भारतीय-अमेरिकियों ने कनाडा में हिंदुओं के प्रति बढ़ती नफरत की घटनाओं की आलोचना की

वांिशगटन: भारतीय-अमेरिकियों के एक समूह ने कनाडा में हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने वाले बयानों तथा प्रतिकूल माहौल की ंिनदा की है, साथ ही कनाडा से कहा है कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को आतंकवाद के लिए स्वतंत्रता न बनाएं।

भारतीय अमेरिकियों ने यह बात खालिस्तानी समर्थक एक समूह की ओर से हिंदुओं को धमकाने वाला एक वीडियो सार्वजनिक किए जाने के बाद कही। इस वीडियो में कनाडा में रह रहे हिंदुओं से देश छोड़ कर जाने को कहा गया है।

‘द ंिहदू यूनिर्विसटी आॅफ अमेरिका’ में ‘अंडरस्टैंंिडग ंिहदूफोबिया’ की सह-संस्थापक एवं सह निदेशक इंदू विश्वनाथन ने कहा, ‘‘ यह ंिचताजनक है कि खालिस्तानी आतंकवादी कनाडाई हिंदुओं को लगातर धमका रहे हैं। इस तरह के हिंदूफोबिया के सामने चुप्पी – या इससे भी बदतर, ऐसा स्पष्टीकरण देना कि यह राजनीतिक अभिव्यक्ति का एक स्वीकार्य रूप है, एक प्रकार से घृणा अपराधों का समर्थन करने जैसा है।’’

‘फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज’ (एफआईआईडीएस) से जुड़े खांडेराव कांड ने एक बयान में कहा, ‘‘ कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को आतंकवाद के लिए स्वतंत्रता नहीं बनाना चाहिए। बल्कि उन्हें कट्टरपंथ रोकना चाहिए, मादक पदार्थों के गिरोहों पर लगाम लगानी चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय हालातों को कूटनीतिक तरीके से संभालना चाहिए।’’

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने जून में सरे में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप ंिसह निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार के एजेंटों का हाथ होने की ह्लआशंकाह्व जताई, जिसके बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक विवाद पैदा हो गया। भारत ने ट्रूडो के आरोपों को ह्लबेतुकाह्व बताते हुए खारिज कर दिया।

ट्रूडो के आरोपों के बाद ही ंिहदुओं को धमकाने वाला वीडियो सामने आया था। हालांकि कनाडाई सरकार ने कहा है कि आक्रामकता, घृणा, धमकी या भय फैलाने वाले कृत्यों के लिए कनाडा में कोई स्थान नहीं है, लेकिन वीडियो के संबंध में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

‘अमेरिकन एसोसिएशन आॅफ फिजीशियन आॅफ इंडियन ओरिजिन’ के सरकारी मामलों के अध्यक्ष डॉ. संपत शिवांगी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और अमेरिकी कांग्रेस से हस्तक्षेप करने और कनाडाई भारतीयों, ंिहदुओं और हजारों भारतीय छात्रों की रक्षा करने के संदेश कनाडा को देने की अपील की है।

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