सरकार ने चुनावों में सेना का राजनीतिक इस्तेमाल किया: खरगे

गंगाजल पर सरकार 18 प्रतिशत जीएसटी वसूल रही थी, हमारे विरोध के बाद फैसला बदला

नयी दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने चुनावों में सेना का राजनीतिक इस्तेमाल किया है और इसके जरिये भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सेना की गरिमा को चोट पहुंचाई है. उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने सेना को देशभर में 822 ऐसे सेल्फी प्वाइंट लगाने को कहा है जो सरकारी योजनाओं का प्रचार करे.

खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”राष्ट्र की सुरक्षा करने वाले हमारे भारतीय सेना के वीर जवानों की लोकप्रियता को भुनाकर, मोदी जी स्वयं का प्रचार करवा रहें हैं. चुनाव में सेना का राजनीतिक इस्तेमाल करके मोदी सरकार ने वो किया है जो 75 सालों में कभी नहीं हुआ है.”

उन्होंने आरोप लगाया, ”मोदी सरकार ने सेना को देशभर में 822 ऐसे सेल्फी प्वाइंट लगाने को कहा है जो सरकारी योजनाओं का प्रचार करे. इन झांकियों में सैनिकों के पराक्रम की गाथा के बजाय प्रधानमंत्री मोदी जी की बुतनुमा तस्वीर है और उनकी योजनाओं का गुणगान है.” उनका कहना था, ”भारतीय सेना के शौर्य एवं बलिदान पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को बेहद गर्व है. ” खरगे ने आरोप लगाया कि राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाने वाली भाजपा ने भारतीय सेना की गरिमा को चोट पहुंचाई है.

गंगाजल पर सरकार 18 प्रतिशत जीएसटी वसूल रही थी, हमारे विरोध के बाद फैसला बदला

कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि सरकार ने गंगाजल पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूलना शुरू कर दिया था, लेकिन उसके पुरजोर विरोध के बाद सरकार ने अपना फैसला बदल दिया. पार्टी प्रवक्ता और कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि सरकार ने झूठ बोला था कि गंगाजल पर जीएसटी नहीं है, जबकि आठ अगस्त 2023 और तीन अक्टूबर 2023 को सरकारी आदेश के जरिये जीएसटी लगाया गया था.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गत 12 अक्टूबर को दावा किया था कि केंद्र सरकार ने गंगाजल पर 18 प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाया है जो लूट और पाखंड की पराकाष्ठा है. इसके बाद केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने उनके इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि गंगाजल पर कोई जीएसटी नहीं लगता है.

सुप्रिया श्रीनेत ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ”जिनको मां गंगा ने बुलाया था, उन्होंने तो मां गंगा को ही नहीं बख्शा. लेकिन एक बार फिर कांग्रेस की वजह से मोदी सरकार को बैकफ.ुट पर आ कर अपने निर्णय को वापस लेना पड़ा और अपनी गलती का सुधार करना पड़ा. ”

उनके अनुसार, ” केंद्र सरकार की ‘गंगाजल आपके द्वार योजना’ 2016 में शुरू हुई थी. डाक विभाग गंगोत्री के गंगाजल की 250 मिलीलीटर की बोतल उपलब्ध करा रहा है जिसकी कीमत 30 रुपये है, 18 प्रतिशत जीएसटी लगने के बाद इसकी कीमत 35 रुपये हो गई थी. डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार, परिमंडल देहरादून से आदेश जारी होने के बाद गंगाजल बढ़े हुए दामों के साथ उपलब्ध कराया जा रहा था.” उन्होंने भारतीय डाक विभाग का 18 अगस्त का एक ट्वीट साझा करते हुए दावा किया कि आठ अगस्त, 2023 और तीन अक्टूबर, 2023 को सरकार ने आदेश जारी करके गंगाजल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया.

सुप्रिया ने कहा, ”भाजपा के लोगों ने पहले जमकर भ्रम फैलाया कि यह ग.लत है फिर धीरे से भारतीय डाक विभाग की वेबसाइट से, लिखा हुआ 18 प्रतिशत जीएसटी हटा दिया गया. पर सच कहां छुपाये छुपता है. जीएसटी प्राधिकरण के आदेश में कहा गया है कि आठ अगस्त और तीन अक्टूबर का आदेश निरस्त किया जाता है और गंगाजल पर जीएसटी नहीं होगा.”

नागरिकों की स्वतंत्रता, इच्छा और अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़े हैं: कांग्रेस

कांग्रेस ने समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता देने से इनकार करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर मंगलवार को कहा कि वह नागरिकों की स्वतंत्रता, इच्छा, स्वाधीनता और अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि शीर्ष अदालत के इस बंटे हुए फैसले का अध्ययन करने के बाद कांग्रेस इस विषय पर विस्तृत प्रतिक्रिया देगी.

समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दिए जाने का अनुरोध करने संबंधी 21 याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने सुनवाई की. प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि न्यायालय कानून नहीं बना सकता, बल्कि उनकी केवल व्याख्या कर सकता है और विशेष विवाह अधिनियम में बदलाव करना संसद का काम है.

रमेश ने एक बयान में कहा,”समलैंगिक विवाह और इससे संबंधित मुद्दों पर हम आज उच्चतम न्यायालय के अलग-अलग और बंटे हुए फ.ैसलों का अध्ययन कर रहे हैं. इस पर बाद में हम एक विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे.” उन्होंने कहा, ”भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हमेशा से हमारे सभी नागरिकों की स्वतंत्रता, इच्छा, स्वाधीनता और अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी है. हम, एक समावेशी पार्टी के रूप में, बिना किसी भेदभाव की प्रतिक्रिया – न्यायिक, सामाजिक और राजनीतिक – में दृढ़ता से विश्वास करते हैं.”

त्योहारों के मौसम में महंगाई से लोग परेशान, प्रधानमंत्री को चिंता नहीं

कांग्रेस ने थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित थोक महंगाई सितम्बर में नकारात्मक बने रहने की ओर ध्यान दिलाते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि त्योहारों के मौसम में महंगाई ने ग.रीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों का जीना मुहाल कर दिया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इसकी कोई चिंता नहीं है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित थोक महंगाई भारत में सितम्बर के दौरान लगातार छठे महीने नकारात्मक बनी रही. सितम्बर में यह शून्य से 0.26 प्रतिशत नीचे रही.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “महंगाई ने ग.रीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का जीना मुहाल कर दिया है. लेकिन प्रधानमंत्री को इसकी कोई चिंता नहीं है. दाल-दूध जैसी दैनिक आवश्यकता की चीज.ों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिसके कारण यह त्योहारी सीज.न भी फीका साबित हो रहा है.” उन्होंने सवाल किया कि ऐसा क्यों है कि आंकड़ों में थोक महंगाई दर घटती दिख रही है लेकिन ज.रूरी वस्तुओं की क.ीमतें लगातार बढ़ रही हैं? रमेश ने कहा, “अब समय आ गया है कि मोदी जी आंकड़ों के माध्यम से लोगों की आंखों में धूल झोंकना बंद करें और रिटायरमेंट ले लें. तभी देश को मोदी-मेड महंगाई से राहत मिलेगी.”

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