श्रीनगर. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटों के जम्मू कश्मीर के बडगाम और श्रीनगर जिलों में स्थित एक मकान और दो कनाल जमीन सोमवार को कुर्क की. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एनआईए के अधिकारियों की एक टीम ने पहले यहां रामबाग इलाके में एक मकान को कुर्क किया, जो राजस्व रिकॉर्ड में सैयद अहमद शकील के नाम पंजीकृत है. वह घोषित आतंकवादी सलाहुद्दीन का बेटा है.
एनआईए अधिकारी ने बताया कि गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत अदालती आदेशों पर जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई की. उन्होंने बताया कि बाद में, अधिकारियों की टीम बडगाम जिला स्थित सोइबुग गई, जो भारत में सर्वाधिक वांछित आतंकी (सलाहुद्दीन) का पैतृक निवास स्थान है. उन्होंने बताया कि वहां दो कनाल (10,880 वर्ग फुट) जमीन कुर्क की गई. यह कृषि भूमि सलाहुद्दीन के दूसरे बेटे शाहिद युसूफ के नाम पर पंजीकृत है.
इसके अलावा एनआईए ने जम्मू कश्मीर के लेथपोरा स्थित सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) ग्रुप सेंटर पर 2018 में हुए हमले से जुड़े एक मामले में पुलवामा के अवंतीपुरा इलाके में छह दुकानें कुर्क की. एनआईए ने एक बयान में कहा कि उसने घोषित आतंकी सैयद मोहम्मद युसूफ शाह उर्फ सैयद सलाहुद्दीन के बेटों की दो संपत्ति कुर्क की है. सलाहुद्दीन, हिज्बुल मुजाहिदीन का स्वयंभू सर्वोच्च कमांडर और यूनाइटेड जिहाद काउंसिल का सरगना है.
शाहिद युसूफ और सैयद अहमद शकील, दोनों की दिल्ली की तिहाड़ जेल में हैं. सलाहुद्दीन 1993 में पाकिस्तान भाग गया था. उसे अक्टूबर 2020 में भारत ने एक आतंकी घोषित किया था. उसने पाकिस्तान से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना जारी रखा है.