फिटनेस के लिहाज से हम अभी उस स्थिति में नहीं हैं जहां हम होना चाहते हैं: टी20 विश्व कप पर गंभीर

व्यक्तिगत प्रदर्शन की सराहना की जा सकती है लेकिन श्रृंखला हारने का जश्न नहीं मनाया जा सकता: गंभीर

नयी दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप की तैयारियों के मामले में अभी उस स्थिति में नहीं है जहां वह पहुंचना चाहती है लेकिन उन्होंने इसके साथ ही कहा कि इस मुकाम पर पहुंचने के लिए टीम के पास अभी पर्याप्त समय है.

गंभीर ने ‘बीसीसीआई डॉट टीवी’ से बातचीत में फिटनेस के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस को अगले स्तर पर ले जाने की ज.रूरत है क्योंकि खिताब बचाने की तैयारी भारत घरेलू मैदान पर कर रहा है. उन्होंने कहा, ”यह एक ऐसा ड्रेसिंग रूम है जहां बहुत अधिक पारर्दिशता और ईमानदारी है. हम चाहते हैं कि यह ड्रेसिंग रूम आगे भी ऐसा ही बना रहे.” उन्होंने कहा, ” फिटनेस के नजरिए से मुझे लगता है कि टी20 विश्व कप से पहले हम अभी उस मुकाम पर नहीं पहुंचे हैं जहां पहुंचना चाहते हैं. यही बात हमने खिलाड़ियों से भी की है. हम पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त रहना चाहते हैं. हम फिट रहना चाहते हैं. हम तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं.

भारतीय कोच ने कहा, ”हम जितने ज्यादा फिट होंगे, मानसिक रूप से उतने ही मजबूत होंगे. क्योंकि दबाव वाले मैच और दबाव वाली स्थिति में आप जितने ज्यादा शारीरिक रूप से मजबूत होंगे, मानसिक रूप से भी उतने ही मजबूत होंगे. हमारे पास अभी भी तीन महीने हैं.” टी20 विश्व कप अगले साल फरवरी-मार्च में भारत और श्रीलंका में खेला जाएगा. भारत इस प्रतियोगिता का मौजूदा चैंपियन है.
गंभीर ने हाल ही में भारत के एशिया कप के विजयी अभियान के दौरान पावरप्ले में जसप्रीत बुमराह से तीन ओवर कराने के पीछे के तर्क पर भी बात की.

उन्होंने कहा, ”बहुत से लोग इस टी20 टीम को एक बेहद आक्रामक बल्लेबाजी क्रम के रूप में देखते हैं. मेरे हिसाब से, पहले छह ओवरों में जसप्रीत बुमराह से तीन ओवर गेंदबाजी कराना और भी आक्रामक विकल्प था. हम ऐसी टीम नहीं बनना चाहते जिसकी पहचान सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी क्रम हो. हम एक ऐसी टीम बनना चाहते हैं जो कुल मिलाकर एक आक्रामक टीम के रूप में जानी जाए.” उन्होंने कहा, ” हम इस विकल्प को आजमा कर परखना चाहते थे कि इससे हमें भविष्य में क्या परिणाम मिल सकते हैं. मुझे लगता है कि एशिया कप में यह हमारे लिए वाकई अच्छा रहा है क्योंकि पावरप्ले में शुरुआती तीन ओवर में उनकी शानदार गेंदबाजी से हम मैच में दबदबा बनाने में कामयाब रहे.”

गंभीर ने कहा, ” हमारे पास वरुण (चक्रवर्ती) और कुलदीप (यादव) के रूप में बीच के ओवरों में विकेट लेने वाले दो अच्छे विकल्प है. मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही आक्रामक कदम था.” गंभीर के कोच बनने के बाद से भारत आठवें नंबर तक बल्लेबाजी करना पसंद करता रहा है. मुख्य कोच ने कहा कि यह भी जरूरी है कि टीम के पास सात से आठ गेंदबाजी विकल्प हों और यह तभी संभव है जब शिवम दुबे, अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर जैसे ऑलराउंडरों को एकादश में शामिल किया जाए.

उन्होंने कहा, ” टीम में जितने ज्यादा हरफनमौला होंगे, उतना ही अच्छा होगा. यह एक ऐसी चीज है जो महत्वपूर्ण है. कम विकल्पों की तुलना में अधिक विकल्प होना हमेशा बेहतर होता है. इसलिए पहले भी कई बार हमने छह गेंदबाजी विकल्पों के बारे में सोचा है और इस टी20 टीम में हमारे पास सात या आठ गेंदबाजी विकल्प हैं, जो हमेशा महत्वपूर्ण होता है.”

गंभीर ने कहा, ” पिछले कई वर्षों से हम इस बारे में बात करते रहे हैं कि हमारे पास ऐसे खिलाड़ी कैसे हो सकते हैं जो हमें कुछ ओवर गेंदबाजी कर सकें. वह चाहे टी20 मैच हो या 50 ओवर का मैच. अब हम ऐसे खिलाड़ी तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं जो जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी और मध्यक्रम या मैच के अलग-अलग चरणों में बल्लेबाजी भी कर सकें. ऐसे में मुझे लगता है कि इस तरह के विकल्प होना हमेशा अच्छा होता है.” गंभीर ने इसके साथ ही खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा का अच्छी तरह से अहसास कराने और उन्हें समझने के लिए उनके सामने मुश्किल चुनौतियों को रखने की बात भी दोहराई.

उन्होंने कहा, ”हम खिलाड़ियों के सामने जितना संभव हो सके उतनी कड़ी चुनौती रखते हैं. हमने शुभमन (गिल) के साथ भी यही किया था, जब उन्हें टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया था.” गिल ने कप्तान के रूप में इंग्लैंड के खिलाफ अपनी पहली टेस्ट श्रृंखला में शानदार बल्लेबाजी की. उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने श्रृंखला 2-2 से बराबर की. इस श्रृंखला के सभी मैच रोमांचक रहे और प्रत्येक मैच पांचवें दिन तक खिंचा था.

व्यक्तिगत प्रदर्शन की सराहना की जा सकती है लेकिन श्रृंखला हारने का जश्न नहीं मनाया जा सकता: गंभीर

भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल ही में एकदिवसीय श्रृंखला में टीम की हार की आलोचना करते हुए कहा कि हार के बाद ‘सराहनीय’ प्रदर्शन का ‘कभी’ जश्न नहीं मनाया जाना चाहिए. गंभीर ने ‘बीसीसीआई डॉट टीवी’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि वे सफल खिलाड़ियों के लिए खुश हो सकते हैं, लेकिन किसी को भी ‘बड़ी तस्वीर’ से ध्यान नहीं हटाना चाहिए और इस मामले में यह श्रृंखला में हार है.

ऑस्ट्रेलिया में हुई एकदिवसीय श्रृंखला से रोहित शर्मा और विराट कोहली ने आईपीएल के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की थी. रोहित को तीसरे एकदिवसीय मैच में शतक लगाने के बाद ‘मैन ऑफ द मैच’ और श्रृंखला का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया. रोहित ने इससे पहले दूसरे वनडे में 73 रन की पारी खेली थी लेकिन इस मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा था. दिग्गज विराट कोहली ने शुरुआती दो मैचों में खाता खोलने में नाकाम रहने के बाद श्रृंखला के अंतिम मैच में नाबाद 74 रनों की पारी खेली. इस श्रृंखला में श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल ने भी प्रभावशाली व्यक्तिगत प्रदर्शन किया. गंभीर ने हालांकि किसी का नाम नहीं लिया ना ही उनसे इस सवाल में किसी खास नाम के बारे में पूछा गया था.

उन्होंने कहा, ” मेरा हमेशा से मानना रहा है कि यह व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात नहीं है. मैं व्यक्तिगत प्रदर्शन से बहुत खुश हो सकता हूं, और मैं हमेशा व्यक्तिगत प्रदर्शन से खुश रहूंगा. लेकिन सच्चाई यह है कि हम वनडे श्रृंखला हार गये. कोच के तौर पर मैं कभी श्रृंखला गंवाने का जश्न नहीं मना सकता.” रोहित और कोहली टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय दोनों से संन्यास ले चुके हैं, जिसकी वजह से उनके सीमित वनडे मैच प्रशंसकों के बीच काफी चर्चा का विषय रहते हैं.

गंभीर ने कहा, ”एक खिलाड़ी के तौर पर मैं व्यक्तिगत खिलाड़ियों की सराहना कर सकता हूं, लेकिन एक कोच के तौर पर मुझे लगता है कि यह मेरी नैतिक जिम्मेदारी है कि एक राष्ट्र और एक व्यक्ति के तौर पर हमें कभी भी श्रृंखला हारने का जश्न नहीं मनाना चाहिए.” भारत ने वनडे के बाद पांच मैचों की टी20 श्रृंखला 2-1 से जीती और गंभीर ने कहा कि उस जीत से भी बहुत कुछ सीखने को मिला.
इस पूर्व खिलाड़ी ने कहा, ”आखिरकार, हम देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. टी20 श्रृंखला अलग थी और हम इसमें जीत दर्ज करने में सफल रहे लेकिन इसके साथ ही बहुत कुछ सीखने को भी मिला.”

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