NCERT ‘इंडिया’ और भारत के बीच अंतर नहीं करती : सरकार

नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) इंडिया और भारत के बीच अंतर नहीं करती है और संविधान में निहित भावना को स्वीकार करती है जिसमें दोनों को मान्यता दी गई है. शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने वाम सदस्यों संतोष कुमार पी और इलामाराम करीम के एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी. उन्होंने सवाल किया था, ”क्या सरकार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के पैनल से पाठ्यपुस्तकों में जहां ‘इंडिया’ शब्द का प्रयोग किया जा रहा है वहां “भारत” शब्द का प्रयोग करने की कोई सिफारिश प्राप्त हुई है?”

इसके जवाब में शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा, ”भारत के संविधान के अनुच्छेद एक में उल्लिखित है कि इंडिया, जोकि भारत है, राज्यों का एक संघ होगा. भारत का संविधान ‘इंडिया’ और ‘भारत’ दोनों को देश के आधिकारिक नामों के रूप में मान्यता देता है, जिनका परस्पर उपयोग किया जा सकता है. एनसीईआरटी हमारे संविधान में निहित इस भावना को मान्यता देती है और दोनों के बीच अंतर नहीं करती है.” अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि जैसे-जैसे हम सामूहिक रूप से औपनिवेशिक मानसिकता से अलग हो रहे हैं और भारतीय भाषाओं में शब्दों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रहे हैं, स्कूली पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों की तैयारी में शामिल एनसीईआरटी भी उसी को आगे बढ़ाने में अपना सर्वोत्तम प्रयास करेगी.

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