
नई दिल्ली: मई महीने के पहले दिन से ही गैस कीमतों में बड़ा बदलाव आया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने गैस सिलिंडरों की कीमतों में नया बदलाव किया है, जिसका सीधा असर छोटे व्यापारियों, कमर्शियल उपयोग करने वालों और घर से दूर रहकर छोटू सिलिंडर के इस्तेमाल करने वालों पर पड़ेगा।
जहां एक तरफ 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में भारी उछाल आया है, वहीं दूसरी तरफ 5 किलो वाले छोटे सिलिंडर (छोटू) के दाम भी बढ़ गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि देश के करीब 33 करोड़ घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आइए इस लेख में कमर्शियल सिलिंडर और छोटू सिलिंडर की नई कीमतों के बारे में जानते हैं।
कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी
19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमत में देशभर में ₹993 की भारी बढ़ोतरी की गई है।
इस इजाफे के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलिंडर की कीमत ₹2,078.50 से बढ़कर ₹3,071.50 हो गई है।
कीमतों में हुई इस वृद्धि का सीधा असर रेस्तरां, ढाबों और कैटरिंग सेवाओं पर पड़ेगा, जिससे बाहर खाना महंगा हो सकता है।
5 किलो वाले ‘छोटू’ सिलिंडर के भी बढ़े दाम
कमर्शियल सिलिंडर के साथ-साथ 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलिंडर की कीमत में भी ₹261 का इजाफा किया गया है।
चूंकि ये छोटे सिलिंडर सब्सिडी के दायरे में नहीं आते, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का इन पर सीधा असर पड़ता है।
इस बढ़ोतरी से उन छात्रों और प्रवासी मजदूरों की जेब पर बोझ बढ़ेगा जो खाना पकाने के लिए इन छोटे सिलिंडरों का उपयोग करते हैं।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत बरकरार
14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जो आम परिवारों के लिए बड़ी राहत है।
राजधानी दिल्ली में घरेलू गैस सिलिंडर अभी भी ₹913 की अपनी पुरानी कीमत पर ही उपलब्ध है।
क्यों बढ़ीं गैस की कीमतें?
पश्चिम एशिया (इजराइल-ईरान-अमेरिका) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता आई है।
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे घरेलू कमर्शियल दरें सीधे अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से जुड़ी होती हैं।
यही वजह है कि इस महीने गैस की कीमतों में बढ़ा उछाल आया है।



