चाईबासा. झारखंड के नक्सल प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिले के तुम्बाका जंगल में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के साथ मुठभेड़ के बाद बुधवार को हुए बम विस्फोट में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के छह कर्मी घायल हो गए. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां यह जानकारी दी.
पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष शेखर ने पीटीआई-भाषा को बताया कि उनमें से कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं है और उन्हें रांची के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवादियों ने उस समय विस्फोट किया जब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और इसकी कमांडो बटालियन फॉर रिजॉल्यूट एक्शन (कोबरा), राज्य पुलिस की ‘जगुआर’ इकाई तथा जिला सशस्त्र पुलिस के जवान जंगल में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे.
सुरक्षा बलों के आगे बढ़ने पर वामपंथी उग्रवादियों ने उन पर गोलियां चलाईं. इसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की और पीछे हटने पर मजबूर नक्सलियों ने विस्फोट कर दिया. एसपी ने कहा कि उग्रवादियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
शेखर ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिले की पुलिस नक्सल प्रभावित इलाकों में पिछले कई हफ्तों से वामपंथी उग्रवादियों के खिलाफ अभियान चला रही है, जिसके कारण कई उग्रवादियों को हथियार डालने के लिए मजबूर होना पड़ा. शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा के करीबी माने जाने वाले आठ उग्रवादी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल हैं. मिसिर बेसरा पर एक करोड़ रुपये का इनाम है. पुलिस ने वामपंथी उग्रवाद से जुड़े युवाओं से सरकार की समर्पण और पुनर्वास नीति का लाभ उठाने और हथियार डालने की अपील की है.