नयी दिल्ली/बेरूत. दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में शुक्रवार शाम ईद-उल-फितर के चांद के दीदार हो गए और अब शनिवार को यह त्यौहार मनाया जाएगा. इस बाबत विभिन्न उलेमा (धर्म गुरुओं) ने ऐलान कर दिया. दिल्ली की फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने ‘‘पीटीआई-भाषा’’ से कहा कि शुक्रवार शाम दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा के कई शहरों, बिहार, राजस्थान और असम समेत कई स्थानों पर ईद का चांद सामान्य तौर पर सबने देखा है.
उन्होंने कहा, ‘‘लिहाजÞा शव्वाल (इस्लामी कलेंडर के 10वें) महीने का पहला दिन शनिवार को है. शव्वाल महीने के पहले दिन ईद का त्यौहार मनाया जाता है.’’ ईद के चांद के दीदार के बाद शुक्रवार को रमजÞान का पवित्र महीना खत्म हो गया. इस बार रमजÞान का महीना 29 दिन का रहा. हालांकि बीते दो साल में यह पवित्र महीना 30-30 दिन का था. इस्लामी कलेंडर के मुताबिक, एक महीने में 29 या 30 दिन होते हैं जो चांद दिखने पर निर्भर करता है.
वहीं जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने एक बयान में ऐलान किया, ‘‘ 21 अप्रैल 2023 जुमे (शुक्रवार) के रोजÞ माहे शव्वाल का चांद नजÞर आ गया है. लिहाजÞ ईद का त्यौहार शनिवार 22 अप्रैल को मनाया जाएगा.’’
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हर्षोल्लास से मनाई गई ईद, सूडान, तुर्की और सीरिया में गम का माहौल
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को ईद-उल-फितर के मौके पर मुसलमानों ने इबादत की और जश्न मनाया. हालांकि मुस्लिम बहुल देश सूडान में हिंसा भड़कने के कारण ईद के रंग में भंग पड़ गया जबकि दूसरे देशों में बेहतर भविष्य की उम्मीदों के बीच यह त्योहार आया है.
रमजान में रोजे रखने के बाद महीने के अंत में मुसलमान ईद-उल-फितर का त्योहार मनाते हैं. इस मौके पर घरों में खास पकवान बनते हैं और लोग एक दूसरे के घर जाते हैं. ईद-उल-फितर का त्योहार चांद दिखने पर मनाया जाता है. अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग दिन या समय पर ईद का चांद दिखाई देता है. सूडान की राजधानी खार्तूम में ईद के दिन भी बमबारी जारी रही.
अफ्रीकी देश सूडान में पिछले सप्ताह हिंसा भड़क गई थी, जिसके चलते लोगों को ईद के दिन भी घरों में कैद रहना पड़ा. ईद के मौके पर भी लोग खाने-पीने के सामान की किल्लत का सामना कर रहे हैं. हिंसा में सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं.
यरूशलम में, हजारों मुसलमान इस्लाम के अनुसार तीसरे सबसे पवित्र स्थल अल-अकसा मस्जिद में एकत्र हुए, जहां पिछले महीने फलस्तीनियों और इजराइली अधिकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं. मस्जिद के पास ही यहूदी समुदाय का सबसे पवित्र स्थल ‘वेंिलग वॉल’ भी स्थित है. सीरिया की राजधानी दमिश्क, ईराक की राजधानी बगदाद और लेबनान की राजधानी बेरूत में भी लोगों ने मस्जिदों और मदरसों में नमाज अदा की. सुबह की नमाज के बाद लोगों ने कब्रिस्तान जाकर अपने प्रियजनों को याद किया.
बगदाद में आजमिया कब्रिस्तान में अतीर मोहम्मद नामक व्यक्ति ने कहा, ‘‘ईद की नमाज के बाद हम हमेशा अपने दिवंगत प्रियजनों को याद करते हैं. अल्लाह इस मुकद्दस दिन उनकी मगफिरत फरमाए.’’ इस साल, सऊदी अरब और कई अन्य अरब देशों ने शुक्रवार को ईद मनाई जबकि ईरान, पाकिस्तान और इंडोनेशिया में शनिवार को त्योहार मनाया जाएगा.
यमन में सऊदी अरब और ईरान के बीच सुलह से गृह युद्ध के अंत की उम्मीदें बढ़ गई हैं. 2014 में यमन में सऊदी अरब और ईरान के बीच छद्म युद्ध छिड़ गया था, जिसके चलते यह गरीब देश अलग-थलग पड़ गया. सऊदी अधिकारियों और ईरान सर्मिथत हूती विद्रोहियों के बीच हाल में यमन की राजधानी सना में वार्ता शुरू हुई है. रमजान के अंतिम दिनों में दोनों ओर से सैंकड़ों कैदियों की अदला-बदली की गई.
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में 35 वर्षीय अब्दुल मतीन ने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि सुरक्षा के अलावा हमारे पास अच्छी आय और अच्छी नौकरियां हों. दुर्भाग्य से लोग इस कठिन समय में अपनी जरूरतों का सामान भी नहीं खरीद पा रहे.’’ तुर्किये और सीरिया में छह फरवरी को आए विनाशकारी 7.8 तीव्रता के भूकंप में 50 हजार से अधिक लोग मारे गए. लिहाजा दोनों देशों में अपने प्रियजनों को खोने वाले लोग हर बार की तरह इस बार ईद का जश्न नहीं मना पाए.
तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने शुक्रवार को इस्तांबुल में छठी शताब्दी के बाइजनटाइन गिरजाघर हागिया सोफिया में ईद की नमाज अदा की. हागिया सोफिया को तीन साल पहले गिरजाघर से मस्जिद में तब्दील कर दिया गया था.