
अहमदाबाद. गुजरात पुलिस ने पांच अक्टूबर से यहां नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में शुरू हो रहे क्रिकेट विश्व कप को ”विश्व आतंक कप” में बदलने की धमकी देने के लिए प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.
अहमदाबाद पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने प्राथमिकी में कहा कि पन्नू ने किसी विदेशी नंबर से पहले से रिकॉर्ड किए संदेश के जरिए देश के लोगों को धमकी दी. साइबर अपराध शाखा के उप निरीक्षक एच.एन. प्रजापति द्वारा दर्ज करायी गई शिकायत में कहा गया है कि उनके संज्ञान में आया है कि कई लोगों को फोन नंबर +447418343648 से पहले से रिकॉर्ड धमकी भरा संदेश मिला है. प्राथमिकी में कहा गया है कि जिन-जिन लोगों को यह संदेश मिला है उनमें से कई ने विभिन्न माध्यमों के जरिए पुलिस को इसकी शिकायत की है.
अहमदाबाद साइबर अपराध शाखा के सहायक आयुक्त जीतू यादव ने प्राथमिकी को उद्धृत करते हुए बताया, “मोबाइल फोन उपयोगकर्ता के कॉल उठाने के बाद बजने वाले पहले से रिकॉर्ड किए गए संदेश में कहा गया कि पांच अक्टूबर को क्रिकेट विश्व कप की शुरुआत नहीं होगी, बल्कि ‘विश्व आतंक कप’ की शुरुआत होगी. सिख्स फॉर जस्टिस खालिस्तानी झंडों के साथ अहमदाबाद में धावा बोलने जा रहा है.”
प्राथमिकी में संदेश के हवाले से कहा गया है, ”हम शहीद निज्जर की हत्या का बदला लेंगे. हम आपकी गोलियों का जवाब मतपत्रों से देंगे. हम आपकी हिंसा का जवाब वोट से देंगे. पांच अक्टूबर याद रखिएगा, यह क्रिकेट विश्व कप नहीं बल्कि विश्व आतंक कप की शुरुआत होगी…गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से संदेश.” प्राथमिकी के अनुसार, गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत सरकार ने आतंकवादी घोषित किया हुआ है और वह विदेश से सिख्स फॉर जस्टिस नामक संगठन चला रहा है.
प्राथमिकी में कहा गया है कि पन्नू सिखों और देश के अन्य समुदायों के बीच डर एवं शत्रुता पैदा करने की कोशिश कर रहा है और वह देश में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है. पहले भी वह खासतौर से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर ऐसी कुख्यात गतिविधियों में शामिल रहा है. क्रिकेट विश्व कप पांच अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में शुरू होगा.
पुलिस ने कहा कि इस संदेश को भेजने वाले पन्नू और उसके अज्ञात सहयोगियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 121-ए (राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचना) 153ए (धर्म, नस्ल आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ.ावा देना) और 153बी (विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ.ावा देने वाले बयान देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है. एसीपी यादव ने कहा कि उन पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम या यूएपीए की संबंधित धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.
यादव ने यहां संवाददाताओं को बताया, “उद्घाटन क्रिकेट मैच क्योंकि अहमदाबाद में होगा, इसलिए ज्यादातर शहरवासियों को यह कॉल दो दिन पहले ही आई थी. एक बार जब आप कॉल उठाते हैं, तो वह पहले से रिकॉर्ड किया गया संदेश सुनाई देता है. अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. चूंकि पन्नू एक विदेशी नागरिक है, इसलिए हम उसकी हिरासत सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया शुरू करेंगे. हम केंद्रीय एजेंसियों से भी मदद लेंगे.” यादव ने कहा कि विशेष रूप से, खालिस्तान समर्थक समूह द्वारा स्टेडियम पर धावा बोलने की धमकी वाला ऐसा संदेश यहां मार्च में भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट मैच से पहले भी जारी किया गया था.
यादव ने कहा, उस समय साइबर अपराध शाखा ने ‘सिमबॉक्स’ नामक उपकरण का उपयोग करके थोक में ऐसे पूर्व-रिकॉर्ड किए गए संदेश भेजने में कथित संलिप्तता के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से सात लोगों को गिरफ्तार किया था. पन्नू ने कनाडा में 18 जून को खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की कथित हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक गतिरोध के बाद यह धमकी भरा संदेश दिया है.



