जम्मू. जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने राहुल गांधी नीत ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के समापन पर 30 जनवरी को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में ‘विशाल रैली’ करने की अनुमति दे दी है. एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की जम्मू-कश्मीर प्रभारी रजनी पाटिल ने बताया कि देशभर की 23 पार्टियों के नेताओं के रैली में शामिल होने की संभावना है.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हमें 30 जनवरी को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में रैली करने की अनुमति जम्मू-कश्मीर प्रशासन से मिल गई है. यात्रा जम्मू-कश्मीर में लोगों की भारी भागीदारी से सबसे अधिक सफल होगी.’’ उन्होंने कहा कि यात्रा को पहले दिन से ही लोगों की शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ सात सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई थी.इसका समापन श्रीनगर में राहुल गांधी द्वारा तिरंगा फहराने से होगा. यह यात्रा अबतक तमिलनाडु, केरल,कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब से होकर गुजरी है.
पाटिल ने बताया, ‘‘यात्रा पंजाब से लखनपुर के रास्ते जम्मू कश्मीर में बृहस्पतिवार शाम को दाखिल होगी. ध्वज समारोह शाम 5:45बजे से 6:15 बजे के बीच महाराजा गुलाब ंिसह की प्रतिमा के पास होगा.’’ उन्होंने बताया, ‘‘रात्रि विश्राम करने के बाद राहुल गांधी अगले दिन सुबह सात बजे कठुआ के हाटली मोड़ से यात्रा को दोबारा शुरू करेंगे.’’
पाटिल ने बताया कि यात्रा 23 जनवरी को जम्मू में दाखिल होगी. उन्होंने कहा, ‘‘हमारी योजना शहर में रैली करने की है और इसके लिए हमने प्रशासन से अनुमति मांगी है. हमें उम्मीद है कि प्रशासन अनुमति दे देगा.’’ उन्होंने बताया कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक से मंगलवार को मुलाकात की थी और उनसे यात्रा की सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की थी.
पाटिल ने बताया कि नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत और अन्य पार्टियों के नेता लखनपुर में यात्रा में शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि पूर्व मंत्री लाल ंिसह ने भी यात्रा का स्वागत करने की इच्छा जताई है.
उन्होंने बताया, ‘‘नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला भी इस यात्रा में उस समय शामिल होंगे जब यह बनिहाल सुरंग के रास्ते कश्मीर घाटी में दाखिल होगी. वहीं, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सूचित किया है कि वह भी अपनी मां और बेटी के साथ यात्रा में शामिल होंगी.’’ पाटिल ने कहा कि जो भी भारत की एकता को लेकर गांधी की विचारधारा और कांग्रेस के दर्शन में विश्वास करता है, उसका यात्रा में स्वागत है.
उन्होंने कहा कि कई लोगों ने यात्रा को जम्मू-कश्मीर में मिलने वाली प्रतिक्रिया को लेकर शंकाएं जताई हैं लेकिन ‘‘ मैं उन्हें कहना चाहती हूं कि यात्रा यहां भी अन्य राज्यों की तरह बहुत सफल होगी.’’ कांग्रेस नेता ने बताया कि गांधी 24 जनवरी को जम्मू से उधमपुर और रामबन के रास्ते कश्मीर के लिए रवाना होंगे.
पाटिल से जब पूछा गया कि क्या कांग्रेस ने किसी नेता के यात्रा के दौरान इसमें शामिल होने की उम्मीद की है तो उन्होंने कहा कि गांधी ने स्पष्ट कर दिया था कि यह गैर राजनीतिक यात्रा है और नफरत के खिलाफ केवल देश को जोड़ने के लिए है. उन्होंने कहा, लेकिन पार्टी गांधी को विभिन्न मुद्दों से अवगत कराएगी जिनमें सरकारी भूमि खाली कराने का अभियान और कश्मीरी पंडितों की मांगें शामिल हैं.
पाटिल ने बताया कि यात्रा के दौरान कई प्रतिनिधिमंडलों के भी गांधी से मिलने की संभावना है. उन्होंने बताया कि लद्दाख का 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस नेता को अपनी समस्याओं से अवगत कराएगा. उन्होंने बताया कि गांधी के जम्मू-कश्मीर में यात्रा के दौरान दो संवाददाता सम्मेलन करने की भी संभावना है जिनमें एक जम्मू में जबकि दूसरा श्रीनगर में हो सकता है.