केरल सरकार मलयालम फिल्म में यौन उत्पीड़न करने वालों को बचा रही : सतीसन

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 26 Aug 2024 08:22 PM
केरल सरकार मलयालम फिल्म में यौन उत्पीड़न करने वालों को बचा रही : सतीसन

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कोच्चि. केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता वी.डी.सतीसन ने सोमवार को आरोप लगाया कि राज्य की वाम सरकार मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने वालों को बचाने की कोशिश कर रही है और इसलिए न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट पर जांच की पहल नहीं कर रही. राज्य सरकार द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए विशेष टीम गठित किए जाने के एक दिन बाद सतीसन ने सवाल किया कि क्यों जांच टीम में महिला आईपीएस अधिकारी के ऊपर पुरूष अधिकारी तैनात किए गए हैं.

अपने निर्वाचन क्षेत्र उत्तरी परवूर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सतीसन ने कहा, ”विपक्ष की मांग है कि हेमा समिति के समक्ष बयान देने वाली पीड़िताओं के बयान के आधार पर जांच के लिए वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित की जानी चाहिए. लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जांच के संबंध में जारी विज्ञप्ति में हेमा समिति का उल्लेख तक नहीं किया गया.” राज्य सरकार ने रविवार को महानिरीक्षक (आईजी) सप्रजन कुमार के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम का गठन किया जिनमें चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है.

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने रुख अपनाया है कि वह उसके द्वारा गठित समिति के समक्ष दिए गए आधिकारिक बयान और सबूतों की जांच नहीं कराएगी. सतीसन ने कहा, ”सरकार का यह रुख अस्वीकार्य है.”उन्होंने कहा कि यहां तक अदालत ने सवाल किया है कि हेमा समिति की रिपोर्ट के आधार पर जांच में क्या बाधा है.

सतीसन ने कहा, ”सरकार से जुड़े लोग कह रहे हैं कि अगर पीड़िताएं अपने बयानों पर अडिग रहती हैं तो जांच की जा सकती है. यौन उत्पीड़न के किस मामले में पीड़िताओं से पूछा जाता है कि क्या वे अपने बयानों पर अडिग रहेंगी? सरकार की कोशिश दोषियों को बचाना है.” उन्होंने कहा कि पीड़िताओं से दोबारा बयान दर्ज कराने को कहना उन्हें अपमानित करना है.

सतीसन ने राज्य के संस्कृति मंत्री साजी चेरियन की भी मामले को लेकर आलोचना की और आरोप लगाया कि वह शुरुआत से ही अलग राय रख रहे हैं. उन्होंने कहा, ”रिपोर्ट में छेड़छाड़ कर, दोषियों को बचा और पीड़ितों को अपमानित कर चेरियन ने पद ग्रहण के दौरान ली गई शपथ का गंभीर उल्लंघन किया है और वह मंत्री बने रहने के लायक नहीं है. अगर वह इस्तीफा नहीं देते हैं तो मुख्यमंत्री को उनसे इस्तीफा देने की मांग करनी चाहिए.”

सतीसन ने कांग्रेस पार्टी के नेता एवं अभिनेता धर्मजन बोलगट्टी की भी आलोचना की जिन्होंने एक टेलीविजन शो के दौरान कथित तौर पर महिला पत्रकार का अपमान किया था. उन्होंने कहा, ”अगर गलती हुई है तो हम मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की तरह बचाव नहीं करेंगे. हमारा रुख है कि हम गलती करने वालों का बचाव नहीं करेंगे.”

By Yogesh Kumar Sahu