
कुआलालंपुर. पिछले मैच में नीदरलैंड पर शानदार जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम उस लय को सेमीफाइनल में कायम नहीं रख सकी और जर्मनी ने कमोबेश एकतरफा मुकाबले में उसे 4-1 से हराकर तीसरी बार जूनियर पुरूष हॉकी विश्व कप जीतने का सपना तोड़ दिया.
क्वार्टर फाइनल में दो गोल से पिछड़ने के बाद वापसी करने वाली भारतीय टीम के पास जर्मनी के मजबूत डिफेंस और चुस्त आक्रमण का जवाब नहीं था . जर्मनी ने चारों क्वार्टर में एक एक गोल किया जबकि भारत के लिये एकमात्र गोल चिरमाको सुदीप ने 11वें मिनट में दागा.
जर्मनी के लिये हेसबाक बेन ने आठवें मिनट में मैदानी गोल और 30वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया जबकि ग्लेंडर पॉल ने 41वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया . ्स्पिपलंग फ्लोरियन ने आखिरी सीटी बजने से दो मिनट पहले मैदानी गोल करके 4-1 से जीत पर मुहर लगाई.
अब भारत को कांस्य पदक के लिये फ्रांस या स्पेन से खेलना होगा . भारत ने 2001 में होबर्ट और 2016 में लखनऊ में जूनियर पुरूष हॉकी विश्व कप जीता था . इसके अलावा वह 1997 में इंग्लैंड के मिल्टन कीज में उपविजेता रहा था. पिछली बार दो साल पहले भुवनेश्वर में उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था.
इस साल भारत का सामना जर्मनी से पांच बार हुआ है और पांचों बार उसे पराजय का सामना करना पड़ा . पिछली बार जोहोर कप सेमीफाइनल में जर्मनी ने उसे 6-3 से हराया था . भुवनेश्वर में जूनियर विश्व कप 2021 में भी जर्मनी ने सेमीफाइनल में भारत को 4-2 से शिकस्त दी थी.



