भारत नवोन्मेष पारिस्थितिकी के मामले में दुनिया में सबसे तेज: चंद्रशेखर

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 06 Nov 2022 07:35 PM
भारत नवोन्मेष पारिस्थितिकी के मामले में दुनिया में सबसे तेज: चंद्रशेखर
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नयी दिल्ली/दुबई. कौशल विकास, उद्यमिता एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में 100 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियों का सृजन होने से भारत नवोन्मेष आधारित पारिस्थितिकी के मामले में दुनिया में बहुत तेजी से उभरा है. चंद्रशेखर ने शनिवार को यहां ‘विश्व सद्भावना’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में पैदा हुई यूनिकॉर्न कंपनियों में से कोई भी बड़े नामों के साथ नहीं जुड़ी हुई थी. भारत में एक अरब डॉलर से अधिक आकार वाली कंपनियों ‘यूनिकॉर्न’ की संख्या 100 से अधिक हो चुकी है.

उन्होंने कहा, “इनमें से किसी भी कंपनी का कोई राजनीतिक संपर्क नहीं था. ये कंपनियां पूरी तरह से उद्यमशीलता एवं क्षमता के दम पर बनाई गई हैं और इसमें संस्थापकों के समर्पण एवं कड़ी मेहनत का योगदान रहा है.” इस अवसर पर चंद्रशेखर ने ‘नया भारत’ बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी इस बात को लेकर पूरी तरह स्पष्ट हैं कि कारोबार ही निवेश करते हैं, रोजगार पैदा करते हैं और सबसे बढ़कर वे सरकार को राजस्व भी देते हैं.” उन्होंने कहा कि भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं डिजिटल क्षेत्र में एक बड़ी दूरी तय कर ली है. उन्होंने कहा, “वर्ष 2014 में जहां देश में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन में से 92 प्रतिशत आयात किए जाते थे. लेकिन वर्ष 2022 में 97 प्रतिशत मोबाइल फोन घरेलू स्तर पर ही बनाए जा रहे हैं.”

डिजिटल इंडिया अधिनियम की रूपरेखा 2023 की शुरुआत तक आएगी: IT राज्यमंत्री

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि प्रस्तावित डिजिटल इंडिया अधिनियम पर काफी काम किया जा चुका है और भारत के लिए इस दशक को ‘प्रौद्योगिकी-दशक’ (टेकेड) बनाने के लक्ष्य को समर्थन देने के लिए  मसौदा विधायी रूपरेखा 2023 की शुरुआत में आने की उम्मीद है. सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि गहन विचार-विमर्श से महत्वपूर्ण कानून बनाए जाएंगे जो ‘नए भारत’ और इसकी डिजिटल वास्तुकला के लिए आवश्यक होंगे.

चंद्रशेखर ने आईटी अधिनियम का स्थान लेने वाले डिजिटल इंडिया अधिनियम की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘इस पर काफी काम हुआ है और हमें उम्मीद है कि वर्ष 2023 की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के ‘टेकेड’ के लिए एक विधायी रूपरेखा देश के समक्ष पेश की जाएगी.’’ चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार अहम कानूनों पर विस्तार से विचार-विमर्श करना चाहती है.

उन्होंने कहा, ‘‘नए भारत के लिए सभी कानून आधुनिक होने चाहिए और उपभोक्ता, उद्योग, स्टार्टअप, वकीलों, न्यायाधीशों, नागरिकों…सभी से इन पर गहन विचार विमर्श होना चाहिए, उनकी बात इनमें आनी चाहिए. हम ठीक यही करेंगे.’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘हम काल्पनिक समयसीमा पर काम नहीं कर रहे.’’ उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया कानून आईटी कानून 200 का स्थान लेगा क्योंकि यह दो दशक से अधिक पुराना हो चुका है. उन्होंने कहा कि इंटरनेट से संबंधित कानून, नियम और न्याय-विधान बदलते रहेंगे.

 

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