नड्डा को मिला कार्यकाल विस्तार, अगला लोकसभा उनकी अध्यक्षता में लड़ेगी भाजपा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 17 Jan 2023 07:03 PM
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने मंगलवार को सर्वसम्मति से पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा के कार्यकाल को जून 2024 तक बढ़ाने को मंजूरी दे दी. भाजपा के शीर्ष संगठनात्मक निकाय के इस फैसले के बाद यह तय हो गया है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में नड्डा के पास ही पार्टी की बागडोर रहेगी.

राजधानी स्थित नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद् (एनडीएमसी) के कन्वेंशन सेंटर में भाजपा की दो दिवसीय कार्यकारिणी बैठक के आखिरी दिन संवाददाताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नड्डा के कार्यकाल को विस्तार दिए जाने की जानकारी दी. कार्यकारिणी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नड्डा के कार्यकाल को विस्तार दिए जाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया.

शाह ने कहा, ‘‘कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से राजनाथ सिंह के प्रस्ताव को स्वीकार किया कि नड्डा जी को जून 2024 तक भाजपा के अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल को विस्तार दिया जाए.’’ केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण भाजपा का सदस्यता अभियान समय पर हो नहीं पाया और जब तक बूथ से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक के चुनाव नहीं हो जाते, तब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनना संवैधानिक रूप से संभव ही नहीं था.

उन्होंने कहा कि पूर्व में भी कई मौकों पर अलग-अलग कारणों से राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यकाल को विस्तार दिया गया है और इसी परंपरा का अनुसरण करते हुए जेपी नड्डा के कार्यकाल को बढ़ाया गया है. केंद्रीय गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नेरन्द्र मोदी के नेतृत्व और जे पी नड्डा की अध्यक्षता में भाजपा 2024 के चुनाव में 2019 से भी बड़े जनादेश के साथ जीत दर्ज करेगी.

उन्होंने कहा, ‘‘और मोदी जी फिर से इस देश के प्रधानमंत्री बन कर इस देश का नेतृत्व करेंगे, इसका हम सबको भरोसा है.’’ इस प्रस्ताव को पेश किए जाने के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, स्वयं अमित शाह सहित पार्टी के करीब 350 वरिष्ठ नेता मौजूद थे. इनमें पार्टी शासित 12 राज्यों के मुख्यमंत्री व पांच उपमुख्यमंत्री तथा 35 केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं. शाह ने कहा कि नड्डा के नेतृत्व में पार्टी ने ना सिर्फ अपनी पैठ बढ़ाई, बल्कि अपना प्रसार भी किया और यश भी प्राप्त किया.

उन्होंने कहा, ‘‘इन तीनों क्षेत्रों में नड्डा के योगदान का पार्टी आज अनुमोदन करती है. उसको स्वीकारते हुए इनके कार्यकाल के विस्तार को मंजूरी देती है.’’ उन्होंने कहा कि विजय संकल्प सभा और ‘‘अपना बूथ, सबसे मजबूत’’ अभियान भाजपा के इतिहास में नड्डा की देन के रूप में जाने जाएंगे.

नड्डा का तीन साल का कार्यकाल इसी साल 20 जनवरी को समाप्त हो रहा था. इसके पहले वह जुलाई 2019 में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए थे. उसके बाद 20 जनवरी 2020 को उन्होंने पूर्णकालिक अध्यक्ष के तौर पर पार्टी की कमान संभाली थी. भाजपा के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष को लगातार तीन साल के लिए दो कार्यकाल दिए जाने का प्रावधान है.

शाह ने इस दौरान नड्डा के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा कि उनकी अध्यक्षता में भाजपा को कई अहम चुनावों में जीत मिली. कोविड महामारी के दौरान ‘सेवा ही संगठन’ अभियान के लिए शाह ने उनकी विशेष प्रशंसा की. उन्होंने कहा, ‘‘नड्डा की अध्यक्षता में ही बिहार में भाजपा ने सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट प्राप्त किया, महाराष्ट्र में भी राजग (उस समय शिवसेना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में थी) को बहुमत दिलाया, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, असम, गोवा और गुजरात में भाजपा ने बहुत बड़ी सफलता हासिल की.’’

उन्होंने कहा कि नड्डा की अध्यक्षता में ही बंगाल में भाजपा ने तीन से 77 सीट तक का सफर तय किया और तमिलनाडु व तेलंगाना सहित दक्षिण के राज्यों में भी पार्टी एक ताकत बनकर धीरे-धीरे उभर रही है. शाह ने कहा कि उत्तर पूर्व के राज्यों में तो भाजपा की सरकार पहले से थी, लेकिन नड्डा के नेतृत्व में वहां भाजपा के संगठन को जमीन तक मजबूत करने में सफलता मिली.

नड्डा से पहले भाजपा के अध्यक्ष रहे शाह ने कहा कि वर्तमान अध्यक्ष का प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता को मतों में परिर्वितत करने और इसके लिए मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने में बहुत बड़ा योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं और सरकार के कार्यक्रमों, विशेषकर किसान कल्याण के कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में भी नड्डा ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

उन्होंने कहा कि नड्डा की अध्यक्षता में ही 1,30,000 बूथ को मजबूत किया गया, लोकसभा प्रवास योजना बनाकर हर कार्यकर्ता को लोकसभा क्षेत्रों से जोड़ा गया और हर घर तिरंगा अभियान के जरिए भाजपा के हर कार्यकर्ता को जन-जन तक पहुंचाने और उनमें राष्ट्रभक्ति का भाव तथा तिरंगे के प्रति सम्मान जगाने में बेहद अहम भूमिका निभाई गई.

शाह ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण भाजपा का सदस्यता अभियान समय पर हो नहीं पाया और जब तक बूथ से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक के चुनाव नहीं हो जाते तब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनना संवैधानिक रूप से संभव ही नहीं था. पूर्व के मौकों पर भी हुए इस प्रकार के फैसलों का हवाला देते उन्होंने कहा, ‘‘परंपरा का अनुसरण करते हुए जेपी नड्डा के कार्यकाल को विस्तार दिया गया है.’’ शाह ने कहा कि देश के सभी राजनीतिक दलों में शायद सबसे ज्यादा लोकतांत्रिक तरीके से संचालित होने वाला दल अगर कोई है तो वह भारतीय जनता पार्टी है.

उन्होंने कहा, ‘‘जनसंघ की स्थापना से लेकर आज तक भारतीय जनता पार्टी में हमेशा बूथ से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक के चुनाव समय-समय पर संविधान के अनुकूल होते रहे हैं.’’ मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले नड्डा का जन्म बिहार की राजधानी पटना में दो दिसंबर 1960 को हुआ था.

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