गृह मंत्री को मेरे संवाददाता सम्मेलनों पर चर्चा कराने की चुनौती देता हूं: राहुल

लोकसभा: राहुल ने गृह मंत्री को चर्चा की चुनौती दी, शाह ने कहा मेरे भाषण का क्रम मैं तय करुंगा

नयी दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती दी कि वह ‘वोट चोरी’ से संबंधित उनके तीन संवाददाता सम्मेलनों पर चर्चा करा लें. दरअसल निचले सदन में, चुनाव सुधारों पर चर्चा में भाग लेते हुए गृह मंत्री ने राहुल गांधी के हालिया तीन संवाददाता सम्मेलनों का उल्लेख करते हुए उनके तथ्यों को असत्य करार दिया जिनमें नेता प्रतिपक्ष ने निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाये थे.

इस पर राहुल गांधी ने कहा, ‘‘अमित शाह जी, मैं आपको चुनौती देता हूं कि मेरे तीनों संवाददाता सम्मेलनों पर चर्चा कर लेते हैं.’’ राहुल गांधी ने पिछले कुछ महीनों में तीन अलग-अलग संवाददाता सम्मेलनों के जरिये यह दावा किया था कि कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों में ‘वोट चोरी’ की गई है.

सदन में चर्चा के दौरान शाह ने नेता प्रतिपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी ने 5 नवंबर 2025 को एक प्रेस वार्ता में एक ‘परमाणु बम’ फोड़ा. उस ‘परमाणु बम’ में उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में एक ही घर में 501 वोट हैं. निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि मकान नंबर 265 कोई छोटा मकान नहीं है, बल्कि एक एकड़ के पुश्तैनी भूखंड पर बने कई परिवारों का संयुक्त आवास है. लेकिन हर परिवार को अलग-अलग घर नंबर नहीं दिए गए हैं, इसलिए उनका मकान नंबर 265 ही लिखा है. और उनमें से एक परिवार की तो तीन पीढि़यां साथ रह रही हैं.’’ उनका कहना था, ‘‘जब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार चुनी गई तब से यह नंबर ऐसा ही रहा है. यह न ?तो फर्जी घर है और न ही फर्जी वोट है.’’ शाह ने इसी तरह राहुल के कुछ अन्य आरोपों को भी खारिज कर दिया.
इस पर राहुल ने उन्हें चर्चा करा लेने को कहा.

इस दौरान कांग्रेस के कुछ अन्य सदस्य भी गृह मंत्री के बयान पर आपत्ति जताते देखे गए और अपने स्थान पर खड़े हो गए.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि गृह मंत्री का भाषण पूरा होने के बाद विपक्ष के सदस्य अपने सवाल पूछ सकते हैं.
हालांकि, कांग्रेस के कुछ सदस्य शाह के स्पष्टीकरण देने पर जोर देते रहे.

इस दौरान अमित शाह ने थोड़े तीखे लहजे में कहा, ‘‘मैं 30 साल से विधानसभा और संसद में हूं. संसदीय प्रणाली का लंबा अनुभव है. वह कह रहे हैं कि पहले उनकी बात का जवाब दें. आपकी मुंसिफी से संसद नहीं चलेगी. मेरे बोलने का क्रम मैं तय करुंगा. उन्हें धैर्य होना चाहिए. मेरे भाषण का क्रम वो तय नहीं कर सकते.’’ उधर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘‘अमित शाह का जवाब पूरी तरह घबराहट भरा और डिफेंसिव है.’’

उन्होंने राहुल गांधी के संवाददाता सम्मेलनों में पत्रकारों के सवाल पर उन्हें ‘भाजपा का एजेंट’ कहे जाने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘सवाल आपके हिसाब से नहीं पूछें तो कहते हैं कि भाजपा के एजेंट हो. अदालत में मामला हारते हैं तो न्यायाधीश पर सवाल उठाते हैं. चुनाव हारते हैं तो ईवीएम का विरोध करते हैं. यह दलील नहीं चलती तो वोट चोरी का आरोप लगाते हैं.’’

उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ के एक न्यायाधीश को हटाने का प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस लोकसभा अध्यक्ष को देने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आजादी के इतने साल बाद कभी नहीं हुआ कि कोई न्यायाधीश कोई निर्णय दें तो उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया हो.’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग वोट बैंक के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाए हैं.

कांग्रेस, द्रमुक, समाजवादी पार्टी और कई अन्य विपक्षी दलों ने ‘कार्तिगई दीपम’ मामले में फैसला देने वाले मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. आर. स्वामीनाथन को पद से हटाने का प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपा तथा आरोप लगाया कि उनका आचरण न्यायपालिका की निष्पक्षता, पारर्दिशता और धर्मनिरपेक्ष कार्यप्रणाली के संबंध में गंभीर सवाल खड़े करता है. इस नोटिस पर 107 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं. शाह ने कहा कि उन्हें हैरानी है कि इस प्रस्ताव पर शिवसेना (उबाठा) ने भी दस्तखत कर दिया.

बनारसी कारीगरों का अस्तित्व खतरे में, सड़क से संसद तक उठाऊंगा उनकी आवाज: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को बनारसी कारीगरों के ‘‘दर्द’’ का उल्लेख किया और कहा कि वह इस विषय को सड़क से लेकर संसद तक उठाएंगे. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने बनारसी कारीगरों के एक समूह से पिछले दिनों मुलाकात की थी. उन्होंने इस बातचीत का वीडियो बुधवार को जारी किया.

राहुल ने अपने व्हाट्सऐप चैनल पर पोस्ट किया, ‘‘कल मैंने संसद में बनारसी साड़ियों की खूबसूरती, उसकी संस्कृति और इतिहास के बारे में बात की, उनके धागों में ही हिन्दुस्तान की आत्मा गुथी हुई है. बनारसी सिल्क साड़ियां और बनारसी कढ़ाई का नाम लेते ही भारत की समृद्ध कला आंखों में उतर आती है. सदियों से चली आ रही यह परंपरा केवल कपड़ा नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, हमारे त्योहारों और हमारे उत्सवों की पहचान है.’’ उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले जन संसद में बनारस के कढ़ाई कारीगर भाइयों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात हुई, उनका दर्द वही है जो भारत के करोड़ों छोटे कारीगरों, दस्तकारों और हुनरमंदों की आज की दास्तान है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी शिकायत उस वक्त है और जब उनके सांसद खुद प्रधानमंत्री मोदी हैं.’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सरकारी उपेक्षा के शिकार ये कारीगर अपना परंपरागत काम छोड़ कर मजदूरी करने, रिक्शा चलाने के लिए मजबूर हैं. उन्होंने यह भी बताया कि बेरोजग़ारी बनारस की सबसे कड़वी सच्चाई बन चुकी है. खासकर युवाओं के लिए रोजगार के सारे अवसर खत्म हो गए हैं. मजबूरी में वो अपने शहर, अपना घर छोड़कर दूसरे राज्यों और शहरों में काम की तलाश में भटक रहे हैं.’’ उन्होंने दावा किया कि सरकार कुछ चंद पूंजीपतियों को बढ़ावा देकर बाजार पर उनका ही एकाधिकार तैयार कर रही है और छोटे कारीगरों का व्यापार, उनका अस्तित्व, दोनों खतरे में डाल रही है.

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मैंने बार-बार कहा है, भारत को रोजगार और सम्मानजनक आजीविका देने के लिए “उत्पादन के लोकतांत्रिक मॉडल” जरूरी है. अगर यह मॉडल टूट गया, तो भारत के करोड़ों हुनरमंदों की ज़ंिदगी के साथ-साथ ंिहदुस्तान की अर्थव्यवस्था भी बर्बाद होगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘सड़क से संसद तक उनकी आवाज़ उठाता रहूंगा क्योंकि भारत का भविष्य उसके हुनरमंद और मेहनतकश लोगों से ही जुड़ा हुआ है.’’

गृह मंत्री रक्षात्मक मुद्रा में नजर आए, मेरी ओर से उठाये गए मुद्दों पर जवाब नहीं दिया: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह चुनाव सुधारों पर लोकसभा में चर्चा के दौरान बचाव की मुद्रा में नजर आए तथा उनके द्वारा उठाये गए विषयों पर कोई जवाब नहीं दिया. लोकसभा में शाह के भाषण के बीच, विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया.

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने जो विषय उठाये हैं, अमित शाह ने उनका जवाब नहीं दिया. वे अपना बचाव कर रहे थे, आपने उनका चेहरा देखा होगा.’’ राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मैंने कहा था कि हमें पारदर्शी मतदाता सूची दीजिए, ईवीएम की संरचना की जानकारी दीजिए, भाजपा के नेता हरियाणा-बिहार में वोट दे रहे हैं. ‘वोट चोरी’ के संबंध में मेरे संवाददाता सम्मेलनों में ठोस सबूत दिये गए हैं. चुनाव आयुक्त को पूरी सुरक्षा दी जा रही है, लेकिन अमित शाह ने इस बारे में कुछ नहीं बोला.’’

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