
नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता और कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने बिहार के मतदाताओं के साथ न्याय नहीं किया है क्योंकि उसने बड़ी संख्या में गरीब मतदाताओं और राज्य के बाहर नौकरी कर रहे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए हैं.
उन्होंने दावा किया कि आयोग ने खुद यह स्वीकार किया है कि ”कुछ न कुछ गड़बड़” हुई , जिसके बाद वह मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कर रहा है. कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिवकुमार कांग्रेस के ”वोट चोर, गद्दी छोड़” अभियान के तहत राज्य से एकत्र किए गए 1.12 करोड़ हस्ताक्षर पार्टी आलाकमान को सौंपने के लिए यहां आए थे.
उन्होंने आरोप लगाया, ”निर्वाचन आयोग ने बिहार के मतदाताओं के साथ न्याय नहीं किया है.” शिवकुमार ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर गरीबों और नौकरी की तलाश में बिहार से बाहर जाने वालों के नाम हटा दिए गए.
हालांकि, शिवकुमार ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या उन्होंने कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने का मुद्दा पार्टी आलाकमान के समक्ष उठाया है. उन्होंने कहा, “मैं यहां राजनीति पर बोलने नहीं आया हूं. मैं यहां लोकतंत्र बचाने, वोट बचाने आया हूं. मैं कोई राजनीतिक जवाब नहीं देना चाहता.”



