जम्मू-कश्मीर: भाजपा नेताओं ने ‘राष्ट्र-विरोधी’ टिप्पणी पर महबूबा मुफ्ती के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 01 Dec 2024 10:28 PM
जम्मू-कश्मीर: भाजपा नेताओं ने ‘राष्ट्र-विरोधी’ टिप्पणी पर महबूबा मुफ्ती के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

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जम्मू. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू-कश्मीर इकाई के नेताओं ने रविवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के खिलाफ उनके उस “राष्ट्र-विरोधी” बयान के लिए कार्रवाई की मांग की जिसमें उन्होंने बांग्लादेश की स्थिति की तुलना भारत से की थी.

उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा कथित आतंकवादी संबंधों को लेकर हाल में दो सरकारी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का स्वागत किया और कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद के ‘पारिस्थितिकी तंत्र’ को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहनी चाहिए.

जम्मू-कश्मीर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र रैना ने यहां पार्टी के एक समारोह से इतर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “बांग्लादेश की स्थिति की तुलना भारत से करने वाला महबूबा का विवादित बयान पूरी तरह से गलत और निंदनीय है. दुनिया बांग्लादेश में मानवाधिकार के सबसे बदतर उल्लंघन से वाकिफ है, जहां अल्पसंख्यक समुदाय को लक्षित हमलों का सामना करना पड़ रहा है, महिलाओं का अपमान किया जा रहा है और एक निर्वाचित प्रधानमंत्री को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है. इसके अलावा देश के संस्थापक की प्रतिमाओं को अपवित्र किया गया है.”

उन्होंने कहा, ” जम्मू-कश्मीर सरकार को महबूबा के देश विरोधी बयान और उनकी साजिशों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.” इससे पहले जम्मू में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीडीपी अध्यक्ष ने लोगों से भाजपा के कथित ध्रुवीकरण के प्रयासों का मुकाबला करने के लिए खड़े होने का आ”ान किया और पूछा कि बांग्लादेश और भारत में क्या अंतर है.

उन्होंने कहा, “बांग्लादेश में हमारे हिंदू भाई उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं, लेकिन अगर हम यहां (भारत में) अल्पसंख्यकों के साथ ऐसा ही करते हैं, तो फिर क्या अंतर है? हमारा देश इतना महान है कि इसे इसके धर्मनिरपेक्ष चरित्र के लिए दुनिया भर में जाना जाता है.” विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री का बयान हाल में हुए विधानसभा चुनावों में हार का सामना करने के बाद अपनी पार्टी को फिर से खड़ा करने की एक कोशिश है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और भारत की स्थिति में कोई तुलना नहीं है.

शर्मा ने कहा, ” पीडीपी पूरी तरह खत्म हो चुकी है और महबूबा अपनी पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए मुसलमानों को भड़काने के लिए इस तरह के बयान दे रही हैं. वह इस तरह के बयानों से लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं, जबकि उन्हें पूरी तरह पता है कि देश में खासकर जम्मू-कश्मीर में मुसलमान सुरक्षित हैं.” बर्खास्त सरकारी कर्मचारियों की हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक द्वारा बहाली की मांग करने संबंधी बयान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आतंकवाद से जुड़े लोगों को बाहर निकालने के लिए सरकार की कार्रवाई सराहनीय है. उन्होंने कहा, “मीरवाइज की विचारधारा अलगाववाद का समर्थन करती है. उन्होंने हमेशा राष्ट्रविरोधी तत्वों का साथ दिया है.”

By Yogesh Kumar Sahu