शासन में सुधार, अन्य पहलों ने देश की प्रतिभाओं के विकसित होने का वातावरण निर्मित किया: उपराष्ट्रपति

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 09 Sep 2022 10:15 PM
शासन में सुधार, अन्य पहलों ने देश की प्रतिभाओं के विकसित होने का वातावरण निर्मित किया: उपराष्ट्रपति
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नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को कहा कि हाल के वर्षों में शासन में सुधार और अन्य उत्प्रेरक पहलों ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाओं के विकसित होने का वातावरण निर्मित किया है और इसके परिणाम जमीनी स्तर पर महसूस भी किए जा रहे हैं. समाचार चैनल टाइम्स नाउ के ‘अमेंिजग इंडियंस’ पुरस्कार 2022 के विजेताओं को पुरस्कार देने के बाद अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिभाओं को मिल रही पहचान पर प्रसन्नता भी जताई.

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में मानव संसाधन की उत्कृष्ट प्रकृति की मौजूदगी की अब दुनिया भर में पहचान हो रही है. पिछले दशक के दौरान भारतीयों ने वैश्विक स्तर पर गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ट्विटर, आईबीएम, पेप्सिको जैसी कंपनियों की सफलता में अहम योगदान दिया है.’’ उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर प्रतिभा का व्यापक विस्तार देखा जा रहा है और आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थान अपनी गुणवत्ता और प्रौद्योगिकी संपन्नता से विकसित दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं.

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हाल के वर्षों में शासन में सुधार और अन्य उत्प्रेरक पहलों ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाओं को विकसित होने का वातावरण निर्मित किया है और इसके परिणाम जमीनी स्तर पर महसूस भी किए जा रहे हैं.’’ उन्होंने कहा कि शासन की सुगमता और व्यवसाय की सुगमता पर एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए बंगाल के राज्यपाल के रूप में उन्हें राज्यपालों की एक टीम का नेतृत्व करने का अवसर मिला था और इस दौरान उन्होंने पाया कि मौजूदा तंत्र में ‘‘व्यापक बदलाव’’ आया है, जो प्रोत्साहित करने वाला है.

उन्होंने कहा, ‘‘आप देखेंगे तो पाएंगे कि कई ऐसे लोग हैं जो चुपचाप एक उद्देश्य के लिए काम कर रहे हैं और लोगों के जीवन में बेहतरी के लिए आमूलचूल परिवर्तन ला रहे हैं.’’ इस कड़ी में धनखड़ ने ‘‘पद्म पुरस्कार’’ का उल्लेख किया और इस सम्मान से नवाजे जाने से पहले लोग उन्हें नहीं जानते हैं, लेकिन जैसे ही उनके नामों की घोषणा होती है, तब पता चलता है कि वह कैसे अपने काम से सामाजिक बदलाव ला रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘जब पद्म सम्मानों की घोषणा होती है और नाम सामने आते हैं, तब हमें महसूस होता है कि उचित और हकदार को यह सम्मान मिला है. यह बहुत बड़ा बदलाव है. यदि हम उलट देंगे, तो समाज का नुकसान करेंगे.’’ उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत के कोविड प्रबंधन की दुनिया ने सराहना की और उस अवधि में भी अड़चनें पैदा की गईं. इस अवसर पर प्रख्यात सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान की तीन पीढ़ियों ने पहली बार एक साथ प्रस्तुति भी दी.

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