
नयी दिल्ली. मलयाली फिल्मों के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल का कहना है कि लगातार काम करते रहना कोई अनोखी बात नहीं है. मोहनलाल ने 45 साल से ज्यादा के करियर में अलग-अलग इंडस्ट्री में 360 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है. उन्होंने एक साल में 36 फिल्मों में काम किया, जो काम के प्रति उनके जुनून को दर्शाता है.
उन्होंने निर्देशक फाजिल की “मंजिल विरिन्जा पुक्कल” (1980) में एक खलनायक की भूमिका के साथ फिल्मों में अपना करियर शुरू किया और फिर “मणिचित्राथजू”, “वानप्रस्थम”, “किरीदम”, “भारतम”, “इरुवर” और “दृश्यम” जैसी फिल्मों में काम किया.
अभिनेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “मेरे पेशे के प्रति मेरा जुनून मेरे लिए खुराक है. आपको अपने पेशे से प्यार करना चाहिए. इसलिए मेरे लिए हर दिन एक खूबसूरत दिन है. मुझे महान अभिनेताओं और निर्देशकों के साथ काम करने का मौका मिला है. मैं उनके आशीर्वाद से आगे बढ़ा हूं. मैं अपने पेशे के लिए सर्मिपत हूं. मैं एक कलाकार हूं और यह रचनात्मकता मेरी यात्रा के लिए ईंधन है.” उन्होंने कहा, “फिल्मों में यह मेरा 47वां साल है… आम तौर पर मैं एक फिल्म पूरी करके दूसरी फिल्म करता हूं. लेकिन आजकल, कभी-कभी मुझे अपने काम में फेरबदल करना पड़ता है, लेकिन फिर भी मुझे कोई परेशानी नहीं है. मैंने एक साल में 36 फिल्में की हैं.
इसलिए यह मेरे लिए कोई नयीं बात नहीं है… अगर मैं आराम करूंगा, तो मुझे जंग लग जाएगा.” मनमोहन (64) ने हाल ही में फिल्म “बैरोज” के साथ निर्देशन में पदार्पण किया है, जिसमें वह मुख्य भूमिका भी निभा रहे हैं. मोहनलाल ने कहा कि निर्देशक बनने का निर्णय योजनाबद्ध नहीं था. अभिनेता ने कहा कि उन्होंने सोचा कि उन्हें पूरे करियर के दौरान उन्हें मिले प्यार और समर्थन के बदले में अपने प्रशंसकों को कुछ देना चाहिए.



