नयी दिल्ली. अपने रुख में बदलाव को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरंिवद केजरीवाल ने मानहानि के मामले में दो साल की सजा सुनाए जाने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बृहस्पतिवार को सार्वजनिक तौर पर समर्थन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि गैर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं और पार्टियों को मुकदमे में फंसा कर उन्हें ‘खत्म’ करने की साजिश रची जा रही है. कांग्रेस और आप पूर्व में कई मुद्दों पर एक दूसरे के साथ दिखाई देने से बचते रहे हैं.
कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली की अब रद्द कर दी गई आबकारी नीति 2021-22 बनाने, लागू करने में कथित अनियमितता के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दिल्ली के तत्कालीन उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के मामले में ‘आप’ का समर्थन नहीं किया था.
हालांकि, ‘आप’ का समर्थन गांधी के लिए ऐसे समय आया है जब माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए केजरीवाल ‘समान विचार’वाली पार्टियों के साथ गठबंधन की कोशिश कर रहे हैं. इस महीने के शुरुआत में उन्होंने गैर भाजपा और गैर कांग्रेस शासित आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों को रात्रि भोज पर आमंत्रित किया था और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की थी.
उल्लेखनीय है कि सूरत की एक अदालत ने ‘‘मोदी उपनाम’’ संबंधी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें बृहस्पतिवार को दो साल कारावास की सजा सुनाई. इसके बाद ‘आप’ ने कांग्रेस के प्रति रुख में नरमी का संकेत दिया.
केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘गÞैर भाजपा नेताओं और पार्टियों पर मुकÞदमे करके उन्हें ख़त्म करने की साजÞशि हो रही है. हमारे कांग्रेस से मतभेद हैं मगर राहुल गांधी जी को इस तरह मानहानि के मुकÞदमे में फÞंसाना ठीक नहीं.’’ ‘आप’ के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि विपक्ष, लोकतंत्र का आधार होता है और असहमति को दबाया नहीं जाना चाहिए.
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ राहुल गांधी के खिलाफ दिए गए अदालत के फैसले से ससम्मान असहमत हूं. विपक्ष लोकतंत्र का आधार होता है. विरोध को दबाया नहीं जाना चाहिए. भारत में आलोचना की मजबूत परंपरा रही है. इसे एक विचारधारा, एक पार्टी और एक नेता तक सीमित करने की कोशिश गैर संवैधानिक और अलोकतांत्रिक है.’’ अदालत ने राहुल गांधी को जमानत भी दे दी और उनकी सजा पर 30 दिन की रोक लगा दी, ताकि कांग्रेस नेता उसके फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकें. फैसला सुनाए जाते समय राहुल गांधी अदालत में मौजूद थे. वह आज सुबह सूरत पहुंचे.