अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को पीओके में मानवाधिकारों के उल्लंघन का संज्ञान लेना चाहिए: राजनाथ

संबलपुर/क्योंझर/खुर्दा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीआके) में मानवाधिकारों के उल्लंघन का संज्ञान लेना चाहिए. ओडिशा के खुर्दा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “पीओके में मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है… अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एजेंसियों को पीओके में हो रही घटनाओं का संज्ञान लेना चाहिए.” उन्होंने कहा कि पीओके के लोग अब पाकिस्तानी प्रशासन के अधीन रहने के बजाय भारत में शामिल होना चाहते हैं.

सिंह ने कहा, “मैंने पूर्व में कहा था कि हमें किसी पर हमला करने की जरूरत नहीं है, वे खुद आ जाएंगे. दो दिन पहले, मैंने एक वीडियो देखा था जिसमें पीओके के लोग पाकिस्तानी ध्वज-स्तंभ को उखाड़ते हुए दिख रहे थे.” उन्होंने कहा, ”पीओके भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा.” रक्षा मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर राजग शासन के तहत आतंकवाद ‘शून्य’ हो गया है, जबकि पिछले संप्रग शासन के तहत अनेक आतंकी हमले हुए थे.

उन्होंने कहा, “2008 में, हमारे आईपीएस अधिकारी मुंबई (26/11 हमले) में गोलियों का शिकार हो गए… तत्कालीन कांग्रेस सरकार क्या कर रही थी? लेकिन अब, कोई भी भारत पर हमला करने की हिम्मत नहीं करता. लोगों ने न केवल देश के भीतर, बल्कि सीमा पार भी आतंकवाद को खत्म करने की भारत की क्षमता को समझा है.” रक्षा मंत्री ने कहा, “हालांकि, हमने कभी भी किसी देश पर हमला नहीं किया है या किसी अन्य देश की एक इंच जमीन पर कब्जा करने की कोशिश नहीं की है. लेकिन पाकिस्तान ने हमेशा हमारे देश में अशांति पैदा करने की कोशिश की.” सिंह ने संबलपुर लोकसभा सीट के रायराखोल और क्योंझर संसदीय क्षेत्र के पताना में दो अन्य रैलियों को भी संबोधित किया.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस धर्म के आधार पर आरक्षण का वादा करके लोगों को गुमराह कर रही है जो संविधान के अनुसार स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा, “इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने दो विश्वविद्यालयों में दिए गए ऐसे आरक्षण को खारिज कर दिया था.” यह उल्लेख करते हुए कि मोदी सरकार ने ‘तीन तलाक’ को समाप्त कर दिया है, उन्होंने कहा कि भाजपा वोटों के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए राजनीति करती है.

सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के 50 साल के शासन और बीजद के 24 साल के शासन के दौरान ओडिशा पिछड़ा रहा. उन्होंने कहा, “जवाहर लाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह तक, सभी देश से गरीबी खत्म करने में विफल रहे. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है.” रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 10 वर्षों के दौरान भारत के गरीब लोगों को पक्का घर, घरों में पाइप से पानी, मुफ्त रसोई गैस, मुफ्त खाद्यान्न, शौचालय और कई अन्य सुविधाएं प्रदान की हैं.

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने वादे के मुताबिक अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण सुनिश्चित किया, जिससे आलोचक चुप हो गए. सिंह ने कहा, ”राम लला अपने मंदिर में आ गए हैं, अब भारत में राम राज्य स्थापित होगा.” सिंह ने लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाली आयुष्मान भारत योजना को लागू नहीं करने को लेकर ओडिशा की बीजू जनता दल (बीजद) सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा, “सत्ता में आने पर भाजपा सरकार ओडिशा के लोगों को आयुष्मान भारत कार्ड जारी करेगी.” रक्षा मंत्री ने रत्न भंडार (भगवान जगन्नाथ का खजाना) का मुद्दा भी उठाया और चाबियां गायब होने के लिए ओडिशा की बीजद सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, “ओडिशा में सरकार बनने के बाद भाजपा पुरी मंदिर में भगवान जगन्नाथ का रत्न भंडार खोलेगी.”

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