
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. विपक्षी दल ने यह भी कहा कि राज्य में मौजूदा हालात का सबसे बड़ा शिकार आदिवासी समाज है.
भाजपा ने आरोप लगाया कि अपनी ”शहरी नक्सल मानसिकता” के साथ, सोरेन ने ”सामाजिक-आर्थिक बदहाली और अराजकता” का माहौल बनाने के लिए कांग्रेस की मदद से ”हर संभव प्रयास” किया है. भाजपा ने यह भी दावा किया कि स्थिति वैसी ही है जैसी ‘इंडिया’ गठबंधन सहयोगियों द्वारा शासित अन्य राज्यों में है.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में दावा किया, ”झारखंड में जिस तरह की बदहाली देखी जा रही है, वह एक बार फिर देश में सभी को याद दिलाती है कि ‘इंडिया’ गठबंधन से दूरी बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है.” सिन्हा ने सोरेन के खिलाफ ‘भ्रष्टाचार’ और धन शोधन के मामलों का जिक्र करते हुए कहा, ”झारखंड में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, कानून और व्यवस्था, बेरोजगारी, प्रशासनिक तंत्र का पूर्ण पतन देखा जा रहा है.”
उन्होंने आरोप लगाया, ”प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हेमंत सोरेन को सात समन भेजे हैं. भ्रष्टाचार के कई मामले हैं, उनमें से मुख्य मामले भूमि और खनन घोटालों से संबंधित हैं.” सिन्हा ने आरोप लगाया, ”ट्रांसफर पोस्टिंग घोटाला, शराब घोटाला जैसे अन्य घोटाले भी हैं जो सभी ‘इंडिया’ गठबंधन सरकारों और उनकी संलिप्तता के साथ एक आम कड़ी बन गए हैं.”
वर्ष 1991 के झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) रिश्वत मामले का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा झामुमो के साथ भ्रष्टाचार में भागीदार रही है. उन्होंने कहा, ”पिछले तीन दशकों में हमने देखा है कि झारखंड में कांग्रेस झामुमो का समर्थन करती है या झामुमो केंद्र में कांग्रेस का समर्थन केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए करती है.”
सिन्हा ने दावा किया कि सोरेन अपनी ”गतिविधियों” से झारखंड को कई दशक पीछे ले जा रहे हैं. उन्होंने कहा, ”इंडिया गठबंधन के सभी साथी इसी तरह से भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं और गरीब लोगों को लूटते हैं. झारखंड ‘इंडिया’ गठबंधन के इस चलन को एक नयी ऊंचाई पर ले जा रहा है.”



