आकार में भले छोटा लेकिन इसका दिल बड़ा: मुस्लिम बहुल लक्षद्वीप में बोले प्रधानमंत्री मोदी

कावारत्ती. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी सरकार द्वारा शुरू किए गए सुधारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों का गवाह बने मुस्लिम बहुल लक्षद्वीप के लोगों का दिल जीतने के प्रयास के तहत बुधवार को कहा कि यह द्वीपसमूह भले ही छोटा है लेकिन इसका हृदय विशाल है.

प्रधानमंत्री ने यहां केंद्र शासित प्रदेश में प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, जल संसाधन, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी 1,150 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद यह बात कही. इस समारोह में महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों द्वीपवासियों ने भाग लिया. प्रधानमंत्री ने मलयालम में उन्हें ‘परिवारजनों’ कहकर संबोधित किया. उन्होंने लक्षद्वीप की सुंदरता को शब्दों से परे बताया और यहां के नागरिकों से मिलने के लिए अगती, बंगारम और कावारत्ती का दौरा करने के कहा.

उन्होंने कहा, ”लक्षद्वीप का भौगोलिक क्षेत्र भले ही छोटा है लेकिन लोगों के दिल समुद्र की तरह गहरे हैं. मैं यहां मिल रहे प्यार और आशीर्वाद से अभिभूत हूं. मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं.” उन्होंने स्वदेश दर्शन योजना के तहत लक्षद्वीप के लिए एक विशेष योजना विकसित करने की घोषणा की, जिसमें इसके अद्वितीय आकर्षणों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

इसकी क्षमता पर जोर देते हुए, उन्होंने कदमत और सुहेली द्वीपों पर दो ब्लू-फ्लैग समुद्र तटों और आगामी जल विला परियोजनाओं पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि लक्षद्वीप एक शीर्ष क्रूज पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है, जहां पांच साल पहले की तुलना में पर्यटकों की संख्या में पांच गुना वृद्धि हुई है.

मोदी ने लोगों को अपने देश को घूमकर जानने के लिए प्रोत्साहित किया और उनसे अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर विचार करने से पहले देश में कम से कम 15 स्थानों की यात्रा करने का आग्रह किया. उन्होंने विशेष रूप से लक्षद्वीप घूमने की सिफारिश की और कहा कि इसकी सुंदरता कई वैश्विक स्थलों को भी पीछे छोड़ती है.

उन्होंने कहा, ”एक बार जब आप लक्षद्वीप की सुंदरता देखेंगे, तो दुनिया के अन्य गंतव्य फीके दिखाई देंगे.” प्रधानमंत्री ने हज यात्रियों के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया, जिससे लक्षद्वीप के लोगों को भी लाभ हुआ. उन्होंने हज वीजा के लिए आसानी और वीजा प्रक्रिया के डिजिटलीकरण और महिलाओं को ‘मेहरम’ के बिना हज पर जाने की अनुमति का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से उमराह के लिए जाने वाले भारतीयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.

प्रधानमंत्री ने लक्षद्वीप के लोगों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार उनके जीवन की गुणवत्ता, यात्रा सुविधा और व्यापार के अवसरों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. समारोह में मोदी ने लैपटॉप योजना के तहत छात्रों को लैपटॉप दिए और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के तहत स्कूली छात्रों को साइकिलें दीं. उन्होंने किसानों और मछुआरों को पीएम किसान क्रेडिट कार्ड भी सौंपे.

मोदी ने अपने संबोधन में केंद्र की पूर्ववर्ती गैर-भाजपा सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों से उनकी एकमात्र प्राथमिकता अपने राजनीतिक दलों का विकास करना रही. उन्होंने कहा, ”दूर-दराज के राज्यों, सीमावर्ती क्षेत्रों या जो समुद्र के बीच हैं, उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया.” उन्होंने द्वीपवासियों को आश्वासन दिया कि जिन लोगों ने उनके अधिकारों को छीनने की कोशिश की, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.

द्वीप समूह में शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्वीप प्रशासन द्वारा शुरू किए गए विभिन्न सुधारों के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया था. केंद्र शासित प्रदेश के विकास के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बात करते हुए, उन्होंने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) शत प्रतिशत पूरा होने, प्रत्येक लाभार्थी के लिए मुफ्त राशन सुनिश्चित करने, पीएम किसान क्रेडिट कार्ड और आयुष्मान कार्ड वितरित करने और आयुष्मान आरोग्य मंदिर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर विकसित करने का उल्लेख किया. उन्होंने 1,000 दिनों के भीतर तेज इंटरनेट सुनिश्चित करने के बारे में 2020 में उनके द्वारा दी गई गारंटी को याद किया.

उन्होंने कहा, ”2020 में मैंने गारंटी दी थी कि अगले 1,000 दिनों के भीतर आपको तेज इंटरनेट सुविधा मिल जाएगी. आज कोच्चि-लक्षद्वीप पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर परियोजना का उद्घाटन किया गया है. अब लक्षद्वीप में इंटरनेट 100 गुना अधिक गति से उपलब्ध होगा.” मोदी ने अगस्त 2020 में अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में इस परियोजना की घोषणा की थी.

उन्होंने कहा कि इस परियोजना से सरकारी सेवाओं, चिकित्सा उपचार, शिक्षा और डिजिटल बैंकिंग जैसी सुविधाओं में सुधार होगा तथा लक्षद्वीप को लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने की क्षमता को इससे ताकत मिलेगी. कदमत में कम तापमान वाले थर्मल डिसेलाइनेशन प्लांट का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि लक्षद्वीप में हर घर में पाइप से पानी पहुंचाने का काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है.

मोदी ने लक्षद्वीप पहुंचने पर प्रसिद्ध पर्यावरणविद अली मानिकफान के साथ अपनी बातचीत का जिक्र किया और द्वीपसमूह के संरक्षण के लिए उनके शोध और नवाचार पर प्रकाश डाला. उन्होंने वर्तमान सरकार द्वारा मानिकफान को 2021 में पद्मश्री से सम्मानित किए जाने पर संतोष व्यक्त किया. प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों में लक्षद्वीप में किसी भी शीर्ष शिक्षा संस्थान के न होने का उल्लेख किया, जिसके कारण द्वीपों से युवाओं का पलायन हुआ.

आजादी का अमृत काल में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में लक्षद्वीप की भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया. प्रधानमंत्री ने लक्षद्वीप के लोगों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार उनके जीवन को आसान बनाने, यात्रा में आसानी और व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाना जारी रखेगी. लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल और लक्षद्वीप के उपराज्यपाल प्रफुल्ल पटेल भी इस अवसर पर उपस्थित थे.

प्रधानमंत्री ने कदमत में कम तापमान वाले थर्मल डिसेलाइनेशन (एलटीटीडी) संयंत्र का भी उद्घाटन किया, जो हर दिन 1.5 लाख लीटर स्वच्छ पेयजल का उत्पादन करेगा. इसके अतिरिक्त, उन्होंने अगाती और मिनिकॉय द्वीपों पर सभी घरों में घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) राष्ट्र को सर्मिपत किए. उन्होंने कल्पेनी में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधा के नवीनीकरण और पांच द्वीपों एंड्रोथ, चेतलाट, कदमत, अगाती और मिनिकॉय में पांच मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों (नंद घरों) के निर्माण की आधारशिला भी रखी.

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