महादेव ऐप मामले में मेरे खिलाफ प्राथमिकी राजनीति से प्रेरित, भाजपा को चुनाव में हार की आशंका: बघेल

रायपुर. छत्तीसगढ. के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को कहा कि राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी राजनीति से प्रेरित है और ऐसा उनकी छवि धूमिल करने के लिए किया गया है, क्योंकि भाजपा को आगामी लोकसभा चुनाव में भारी नुकसान की आशंका है. कांग्रेस विधायक बघेल को पार्टी ने राजनांदगांव लोकसभा सीट से मैदान में उतारा है.

ईओडब्ल्यू ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर कथित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले में बघेल और अन्य के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है. बघेल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “ईओडब्ल्यू ने 4 मार्च को प्राथमिकी दर्ज की थी, फिर इसे अपनी वेबसाइट पर अपलोड करके सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? एक समाचारपत्र में इस पर खबर छपने के बाद रविवार को प्राथमिकी सार्वजनिक की गई.”

उन्होंने आरोप लगाया, ”प्राथमिकी की प्रति में, मेरे नाम का उल्लेख छठे स्थान पर आरोपी के रूप में किया गया है. प्राथमिकी की सामग्री, जिसमें ऐप के प्रमोटर के नामों का उल्लेख किया गया है, उसमें मेरा नाम नहीं है. प्राथमिकी राजनीति से प्रेरित है, मुझे जानबूझकर दबाव में फंसाया गया है. यह राजनीतिक प्रतिशोध के कारण किया गया है.” बघेल ने कहा कि उनकी सरकार ने 2022 से महादेव ऐप के संबंध में 72 प्राथमिकी दर्ज की थी और लगभग 450 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में (2018 और 2023 के बीच) राज्य में जुआ रोधी कानूनों को और अधिक सख्त बनाया गया था.

उन्होंने कहा कि राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने महादेव सट्टेबाजी ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ एक ‘लुकआउट सर्कुलर’ जारी किया था और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी थी. बघेल ने कहा, ”उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया और पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान, शुभम सोनी की ‘एंट्री’ के साथ कहानी में एक मोड़ लाया गया. तब तक ऐप के केवल दो प्रमोटर थे, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल. अचानक सोनी का वीडियो भाजपा कार्यालय से जारी किया गया था, ईडी कार्यालय से नहीं, जिसमें सोनी का दावा है कि वह ऐप का प्रमोटर है.”

बघेल ने आरोप लगाया, ”उसके बाद एक व्यक्ति असीम दास असीम को एक कार में भारी नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया. उसके कब्जे से जब्त चार पहिया वाहन भाजपा नेता अमर अग्रवाल (अब एक विधायक और पूर्व मंत्री) के भाई का था. मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे के साथ दास की तस्वीरें सामने आईं.” बघेल ने दावा किया कि महादेव ऐप अभी भी चालू है और सवाल किया कि क्या यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी और विष्णु देव साय सरकार का सुशासन है.

उन्होंने कहा, ”महादेव ऐप के प्रमोटर्स को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया. क्या कोई ‘डील’ हुई है? मुझे राजनांदगांव से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद भाजपा को राजनांदगांव के साथ-साथ पूरे राज्य में भारी नुकसान की आशंका है. इसलिए चुनाव को प्रभावित करने के लिए मुझे महादेव ऐप मामले में फंसाया गया.” उन्होंने कहा, ”मैं न तो डरता हूं और न ही ऐसे कदमों से पीछे हटूंगा.” उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी बॉण्ड के बारे में जो विवरण सामने आया है, उससे पता चलता है कि भाजपा को अधिकतम चंदा ‘फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स र्सिवस’ कंपनी द्वारा दिया गया था.

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