
इंदौर. इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मंगलवार को कहा कि ‘लव जिहाद’ के कथित वित्तपोषण के मामले में करीब दो महीने से फरार कांग्रेस के एक पार्षद की सदस्यता बर्खास्त करने के लिए नगर निगम के आगामी सम्मेलन में प्रस्ताव पेश किया जाएगा.
‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी संगठन यह दावा करने के लिए करते हैं कि मुस्लिम पुरुष अन्य धर्मों की महिलाओं को इस्लाम में धर्मांतरित करने के लिए प्रेम के जाल में फंसाते हैं.
भार्गव ने संवाददाताओं को बताया, ”कादरी, लव जिहाद के वित्तपोषण और अन्य गंभीर आरोपों के कारण फरार हैं. उन्होंने अपने कृत्यों से पार्षद पद का मान घटाया है. उनका पार्षद बने रहना शहर के हित में कतई नहीं है.” उन्होंने बताया कि महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में तय किया गया है कि कादरी को पार्षद पद से हटाने के लिए नगर निगम के अगले सम्मेलन में उनके खिलाफ प्रस्ताव पेश किया जाएगा.
महापौर ने कहा, ”सम्मेलन में इस प्रस्ताव पर चर्चा व मतविभाजन किया जाएगा और कादरी को भी सुनवाई का अवसर दिया जाएगा.” भार्गव ने 20 जून को इंदौर संभाग के आयुक्त (राजस्व) को पत्र लिखकर कहा था कि वह मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम 1956 के संबद्ध प्रावधानों के तहत कादरी को पार्षद पद से बर्खास्त करें.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शहर के दो युवकों साहिल शेख और अल्ताफ शाह ने जून के दौरान पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर स्वीकार किया था कि युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरित कराने के लिए उन्हें कादरी ने कुल तीन लाख रुपये दिए थे और यह रकम उन्होंने युवतियों पर खर्च की थी.
अधिकारी ने बताया कि दोनों युवकों को अलग-अलग मामलों में दो युवतियों से दुष्कर्म और अन्य आरोपों में गिरफ्तार किया गया था.
उन्होंने बताया कि दोनों युवकों के बयान के आधार पर कादरी के खिलाफ धन के दम पर धर्मांतरण की साजिश में शामिल होने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था जिसके बाद वह फरार हो गए थे. कांग्रेस पार्षद की गिरफ्तारी पर 20,000 रुपये का ईनाम घोषित है.
अधिकारी ने बताया कि कादरी के फरार होने के बाद जिला प्रशासन ने सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार करने का आदेश जारी किया था. उन्होंने बताया कि कादरी के खिलाफ शहर के अलग-अलग पुलिस थानों में 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं.
”धर्मांतरण” से जुड़े ‘व्हाट्सऐप स्टेटस’ को लेकर इंदौर के युवा कांग्रेस अध्यक्ष पर प्राथमिकी दर्ज
इंदौर में ”धर्मांतरण को बढ़ावा देने वाला” व्हाट्सऐप स्टेटस साझा करने के आरोप में युवा कांग्रेस की शहर इकाई के अध्यक्ष के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अपराध निरोधक शाखा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया कि भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की शहर इकाई के अध्यक्ष सौगात मिश्रा की शिकायत पर युवा कांग्रेस की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष रमीज खान के खिलाफ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम से संबद्ध प्रावधानों के तहत सोमवार रात आपराधिक मामला दर्ज किया गया.
दंडोतिया ने बताया कि शिकायतकर्ता मिश्रा ने पुलिस को कुछ डिजिटल सबूत सौंपे हैं जिनके आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है. मिश्रा ने अपनी शिकायत में कहा कि खान ने अपने ‘व्हाट्सऐप स्टेटस’ के जरिये ऐसी तस्वीर साझा की जिस पर काले और सफेद रंगों वाले दो अलग-अलग मानव हृदय दिखाए गए और इनके नीचे अंग्रेजी में ‘कन्वर्ट्स टू इस्लाम’ लिखा गया तथा युवा कांग्रेस नेता ने अपने स्टेटस को अंग्रेजी में ‘लाइफ विद अल्लाह’ शीर्षक दिया है.
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया, “खान ने अपने आपत्तिजनक ‘व्हाट्सऐप स्टेटस’ के माध्यम से संदेश दिया है कि यदि कोई गैर मुस्लिम व्यक्ति अपना धर्म बदल कर इस्लाम स्वीकार कर लेता है, तो उसका ‘काला दिल अल्लाह के फजल (कृपा) से पाक-साफ हो जाएगा और अगर कोई गैर मुस्लिम व्यक्ति इस्लाम स्वीकार नहीं करता है, तो उसका दिल काला’ ही रहेगा.”



