
मुंबई. मराठा समुदाय को आरक्षण के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर उनकी हत्या कराने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि वह मुंबई तक मार्च करेंगे और भाजपा नेता के आवास के बाहर प्रदर्शन करेंगे. जरांगे ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी में एक घंटे से अधिक के अपने भाषण के अंत में यह घोषणा की. उन्होंने फडणवीस पर कई आरोप भी लगाए.
बाद में, जरांगे के बयान के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा, ”उन्होंने क्या कहा है, मैंने नहीं सुना है.” जरांगे ने कहा, ”कुछ लोगों को प्रलोभन दिया जा रहा और मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए उन पर दबाव डाला जा रहा. इन साजिशों के पीछे फडणवीस का हाथ है. मैं इसी वक्त सागर बंगला (मुंबई के मालाबार हिल में फडणवीस का आधिकारिक आवास) तक मार्च करने के लिए तैयार हूं.” उनकी इस घोषणा से सभा स्थल पर अफरा-तफरी मच गई, जहां जरांगे के समर्थक बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे. यहां तक कि उनमें से कुछ ने माइक्रोफोन छीनने की कोशिश की.
जरांगे ने कहा कि वह अकेले मुंबई मार्च करेंगे और उन्हें सभी लोगों से केवल समर्थन की जरूरत है. उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र विधानसभा में 20 फरवरी को मराठा कोटा विधेयक पारित हो जाने के बाद उनके खिलाफ आरोप लगाये गए. उन्होंने कहा, ”इन लोगों को मेरी तथाकथित गलतियों का अब जाकर कैसे एहसास हुआ और उनके बारे में बोलना शुरू किया है.” जरांगे ने ”फडणवीस की ‘ब्राह्मणवादी चालों’ के बारे में भी बात की और यह भी कहा कि उनके आरोप ‘सभी ब्राह्मणों’ के खिलाफ नहीं हैं.”
उन्होंने एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से कहा, ”फडणवीस को यह पसंद नहीं कि कोई उनसे ज्यादा लोकप्रिय हो. फडणवीस के कारण ही मराठा आरक्षण समर्थकों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के बावजूद उनके खिलाफ पुलिस शिकायतें दर्ज की गईं. अदालत ने हमें शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करने की इजाजत दी है. फिर पुलिस में शिकायत क्यों दर्ज की गई.”
उन्होंने आरोप लगाया, ”मैं मराठों को ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी में शामिल करने और कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने की अपनी मांग से पीछे नहीं हट रहा हूं. ‘सलाइन’ के जरिये जहर देकर मुझे खत्म करने की योजना थी. यह सरकार राजनीतिक चालों के जरिये प्रमुख समुदायों को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है.” वहीं, भाजपा विधायक नितेश राणे ने पलटवार करते हुए जरांगे को चेतावनी दी कि उन्हें फडणवीस तक पहुंचने के लिए ”पार्टी कार्यकर्ताओं की विशाल दीवार” को पार करना होगा. उन्होंने दावा किया कि जरांगे अब एक ‘पटकथा’ पढ़ रहे हैं.
राणे ने कहा, ”उन्हें राजनीति में आना चाहिये, लेकिन फडणवीस के खिलाफ आरोप लगाने के लिए इस निम्न स्तर तक नहीं जाना चाहिए.” भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि जरांगे का ‘असली चेहरा’ अब सबके सामने है. भातखलकर ने कहा, ”महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय को 10 प्रतिशत आरक्षण (20 फरवरी को विधानमंडल में पारित एक विधेयक के जरिये) दिया है. वह विरोध क्यों जारी रखे हुए हैं? फडणवीस पांच साल तक मुख्यमंत्री थे और हर कोई उन्हें जानता है. जरांगे के आरोपों से उनकी छवि खराब नहीं होने जा रही है.” भाजपा की मुंबई इकाई के प्रमुख आशीष शेलार ने कहा कि फडणवीस के खिलाफ इस तरह से निंदनीय तरीके से बोलने वाले किसी भी व्यक्ति को अवश्य ही सावधान रहना चाहिए.
उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे सरकार ने मराठा समुदाय को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है और भाजपा ने हमेशा इस कदम का समर्थन किया है. जरांगे की मुंबई तक मार्च करने की योजना पर शेलार ने कहा,”हर किसी को मुंबई आने का अधिकार है. असल में, उन्हें यहां एक बैठक में आमंत्रित किया गया है. हालांकि, भाजपा उनके विरोध प्रदर्शन से उत्पन्न किसी भी राजनीतिक चुनौती का सामना करने में सक्षम है.”



