ”भाजपा का कोई भी गठबंधन सहयोगी-सीबीआई, ईडी या आयकर विभाग भाजपा की निश्चित आसन्न हार को नहीं रोक सकता.” सिंघवी ने कहा कि प्रतिशोध की ये तुच्छ तरकीबें कांग्रेस या विपक्ष को लड़ने से रोक नहीं सकती.

राहुल गांधी ने वही कहा है, जो बहुत सारे लोग सोच रहे थे: कांग्रेस

कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर ‘पनौती’ वाली जो टिप्पणी की है, वही बात क्रिकेट विश्वकप में भारतीय टीम की हार के बाद बहुत सारे लोग सोच रहे थे. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने हार के बाद प्रधानमंत्री मोदी की खिलाड़ियों से मुलाकात का वीडियो सामने आने के बाद यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री ‘मास्टर ऑफ ड्रामा’ (नाटक के उस्ताद) हैं.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को राजस्थान में एक चुनावी सभा में कहा कि ‘पीएम का मतलब पनौती मोदी’ है.
क्रिकेट विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की हार का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने इस शब्द (पनौती) का इस्तेमाल किया. मैच में भारतीय टीम की हार के बाद से सोशल मीडिया पर ‘पनौती’ शब्द ट्रेंड कर रहा है.

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच’एक्स’ पर पोस्ट किया, ”राहुल जी ने वही कहा, जो बहुत सारे लोग दो दिन से सोच रहे थे! विश्व कप फाइनल 140 करोड़ भारतीय नागरिकों के लिए गर्व का क्षण था और हम सभी इस ऐतिहासिक अवसर का इंतजार कर रहे थे, लेकिन वह अपने राजनीतिक लाभ के लिए इसे हथियाने के लिए बेताब थे.” उन्होंने कहा कि भाजपा वह आखिरी पार्टी होनी चाहिए, जो राजनीतिक शुचिता के बारे में बात करे.

वेणुगोपाल ने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी सहित ‘गोडसे भक्तों’, जिन्होंने नियमित रूप से पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी जी, सोनिया जी और राहुल जी को सबसे घिनौने अपशब्दों से अपमानित किया है, उन्हें कड़वे सच को पचाना मुश्किल हो रहा है.” रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दावा किया कि ‘मास्टर ऑफ ड्रामा’ की चेहरा बचाने की कवायद उल्टी पड़ गई है, क्योंकि भारत के युवा इन हताशापूर्ण हरकतों से मूर्ख नहीं बनेंगे.

बीआरएस ने विज्ञापन से आचार संहिता का उल्लंघन किया, निर्वाचन आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए: कांग्रेस

कांग्रेस ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से कुछ दिन पहले मंगलवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने उस पर निशाना साधते हुए एक विज्ञापन जारी किया है जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है क्योंकि इसके लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति नहीं ली गई.

पार्टी के वरिष्ठ नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग को इस पर रोक लगानी चाहिए और इसके लिए पार्टी की ओर से तत्काल आग्रह किया जा रहा है. उनके अनुसार, तेलंगाना की सत्तारूढ़ बीआरएस ने कांग्रेस को घोटालों से जुड़ी पार्टी बताते हुए एक भ्रामक ई-विज्ञापन जारी किया है और उसके लिए निर्वाचन आयोग की अनुमति नहीं ली गई.
उनका कहना था कि यह विज्ञापन, आचार संहिता और निर्वाचन आयोग के नियमों का उल्लंघन है.

सिंघवी ने दावा किया कि यह विज्ञापन इस बात का द्योतक है कि मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) और उनके परिवार के सदस्य बौखला गए हैं क्योंकि उन्हें सामने हार दिखाई दे रही है. उन्होंने दावा किया, ”केसीआर की माफिया शैली से तेलंगाना के मतदाता परिचित हो गए हैं.” उनके मुताबिक, विज्ञापन में भाजपा और केसीआर का गठबंधन स्पष्ट रूप से दिख रहा है क्योंकि कांग्रेस के लिए इसी प्रकार की भाषा भाजपा इस्तेमाल करती है.

सिंघवी ने कहा, ”हम निर्वाचन आयोग के पास अपनी याचिका तत्काल भेज रहे हैं. हम मांग करेंगे कि इस तरह का भ्रामक प्रचार रूके. हम आशा करते हैं कि आयोग कार्रवाई करेगा.” उन्होंने दावा किया कि अब तय हो गया है कि तेलंगाना में केसीआर की सरकार जा रही है.

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