पुणे. कांग्रेस उम्मीदवार रवींद्र धंगेकर ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के कस्बा पेठ उपचुनाव में जीत दर्ज की. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने गढ़ पुणे की इस सीट को बरकरार रखने में विफल रही और उसके उम्मीदवार हेमंत रसाने को हार का सामना करना पड़ा.
कस्बा पेठ सीट पर भाजपा 28 साल से जीत दर्ज करती आई थी. पुणे से मौजूदा भाजपा सांसद गिरीश बापट ने 2019 तक पांच बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के गठबंधन महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के समर्थन वाले उम्मीदवार धंगेकर ने भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने में कामयाबी हासिल की. मतगणना के अंतिम दौर के बाद निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, धंगेकर को 73,194 वोट मिले जबकि रसाने को 62,244 वोट मिले.
कस्बा पेठ में कांग्रेस की जीत महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले साल जून में राज्य सरकार बदलने के बाद सत्तारूढ़ भाजपा-एकनाथ ंिशदे के नेतृत्व और विरोधी एमवीए के बीच यह पहली सीधी टक्कर थी. नतीजा घोषित होने के बाद धंगेकर ने कहा, ‘‘यह जनता की जीत है. जिस दिन मैंने नामांकन पत्र भरा, उसी दिन कस्बा पेठ क्षेत्र की जनता ने मुझे जिताने का फैसला कर लिया था.’’ वहीं, भाजपा उम्मीदवार रसाने ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि वह इस बात का मंथन करेंगे कि उनसे कहां और कैसे चूक हुई.
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन जोशी ने पार्टी और एमवीए की इस ‘ऐतिहासिक’ जीत के लिए कस्बा पेठ के मतदाताओं को बधाई दी.
उन्होंने कहा, ‘‘यह उन सभी एमवीए कार्यकर्ताओं की जीत है जिन्होंने इस चुनाव को पूरी एकजुटता के साथ लड़ा. इस चुनाव ने दिखा दिया है कि धन बल कारगर नहीं हो सकता.’’ भाषा शफीक मनीषा