गिल ने दोहरी जिम्मेदारी पर कहा, जब बल्लेबाजी करता हूं तो सिर्फ बल्लेबाज के रूप में सोचता हूं

अक्षर या कुलदीप: भारत स्पिन संतुलन पर विचार कर रहा है

कोलकाता. तीन प्रारूपों में खेलने और उनमें से दो में भारत का नेतृत्व करने वाले शुभमन गिल का कहना है कि वह अब भी कप्तानी और बल्लेबाजी के दोहरे दबाव में संतुलन बनाना सीख रहे हैं. रोहित शर्मा से कप्तानी की जिम्मेदारी संभालते हुए 26 वर्षीय गिल ने अपनी पहली ही टेस्ट श्रृंखला में मिसाल कायम करते हुए शानदार बल्लेबाजी की और उनकी अगुआई में भारत की युवा टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैच की श्रृंखला को 2-2 से ड्रॉ कराया.

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट से पूर्व गिल ने कहा, ”अपनी तैयारी में मैं मुख्य रूप से इस बात पर ध्यान केंद्रित करता हूं कि मैं एक बल्लेबाज के रूप में कैसे सफल हो सकता हूं. मैदान पर कप्तानी करते समय मैं अपनी सहज प्रवृत्ति को हावी होते देखना पसंद करता हूं. तभी मैं टीम के लिए सर्वोत्तम रणनीतिक निर्णय लेता हूं.” उन्होंने कहा, ”यह एक सचेत प्रयास है कि जब मैं बल्लेबाजी कर रहा होता हूं तो मैं केवल एक बल्लेबाज के रूप में सोचता हूं- कप्तान के रूप में नहीं. कभी-कभी अगर आप एक कप्तान के रूप में बहुत अधिक सोचते हैं तो आप खुद पर बहुत अधिक दबाव डाल लेते हैं और छोटे जोखिम लेने से बचते हैं जो आपको ‘एक्स-फैक्टर’ देते हैं. इसी तरह मैं अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी में संतुलन बनाता हूं.”

इंग्लैंड दौरे पर गिल ने 10 पारियों में तीन शतक और एक दोहरे शतक की मदद से 754 रन बनाए जो किसी टेस्ट श्रृंखला में किसी भारतीय द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है. उनसे आगे केवल सुनील गावस्कर हैं जिन्होंने 1971 में 774 रन बनाए थे. वह गावस्कर और यशस्वी जायसवाल (712 बनाम इंग्लैंड, 2023-24) के बाद एक श्रृंखला में 700 रन पार करने वाले तीसरे भारतीय भी बने.

टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले गिल की सीमित ओवरों के प्रारूप में फॉर्म में गिरावट आई है और उन्होंने तीन एकदिवसीय और पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की पिछली आठ पारियों में कोई अर्धशतक नहीं बनाया है. कप्तान के रूप में गिल ने अपनी शुरुआती सीखों पर भी विचार किया जिसमें इस साल की शुरुआत में वेस्टइंडीज के खिलाफ फॉलोऑन देने का उनका फैसला भी शामिल है जिसे अब वह मानते हैं कि यह एक गलत फैसला था.

उन्होंने कहा, ”पीछे मुड़कर देखें तो 80-90 ओवर गेंदबाजी करने और फॉलोऑन देने के बाद मुझे लगता है कि यह हमारे गेंदबाजों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण था. विकेट से स्पिनरों को अधिक मदद नहीं मिल रही थी और जैसे-जैसे खेल आगे ब­ढ़ा यह धीमा होता गया. कुल मिलाकर हमने एक बार में लगभग 200 ओवर क्षेत्ररक्षण किया. स्वाभाविक रूप से गेंदबाज थक गए और स्पिनरों की गति थोड़ी कम हो गई.”

अक्षर या कुलदीप: भारत स्पिन संतुलन पर विचार कर रहा है

कप्तान शुभमन गिल ने बृहस्पतिवार को स्वीकार किया कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच से पहले भारत अपने गेंदबाजी संयोजन को लेकर ‘टकराव’ की स्थिति का सामना कर रहा है जिसमें अक्षर पटेल की ऑलराउंड उपयोगिता और कुलदीप यादव की विकेट लेने की क्षमता के बीच मुकाबला है. मुख्य कोच गौतम गंभीर की बल्लेबाजी में गहराई को प्राथमिकता देने की रणनीति अक्षर को मजबूत दावेदार बनाती है. फिर भी कुलदीप की फॉर्म और समूह में विकेट चटकाने की क्षमता ने मैच की सुबह तक चर्चा को खुला रखा है.

गिल ने ईडन गार्डन्स पर पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर कहा, ”हां, साल के इस समय में हमेशा यह दुविधा रहती है कि अतिरिक्त ऑलराउंडर को उतारा जाए या अतिरिक्त स्पिनर को.” उन्होंने कहा, ”इसलिए मैंने कहा कि हम सुबह विकेट देखेंगे और तय करेंगे कि कौन सा संयोजन हमें टेस्ट मैच जीतने का सबसे अच्छा मौका देता है.” अक्षर और कुलदीप में से टीम किसे चुनेगी यह पूछे चाहने पर गिल ने कहा, ”इसे कल के लिए छोड़ देते हैं. टॉस के समय पता चल जाएगा.” अक्षर और कुलदीप दोनों ने गंभीर की निगरानी में नेट पर लंबे समय तक गेंदबाजी की और फिर लंबे समय तक बल्लेबाजी की क्योंकि थिंक टैंक ने उनकी मैच की तैयारी का आकलन किया.
तेज गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज का ईडन गार्डन्स में अंतिम एकादश में शामिल होना तय है जबकि आकाश दीप टीम में तीसरे तेज गेंदबाज हैं.

वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पिछले घरेलू टेस्ट में भारत ने कुलदीप को तीसरे स्पिनर के रूप में उतारा था. वह 19.50 की औसत से 12 विकेट लेकर टीम के सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज भी रहे. बेंगलुरु में दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में भारत ए की ओर से खेलते हुए कुलदीप सपाट पिच पर दोनों पारियों में सिर्फ एक विकेट हासिल कर पाए. अधिक खुलासा किए बिना भारतीय कप्तान ने कहा कि मैच का परिणाम बदलने में स्पिनरों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है.

उन्होंने कहा, ”यह लगभग तय हो चुका है. विकेट कल से अलग दिख रहा है. हम इसे कल सुबह देखेंगे.” गिल ने कहा, ”भारत के इस हिस्से में रोशनी थोड़ी जल्दी कम हो जाती है इसलिए हमें इस बात का ध्यान रखना होगा. आमतौर पर सुबह और शाम को तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिलती है. कल विकेट का जायजा लेने के बाद, हम उसके अनुसार फैसला लेंगे.” उन्होंने कहा, ”और हां, जब भी हम भारत में खेलते हैं, आमतौर पर स्पिनर ही मैच का फ.ैसला करते हैं. आपका स्पिन आक्रमण जितना बेहतर होगा, जीतने की संभावना उतनी ही बेहतर होगी.” गिल ने वाशिंगटन सुंदर, जडेजा और अक्षर के बल्लेबाजी में योगदान पर भी बात की.

उन्होंने कहा, ”हम भाग्यशाली हैं कि हमारे पास अच्छे बल्लेबाजी ऑलराउंडर हैं, चाहे वह अक्षर हों, वाशिंगटन या जडेजा. उनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी का रिकॉर्ड शानदार है, खासकर भारत में. यह रोमांचक टेस्ट मैच होगा और टीम के पास अधिक विकल्प होना अच्छी बात है.” हालांकि गिल इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि अगर कोलकाता में पिच सूखी रहती है तो तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम हो सकती है.

उन्होंने कहा, ”अगर विकेट सूखा हो तो रिवर्स स्विंग अहम भूमिका निभाती है. इंग्लैंड के खिलाफ 2024 की श्रृंखला के दौरान तेज़ गेंदबाज़ों ने महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए थे, जबकि पिचें स्पिन के अनुकूल थीं. अगर पिच से रिवर्स स्विंग मिल रही हो तो तेज गेंदबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है.” दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला के लिए मोहम्मद शमी को टीम में शामिल न किए जाने पर काफी बहस हुई, जबकि इस अनुभवी तेज गेंदबाज ने बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया था.
गिल ने कहा कि शमी जैसे कुशल गेंदबाज का चयन नहीं कर पाना हमेशा मुश्किल होता है.

उन्होंने कहा, ”अधिकतर गेंदबाज़ उनके स्तर के नहीं हैं. लेकिन जो गेंदबाज़ खेल रहे हैं उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है. कभी-कभी शमी भाई जैसे खिलाड़ियों का टीम से बाहर होना मुश्किल होता है. चयनकर्ता ही आपको इसका बेहतर जवाब दे पाएंगे.” गिल ने कहा कि वह अभी भी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि तीनों प्रारूपों के खिलाड़ी के रूप में अपने कार्यभार का प्रबंधन कैसे करें. गिल भारत की टेस्ट और वनडे टीमों के कप्तान हैं, जबकि हाल ही में उन्हें टी20 टीम का उप कप्तान नियुक्त किया गया.

उन्होंने कहा, ”मैं अभी भी यह समझने की कोशिश कर रहा हूं कि अपने कार्यभार का कैसे प्रबंधन करूं. हम लगातार खेल रहे हैं और विभिन्न देशों की यात्रा कर रहे हैं. हमें एक प्रारूप से दूसरे प्रारूप में खेलने के लिए भी कम समय मिल रहा है.” गिल ने कहा, ”इसलिए मैं यह भी जानने की कोशिश कर रहा हूं कि मेरे लिए सभी प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन करने और सफल होने का सबसे अच्छा तरीका क्या है लेकिन चुनौती निश्चित रूप से शारीरिक से ज्यादा मानसिक है.” गिल ने इसके साथ ही कहा कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का मौजूदा चैंपियन दक्षिण अफ्रीका उनकी टीम के सामने कड़ी चुनौती पेश करेगा.

उन्होंने कहा, ”हम जानते हैं कि मौजूदा डब्ल्यूटीसी चैंपियन के खिलाफ मुकाबला आसान नहीं होगा. कुछ मुश्किल पल भी आएंगे. लेकिन हमने उनका बखूबी सामना किया है. डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए यह दोनों टेस्ट मैच महत्वपूर्ण हैं.”

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