
नयी दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने असम, केरल और पुडुचेरी में नौ अप्रैल के लिए निर्धारित चुनावों में उपयोग की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोंिटग मशीनों (ईवीएम) और पेपर ट्रेल उपकरणों को यादृच्छिक (रैंडम) तरीके से अलग-अलग मतदान केंद्रों पर भेजने का पहला चरण पूरा कर लिया है।
मतदाताओं और राजनीतिक दलों का भरोसा बढ़ाने तथा पारर्दिशता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग मतदान वाले राज्य में ईवीएम और मतदाता सत्यापित पेपर आॅडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों को विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में यादृच्छिक तरीके से वितरित करता है।
ईवीएम को दो-चरणीय यादृच्छीकरण प्रक्रिया के माध्यम से उनके संबंधित मतदान केंद्रों को आवंटित किया जाता है। पहले चरण में ईवीएम को जिला स्तर के गोदामों से विधानसभा क्षेत्रों को यादृच्छिक तरीके से आवंटित किया जाता है। दूसरे चरण में ईवीएम को विधानसभा स्तर से मतदान केंद्रों को यादृच्छिक तरीके से आवंटित किया जाता है।
भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा उपचुनावों के लिए गोवा, कर्नाटक, नगालैंड और त्रिपुरा में भी ईवीएम का यादृच्छीकरण पूरा कर लिया गया है। आयोग ने कहा कि यादृच्छिक तरीके से भेजी गयी ईवीएम की सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा कर दी गई है।



