अमेरिका में भारतीय छात्रों की संख्या 12% बढ़ी, चीनी छात्र 8% घटे

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 07 Apr 2022 06:40 PM
अमेरिका में भारतीय छात्रों की संख्या 12% बढ़ी, चीनी छात्र 8% घटे
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वाशिंगटन/सिडनी. अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की संख्या में 2021 में 12 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जबकि चीन के छात्रों की संख्या में आठ प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गयी हैं. एक सरकारी रिपोर्ट में बुधवार को यह जानकारी मिली. अमेरिका में पढ़ाई के लिए सबसे अधिक संख्या में चीनी छात्र आते हैं. अमेरिका की नागरिकता एवं आव्रजन सेवाओं (यूएससीआईएस) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि कोविड-19 महामारी का 2021 में अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के दाखिले पर असर बना हुआ है.

‘स्टूडेंट्स एंड एक्सचेंज विजिटर इन्फॉर्मेशन सिस्टम’ (सेविस) के सक्रिय एफ-1 और एम-1 छात्रों की कुल संख्या 2021 में 12,36,748 रही, जो 2020 के मुकाबले 1.2 फीसदी कम है. एफ-1 और एम-1 दो गैर-आव्रजक छात्र वीजा हैं. जे-1 भी गैर-आव्रजक छात्र वीजा है लेकिन ज्यादातर शोधार्थी कार्यक्रमों के लिए दिया जाता है.

साल 2021 में ‘स्टूडेंट्स एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम’ (एसईवीपी) द्वारा प्रमाणित 8,038 स्कूल अंतरराष्ट्रीस छात्रों का पंजीकरण करने के लिए पात्र थे. इससे पहले 2020 में इन स्कूलों की संख्या 8,369 थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया महाद्वीप से चीन और भारत के छात्रों की संख्या अधिक रहती है. हालांकि चीन से 2020 के मुकाबले 2021 में कम छात्र आए जबकि भारत ने अधिक छात्र भेजे.

इसमें कहा गया है कि भारतीय छात्रों में 37 प्रतिशत महिलाएं हैं. कुल मिलाकर चीन 3,48,992 छात्रों को अमेरिका भेजकर शीर्ष पर बना हुआ है. इसी तरह भारत के 2,35,851 छात्र अमेरिका आए. इसके बाद दक्षिण कोरिया के 58,787, कनाडा के 37,453, ब्राजील के 33,552, वियतनाम के 29,597, सऊदी अरब के 28,600, ताइवान के 25,406, जापान के 20,144 और मेक्सिको के 19,680 छात्र अमेरिका में पढ़ाई कर रहे हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, केवल एशिया और आॅस्ट्रेलिया/प्रशांत द्वीपीय क्षेत्रों से अमेरिका आने वाले छात्रों की संख्या में ही पिछले साल गिरावट देखी गयी जबकि अन्य सभी महाद्वीप के छात्रों में वृद्धि देखी गयी. वहीं, भारत और चीन से आने वाले छात्रों की संख्या सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या की 71.9 फीसदी है.

भारत, ऑस्ट्रेलिया में व्यापार, अर्थव्यवस्था बढ़ने से छात्रों के लिए अवसर बढ़ेंगे: गोयल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार समझौते से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में वृद्धि होगी, जिससे छात्रों के लिए बड़े अवसर उपलब्ध होंगे. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के साथ मौजूदा और भविष्य के संबंधों में शिक्षा एक महत्वपूर्ण घटक है.

उन्होंने यहां न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ बातचीत में कहा, ‘‘इसलिए व्यापार और अर्थव्यवस्था का विस्तार होने के साथ ही छात्रों के लिए अवसरों का भी स्वाभाविक रूप से विस्तार होता है और यही हमारा लक्ष्य है.’’ उन्होंने शिक्षा में भारत-आॅस्ट्रेलिया की साझेदारी को और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने का आ’’ान किया और विश्वविद्यालय को भारत में अपने पदचिह्नों का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया. ऑस्ट्रेलिया में भारत के एक लाख से अधिक छात्र हैं. इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलियाई व्यापार मंत्री डैन तेहान ने कहा कि आॅस्ट्रेलिया में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों को भी यहां काम करने का अवसर देने की मांग पर वह विचार कर रहे हैं.

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