बांग्लादेश के सहायक उच्चायोग परिसर में अनधिकृत तरीके से प्रवेश करने की घटना ‘बेहद खेदजनक’: भारत

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 02 Dec 2024 09:09 PM
बांग्लादेश के सहायक उच्चायोग परिसर में अनधिकृत तरीके से प्रवेश करने की घटना ‘बेहद खेदजनक’: भारत

ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. भारत ने अगरतला में बांग्लादेश के सहायक उच्चायोग के परिसर में कुछ लोगों द्वारा अनधिकृत तरीके से प्रवेश किए जाने की घटना को ”बेहद खेदजनक” बताते हुए सोमवार को कहा कि किसी भी स्थिति में वाणिज्य दूतावास की संपत्तियों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.

विदेश मंत्रालय ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब बांग्लादेश में आध्यात्मिक हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी तथा वहां अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के विरोध में हजारों लोगों ने त्रिपुरा की राजधानी अगरतला स्थित बांग्लादेश के सहायक उच्चायोग के पास एक विशाल रैली निकाली थी.

विदेश मंत्रालय ने कहा, ”अगरतला में बांग्लादेश के सहायक उच्चायोग परिसर में आज अनधिकृत तरीके से प्रवेश करने की घटना अत्यंत खेदजनक है.” ऐसी जानकारी मिली कि 50 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने अगरतला स्थित बांग्लादेशी उच्चायोग परिसर में कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से प्रवेश किया, जिससे परिसर में अधिकारियों में चिंता उत्पन्न हो गई. ऐसा समझा जाता है कि नयी दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग अगरतला स्थित सहायक उच्चायोग में ”अनधिकृत तरीके से प्रवेश” किए जाने की घटना को लेकर प्रवेश दर्ज करा रहा है.

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि सरकार नयी दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग और भारत में देश के अन्य मिशन की सुरक्षा बढ.ाने के लिए कार्रवाई कर रही है. उसने कहा, ”किसी भी परिस्थिति में राजनयिक और वाणिज्य दूतावास की संपत्तियों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.” उसने कहा, ”सरकार नयी दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग और देश में उसके उप/सहायक उच्चायोगों की सुरक्षा-व्यवस्था बढ.ाए जाने के लिए कार्रवाई कर रही है.” भारत ने बांग्लादेश में उग्र बयानबाजी और हिंसा की बढ.ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए शुक्रवार को कहा था कि अंतरिम सरकार को सभी अल्पसंख्यकों की रक्षा की अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए.

भारत ने यह भी उम्मीद जतायी थी कि बांग्लादेश में राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण दास से संबंधित मामले को न्यायसंगत, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से निपटाया जाएगा. बांग्लादेश में अगस्त में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. बाद में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार गठित होने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव पैदा हो गया. बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हमलों को लेकर भारत चिंता व्यक्त करता रहा है.

By Yogesh Kumar Sahu