
कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के बूथ-स्तरीय एजेंट (बीएलए) के साथ हुई बैठक से संकेत मिलता है कि वह राज्य में निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से ”परेशान” हैं. अधिकारी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की आपत्तियों को जनता स्वीकार नहीं कर रही है.
अधिकारी ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कहा, “आज तृणमूल कांग्रेस के बीएलए के साथ बनर्जी की बैठक से यह स्पष्ट हो गया है कि वह एसआईआर प्रक्रिया से परेशान हैं.” नेताजी इंडोर स्टेडियम में अपनी पार्टी के बीएलए की बैठक को संबोधित करते हुए, बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर जमकर हमला बोला और आरोप लगाया कि राज्य में एसआईआर के दौरान प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में “घोर त्रुटियां” हैं.
तृणमूल कांग्रेस सरकार के दिन गिने-चुने रह जाने का दावा करते हुए नंदीग्राम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “अप्रैल (2026) के चुनावों के बाद बनर्जी पूर्व मुख्यमंत्री बन जाएंगी.” एसआईआर के लिए सूक्ष्म पर्यवेक्षकों (माइक्रो ऑब्जर्वर) को अन्य राज्यों से लाये जाने के बनर्जी के दावे पर शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि अगर वह यह साबित कर सकें कि 3,000 सूक्ष्म पर्यवेक्षकों में से एक भी अन्य राज्य से है, तो मैं जनता से माफी मांगूंगा. लेकिन अगर बनर्जी गलत साबित होती हैं, तो उन्हें भी माफी मांगनी चाहिए.”
बनर्जी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर किए गए हमले का जवाब देते हुए अधिकारी ने कहा कि वह इसलिए निशाना बना रहीं, क्योंकि वह “किसी ऐसे अधिकारी को नहीं ढूंढ पाईं, जो निर्वाचन आयोग को गुमराह कर सके.” उन्होंने कहा, “वह गृह मंत्री पर हमला कर रही हैं, जबकि निर्वाचन आयोग के संबंध में उनकी कोई भूमिका नहीं है.” उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य सरकार से परामर्श किए बिना भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों को विशेष पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किए जाने से बनर्जी नाखुश हैं.



