मोदी ने वादे पूरे नहीं किए, देश में 83 प्रतिशत युवा बेरोजगार: टीएमसी

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता अमित मित्रा ने रविवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विभिन्न मुद्दों पर किये गए वादों को पूरा नहीं किया गया है. उन्होंने दावा किया कि देश के बेरोजगारों में 83 प्रतिशत युवा हैं. मित्रा ने अपनी पार्टी के रुख को दोहराया कि टीएमसी ‘इंडिया गठबंधन’ के साथ है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को फटकार लगाना और अधीर का प्रत्युत्तर उनका आंतरिक मामला है.

ममता बनर्जी की कैबिनेट में पूर्व में वित्त मंत्री रहे मित्रा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में दावा किया, “देश में बेरोजगार लोगों में से लगभग 83 प्रतिशत युवा पुरुष और महिलाएं हैं.” उन्होंने कहा, “शिक्षित युवा पुरुषों और महिलाओं में से दो तिहाई बेरोजगार हैं.” उन्होंने दावा किया कि कुशल श्रमशक्ति तैयार करने के लिए राजग सरकार के कौशल भारत कार्यक्रम ने वांछित नतीजे नहीं दिए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि देश के केवल 4 प्रतिशत युवा ही व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न मुद्दों पर मोदी की गारंटियां वास्तव में पूरी नहीं हुई हैं. उन्होंने दावा किया कि “देश में हर घंटे महिलाओं के खिलाफ 51 अपराध होते हैं.” बंगाल के पूर्व वित्त मंत्री ने दावा किया कि देश में ‘घरेलू शुद्ध वित्तीय बचत’ 50 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है.

उन्होंने दावा किया कि किसानों को उनकी उपज के लिए गारंटीकृत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं दिया जा रहा है. मित्रा ने आरोप लगाया कि “हर दिन 30 किसान आत्महत्या करते हैं.” उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में देश का विदेशी कर्ज 100 फीसदी बढ.ा है. उन्होंने कहा, “यह दस साल पहले के 3,65,000 करोड़ रुपये से बढ.कर 2022-23 के वित्तीय वर्ष में 7,48,000 करोड़ रुपये हो गया है.” मित्रा ने दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी द्वारा 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में बड़ी संख्या में सीटें जीतने के बाद केंद्र की भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने राज्य को मिलने वाले धन को रोक दिया है. उन्होंने कहा, “हमें मनरेगा और आवास योजना के तहत एक भी रुपया नहीं मिला है, क्योंकि वे (भाजपा) 2021 में हार गए थे.” उन्होंने पूछा कि क्या यह “प्रधानमंत्री की गारंटी” थी.

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