नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भ्रष्टाचार के एक मामले की जांच के सिलसिले में छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों की आलोचना करने के लिए सोमवार को कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और दावा किया कि इससे भ्रष्टाचार से विपक्षी पार्टी के संबंध का संकेत मिलता है, क्योंकि वह हमेशा भ्रष्टाचारियों के साथ खड़ी रही है. भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार लोगों के कल्याण की अनदेखी करते हुए राज्य के साथ पार्टी के एक एटीएम की तरह व्यवहार कर रही है.
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘जांच एजेंसी अपना काम कर रही है और नए खुलासे कर रही है. और यह कांग्रेस है, जो भ्रष्ट साजिश की रिंग लीडर है, जो दर्द में है. इसके नेता भ्रष्टाचारियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए राज्य और दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन कर रहे हैं. यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि कांग्रेस इस भ्रष्टाचार से जुड़ी हुई है.’’ छत्तीसगढ़ में सोमवार को ईडी ने कोयला लेवी मामले में जारी जांच के तहत एक विधायक सहित कांग्रेस नेताओं से जुड़े परिसरों की तलाशी ली.
कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह प्रतिशोध एवं उत्पीड़न की राजनीति है, जिसके सामने वह झुकने वाली नहीं है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘पसंदीदा उद्योगपति’ गौतम अडाणी की जांच क्यों नहीं की जा रही है, जबकि उनके ‘गैरकानूनी कारनामे’ रोजाना सामने आ रहे हैं?
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह प्रतिशोध और उत्पीड़न की राजनीति है. हमारे अधिवेशन से तीन दिन पहले कई साथियों के यहां छापे मारे गए हैं. इस धमकी की राजनीति से हम झुकने वाले नहीं हैं.’’ रमेश ने कहा, ‘‘हमारा पूर्ण अधिवेशन होकर रहेगा. यह कार्रवाई हमारे लिए बूस्टर डोज है. हम डरने वाले नहीं हैं.’’ भाटिया ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने राज्य में नक्सलियों द्वारा मारे गए छत्तीसगढ़ पुलिस के दो जवानों को श्रद्धांजलि नहीं दी.
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया. कांग्रेस के संवाददाता सम्मेलन में इस पर कुछ नहीं कहा गया. यह पार्टी के नैतिक दिवालियेपन को दर्शाता है, क्योंकि वह केवल अपना खजाना भरने में रुचि रखती है.’’
‘नफरत की दुकान’: टाइटलर को ‘डेलीगेट’ बनाने पर भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया घृणा फैलाने का आरोप
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व सांसद जगदीश टाइटलर को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का ‘डेलीगेट’ (निर्वाचक मंडल का सदस्य) चुने जाने की सोमवार को ंिनदा की और कहा कि यह देश में विभाजन और अराजकता पैदा करने के विपक्षी दल के चरित्र को उजागर करता है. टाइटलर का नाम 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच समिति की रिपोर्ट में शामिल है. भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि कांग्रेस की कार्रवाई दिखाती है कि उसके नेता राहुल गांधी जिन्होंने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान ‘‘मोहब्बत की दुकान’’ की बात की थी, वास्तव में ‘‘नफरत की दुकान’’ खोल रहे हैं.
एआईसीसी डेलीगेट की सूची में टाइटलर का नाम आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर यह हमला बोला. उन्हें दिल्ली से एआईसीसी का डेलीगेट चुना गया है. भाटिया ने सवाल किया कि टाइटलर को एआईसीसी डेलीगेट के रूप में नियुक्त करके कांग्रेस क्या संदेश देना चाहती है? उन्होंने कहा, ‘‘1984 में सिख विरोधी दंगों के दौरान सबसे ज्यादा नफरत फैलाने वाले नेता को एआईसीसी का निर्वाचित सदस्य बनाया गया है. यह कहना गलत नहीं होगा कि ऐसे नेता कांग्रेस की रीढ़ हैं.’’ उन्होंने कहा कि जब गांधी की ‘‘भारत तोड़ो यात्रा’’ राष्ट्रीय राजधानी पहुंची, तो टाइटलर भी व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए मौजूद थे.
उन्होंने कहा, ‘‘यह दिखाता है कि राहुल गांधी और जगदीश टाइटलर दो शरीर, एक आत्मा हैं.’’ भाटिया ने कहा कि टाइटलर की ये सभी जिम्मेदारियां और नियुक्तियां दिखाती हैं कि ‘‘उनके बिना कांग्रेस की कोई पहचान नहीं’’ है.
‘‘भारत जोड़ो यात्रा’’ के दौरान नफरत के बाजार में प्यार की दुकान खोलने संबंधी गांधी की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधते हुए भाटिया ने कहा, ‘‘गांधी कहते रहे कि वह देश में नफरत के माहौल में ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलने आए हैं. अब टाइटलर की नियुक्ति के साथ, वह ‘नफरत की दुकान’ खोल रहे हैं.’’ कभी दिल्ली में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे टाइटलर का नाम सिख विरोधी दंगों की जांच करने वाले नानावती आयोग की एक रिपोर्ट में आया था.