इजराइल ने ईरान के हमले को रोकने में ‘सफलता’ पर जताई खुशी

तेल अवीव. इजराइल ने ईरान के एक अप्रत्याशित हमले को रोकने में अपनी सफल हवाई रक्षा कार्रवाई पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि उसने और उसके सहयोगियों ने मिलकर देश की ओर दागी गयी 300 से अधिक ड्रोन और मिसाइलों में से 99 प्रतिशत को नष्ट कर दिया. हालांकि इस बात की आशंका है कि इजराइल जवाबी हमला करेगा जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि वह रविवार को जी-7 की एक बैठक बुलाएंगे ताकि ”ईरान के हमले के लिए समन्वित कूटनीतिक जवाबी कार्रवाई तैयार की जा सके.” बाइडन की भाषा से यह संकेत मिलता है कि उनका प्रशासन नहीं चाहता कि ईरान का हमला व्यापक सैन्य संघर्ष में तब्दील हो.

ईरान ने शनिवार देर रात इजराइल पर हमला कर दिया और उस पर सैंकड़ों ड्रोन, बैलेस्टिक मिसाइलें तथा क्रूज मिसाइलें दागीं.  जराइल ने कहा कि ईरान ने 170 ड्रोन, 30 से अधिक क्रूज. मिसाइल और 120 से अधिक बैलेस्टिक मिसाइल दागीं. रविवार सुबह तक ईरान ने कहा कि हमला समाप्त हो गया है,वहीं इजराइल ने भी अपने हवाई क्षेत्र को खोल दिया है. सीरिया में एक अप्रैल को हवाई हमले में ईरानी वाणिज्य दूतावास में दो ईरानी जनरल के मारे जाने के बाद ईरान ने बदला लेने का प्रण लिया था. ईरान ने इस हमले के पीछे इजराइल का हाथ होने का आरोप लगाया था. हालांकि इजराइल ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी.

दोनों देश वर्षों से एक दूसरे से द्यद्म युद्ध लड़ रहे हैं जिसमें दमिश्क हमले जैसी घटनाएं शामिल हैं लेकिन यह पहली बार है जब ईरान ने देश की 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद शुरू हुई दशकों की दुश्मनी के बाद इजराइल पर सीधे तौर पर हमला किया है. इजराइल ने अमेरिका की मदद से कई वर्षों में एक बहुस्तरीय हवाई रक्षा नेटवर्क बनाया है जिसमें लंबी दूरी की मिसाइल, क्रूज. मिसाइल, ड्रोन और कम दूरी के रॉकेट सहित विभिन्न प्रकार के हमलों को रोकने में सक्षम तंत्र शामिल हैं.

इस तंत्र तथा अमेरिकी एवं अन्य बलों की मदद से इजराइल ईरान के इस हमले से अपनी रक्षा कर पाया और उसे उस तरह का नुकसान नहीं पहुंचा जो सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद नहीं होने की सूरत में होता. इसके अलावा हमास से साथ उसका युद्ध छह माह से अधिक वक्त से जारी है साथ ही वह लेबनान की उत्तरी सीमा पर हिजबुल्ला आतंकवादियों के हमले का सामना कर रहा है. हमास और हिजबुल्ला दोनों को ईरान का समर्थन है. ऐसे नाजुक वक्त में इजराइल एक और युद्ध और तबाही झेलने की हालतमें नहीं है.

इजराइली और अमेरिकी अधिकारियों ने हवाई हमले को निष्प्रभावी बनाने पर प्रसन्नता व्यक्ति की है. इजराइली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हैगारी ने कहा कि 300 से अधिक ड्रोन और मिसाइल दागी गईं जिनमें से 99 प्रतिशत को हवा में ही नष्ट कर दिया गया. उन्होंने कहा, ”यह सफलता है.” यह पूछे जाने पर कि क्या इजराइल इस हमले का जवाब देगा, उन्होंने कहा इजराइल की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक है, सेना वह करेगी.

हैगारी ने कहा कि कोई भी ड्रोन और क्रूज मिसाइल इजराइल नहीं पहुंचीं, केवल कुछ बैलेस्टिक मिसाइलें ही पहुंच पाईं. उन्होंने कहा कि क्रूज मिसाइलों में से 25 को इजराइली वायु सेना ने मार गिराया. बचावकर्ताओं ने बताया कि एक हमले में दक्षिणी इजराइल के बदूइन अरब शहर में 10 वर्षीय लड़की गंभीर रूप से घायल हो गई. हैगारी ने कहा कि एक अन्य मिसाइल सैन्य अड्डे पर गिरी जिससे वहां मामूली नुकसान हुआ है.

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ‘एक्स’ पर एक संक्षिप्त संदेश पोस्ट किया, ”हमने बीच में रोका. निष्प्रभावी किया. हम जीतेंगे.” रक्षा मंत्री योएव गैलेंट ने भी परिणामों का जश्न मनाया और अमेरिका और अन्य देशों को उनकी सहायता के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि इजराइल को सतर्क रहने और किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने की जरूरत है.

इजराइल ने घोषणा की कि उसने अपने हवाई क्षेत्र को फिर से खोल दिया है और हमले से पहले लगाए गए एक प्रतिबंध को ढीला कर दिया है, हालांकि देश भर में स्कूल बंद रहे. पड़ोसी जॉर्डन ने भी अपना हवाई क्षेत्र फिर से खोल दिया. उधर ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘आईआरएनए’ ने बताया कि ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मोहम्मद हुसैन बघेरी ने कहा कि अभियान समाप्त हो गया है.

उनके हवाले से कहा गया, ”इजराइल के खिलाफ अभियान जारी रखने का हमारा कोई इरादा नहीं है.” अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने वॉशिंगटन में कहा कि अमेरिकी सेना ने ‘लगभग सभी’ ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने में इजराइल की मदद की. साथ ही उन्होंने समन्वित कार्रवाई के लिए सहयोगियों की बैठक बुलाई है.

बाइडन डेलावेयर बीच हाउस में थे लेकिन उन्होंने व्हाइट हाउस में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से मिलने के लिए अपना सप्ताहांत प्रवास समाप्त किया. उन्होंने नेतन्याहू से बात की. विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने रविवार को एक बयान में कहा कि अमेरिका ”तनाव बढ़ाने की इच्छा नहीं रखता” और आने वाले दिनों में अपने सहयोगियों के साथ बातचीत करेगा. अमेरिका ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर तेहरान को संघर्ष को और अधिक बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी देने के स्पष्ट संदेश दिए हैं. जी-7 के नेता इजराइल के खिलाफ ईरानी हमलों पर रविवार दोपहर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत करेंगे जिसमें अमेरिका, जापान, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन,कनाडा, इटली शामिल हैं.

ईरान की सरकारी समाचार समिति ‘आईआरएनए’ की ओर से शनिवार देर रात जारी एक बयान में देश के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने स्वीकार किया कि” यहूदी शासन के कब्जे वाले क्षेत्रों और ठिकानों की ओर दर्जनों ड्रोन और मिसाइलें दागी गईं.” एक अन्य बयान में रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका को सीधी चेतावनी जारी करते हुए कहा, ”आतंकवादी अमेरिकी सरकार को चेतावनी दी जाती है कि यदि वह ऐसी कोई भी मदद या भागीदारी में शामिल होती है जिससे ईरान के हितों को नुकसान पहुंचता हो, तो इसके बदले में ईरान के सशस्त्र बल निर्णायक कार्रवाई करेंगे.”

इजराइल पर हमले के बाद उत्तरी इजराइल, दक्षिणी इजराइल, उत्तरी वेस्ट बैंक और जॉर्डन सीमा के पास मृत सागर सहित कई स्थानों पर हवाई हमले के सायरन बजने लगे. अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र , फ्रांस, ब्रिटेन आदि देशों ने इजराइल पर ईरान के हमले की निंदा की है. फ्रांस ने कहा कि ईरान ”संभावित सैन्य हमलों का खतरा बढ़ रहा है.” ब्रिटेन ने इस हमले को ‘फिजूल’ करार दिया. वहीं जर्मनी ने कहा कि ईरान और उसके मददगारों को तत्काल हमला बंद करना चाहिए.

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