इंजीनियर रशीद की पार्टी भाजपा का ‘छद्म’ संगठन : महबूबा

अनंतनाग. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने जेल में बंद शेख अब्दुल रशीद की ‘अवामी इत्तेहाद पार्टी’ (एआईपी) पर भाजपा की ‘छद्म’ पार्टी होने का सोमवार को आरोप लगाया और चेतावनी दी कि जम्मू कश्मीर ऐसे दलों के प्रभाव में नहीं आएगा. शोपियां के बालपोरा इलाके में, एआईपी के कार्यकर्ताओं के कथित हमले में दक्षिण कश्मीर की शोपियां विधानसभा सीट से पीडीपी उम्मीदवार यावर शफी बंदे के घायल होने के एक दिन बाद रशीद ने यह टिप्पणी की. रशीद को इंजीनियर रशीद के नाम से जाना जाता है.

महबूबा ने अनंतनाग जिले के खानाबल इलाके में संवाददाताओं से कहा, ”हमारे उम्मीदवार अपने क्षेत्र में जा रहे थे, तभी एआईपी के कुछ कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया. यहां तक कि हमारे उम्मीदवार यावर बंदे को पीटा गया और वह जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं. उनकी पसलियां टूट गई हैं और उनकी हालत गंभीर है.” रशीद ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉंफ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को इस साल हुए लोकसभा चुनाव में बारामुला सीट पर हराया था.

महबूबा ने कहा, ”रशीद जेल में हैं. (पीडीपी संस्थापक) मुफ्ती (मोहम्मद सईद) को पार्टी खड़ी करने में 50 साल लग गए. हर सीट पर उम्मीदवार उतारने के लिए हमारे पास अब भी संसाधन नहीं हैं. उनके (इंजीनियर के) संगठन के पीछे कौन है क्योंकि उनके उम्मीदवार हर जगह उतारे जा रहे हैं, पैसा कहां से आ रहा है? गुंडागर्दी करने का साहस उन्हें कहां से मिल रहा है?” पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार ने एआईपी जैसी नयी छद्म पार्टियां खड़ी की हैं.

उन्होंने कहा, ”मैं सरकार से पूछना चाहती हूं कि जब आपकी सभी छ्दम पार्टियां नाकाम हो गई हैं तो क्या आप फिर से एक छद्म पार्टी लाए है? आप इंजीनियर रशीद की पार्टी को सामने लाए और आप उन्हें पैसों तथा हर चीज से मदद कर रहे हैं, फिर हमें साफ-साफ बताएं कि क्या अन्य दलों को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए.” पीडीपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को हर जगह निशाना बनाया जा रहा है.

उन्होंने सवाल किया, ”यदि पीडीपी कार्यकर्ताओं ने ऐसा कुछ किया होता, तो पूरी पीडीपी जेल में होती.” उन्होंने जम्मू कश्मीर की अवाम को आगाह किया कि वे छ्द्म पार्टियों के प्रभाव में न आएं. महबूबा ने कहा, ”ये सभी पार्टियां निर्दलीय उम्मीदवारों की आड़ में, एआईपी की आड़ में निश्चित रूप से कहीं से धन प्राप्त कर रही हैं. उन्हें ऐसे संसाधन कहां से मिल रहे हैं? लोगों को इस बारे में सोचना होगा.” उन्होंने आरोप लगाया कि जब संसदीय चुनावों में अन्य ‘छद्म’ पार्टियां विफल हो गईं, तो सरकार नयी ”छद्म पार्टियां” के साथ आई है.

जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष वकार रसूल वानी की यह कथित टिप्पणी कि नेशनल कॉंफ्रेंस ने लोगों का ”खून चूसा है” के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि नेकां और कांग्रेस के बीच गठबंधन सिद्धांतों पर आधारित नहीं है. उन्होंने दावा किया, ”सरकार बनाने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं, उनके कोई सिद्धांत नहीं हैं. नेकां ने हर जगह कांग्रेस के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार उतारे हैं.”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button