पीएमजीकेएवाई के तहत 81.35 करोड़ गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न वितरण पांच साल बढ़ाया गया: ठाकुर

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 29 Nov 2023 08:35 PM
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. सरकार ने 81.35 करोड़ गरीब लोगों को हर महीने पांच किलोग्राम खाद्यान्न मुफ्त देने से जुड़ी पीएमजीकेएवाई योजना को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में फैसला किया गया. अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले आम चुनावों से पहले किए गए इस फैसले से सरकारी खजाने पर 11.80 लाख करोड़ रुपये का भार आएगा.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) को एक जनवरी, 2024 से अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है. मंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में इस योजना पर करीब 11.8 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इस योजना को पहले 31 दिसंबर, 2023 तक बढ़ाया गया था.

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, ”लाभार्थियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए और लक्षित आबादी तक खाद्यान्नों को किफायती रूप से मुहैया कराते हुए खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया गया कि पीएमजीकेएवाई के तहत अगले पांच वर्षों के लिए मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए.” पीएमजीकेएवाई को सरकार ने वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के समय राहत उपाय के रूप में लागू किया था. इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत पांच किलोग्राम सब्सिडी वाली खाद्य सामग्री के अलावा प्रति लाभार्थी को हर महीने पांच किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न प्रदान किया जाता है.

कई बार इस योजना की अवधि बढ़ाए जाने के बाद दिसंबर, 2022 में पीएमजीकेएवाई योजना को मुफ्त राशन प्रदान करने वाले एनएफएसए के अधीन लाया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में छत्तीसगढ़ के दुर्ग में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए इस योजना को पांच साल के लिए बढ़ाने की घोषणा की थी. पिछले साल दिसंबर में केंद्र ने वर्ष 2020 में अतिरिक्त खाद्यान्न मुफ्त उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई पीएमजीकेएवाई को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के साथ मिलाने का फैसला किया गया था.

मंत्रिमंडल ने 16वें वित्त आयोग के लिए संदर्भ शर्तों को मंजूरी दी

केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बंटवारे से संबंधित सिफारिशें करने के लिए सरकार ने 16वें वित्त आयोग के गठन से संबंधित ”संदर्भ शर्तों” को मंजूरी दे दी है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंगलवार शाम को हुई बैठक में 16वें वित्त आयोग के संदर्भ शर्तों को मंजूरी दी गई. इस वित्त आयोग की सिफारिशें एक अप्रैल, 2026 से मार्च, 2031 तक के लिए वैध रहेंगी.

उन्होंने कहा कि यह आयोग 31 अक्टूबर, 2025 तक कर राजस्व के विभाजन संबंधी अपनी रिपोर्ट सौंप देगा. इसके पहले 15वें वित्त आयोग का गठन 27 नवंबर, 2017 को किया गया था. उसने अपनी अंतरिम एवं अंतिम रिपोर्ट के जरिये एक अप्रैल, 2020 से छह साल की अवधि के लिए सिफारिशें की थीं. 15वें वित्त आयोग की सिफारिशें वित्त वर्ष 2025-26 तक वैध हैं.

संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत गठित होने वाले वित्त आयोग का मुख्य दायित्व केंद्र तथा राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन करना है. इसके अलावा यह केंद्र एवं राज्यों के बीच करों के बंटवारे की सिफारिशें करता है और राज्यों के बीच इन करों के वितरण का निर्धारण करने वाले सिद्धांतों को भी तय करता है.

वित्त आयोग केंद्र तथा राज्यों के बीच करों की शुद्ध आय के वितरण, ऐसी आय की हिस्सेदारी का संबंधित राज्यों के बीच आवंटन, सहायता अनुदान तथा राज्यों का राजस्व व उस अवधि में पंचायतों के संसाधनों के पूरक के लिए आवश्यक कदमों की अनुशंसा करता है. ठाकुर ने कहा कि वित्त आयोग का गठन हर पांचवें वर्ष या उससे पहले किया जाना होता है. 15वें वित्त आयोग की सिफारिशें 31 मार्च 2026 तक के लिए वैध हैं इसलिए अब नए आयोग का गठन करने की जरूरत है.

वित्त मंत्रालय में 16वें वित्त आयोग के अग्रिम प्रकोष्ठ का गठन 21 नवंबर, 2022 को किया गया था, ताकि आयोग के औपचारिक गठन तक प्रारंभिक कार्य की निगरानी की जा सके. इसके बाद ”संदर्भ शर्तें” तैयार करने के लिए वित्त सचिव और सचिव (व्यय) की अध्यक्षता में एक कार्य-समूह बनाया गया था. इसमें सचिव (आर्थिक मामले), सचिव (राजस्व), सचिव (वित्तीय सेवाएं), मुख्य आर्थिक सलाहकार, नीति आयोग के सलाहकार और अतिरिक्त सचिव (बजट) भी शामिल थे.

 

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu