परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा दे रही राकांपा : एकनाथ शिंदे

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 11 Jun 2023 09:51 PM
परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा दे रही राकांपा : एकनाथ शिंदे
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श्रीनगर/पुणे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) पर परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने एक दिन पहले ही अपनी बेटी सुप्रिया सुले को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था. शिंदे ने यहां जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात भी की.

शिंदे ने राजभवन में पत्रकारों से कहा, ”मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि जिस तरह उद्धव जी शिवसेना में खुद मुख्यमंत्री बने और अपने बेटे को मंत्री बनाया, वही राकांपा में भी हो रहा है.” शिंदे ने कहा, ”शरद पवार अध्यक्ष हैं और परिवार के एक सदस्य को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया. यह उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है और मुझे इसमें दखल देने की जरूरत नहीं है, लेकिन ऐसा ही होता है.”

शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि महाराष्ट्र में भाजपा के कुछ स्थानीय नेता ”स्वार्थ की  राजनीति” कर रहे हैं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामूली मसला है और भाजपा ने इस पर स्पष्टीकरण जारी किया है. शिंदे ने कहा, ”यह एक मामूली मसला है, जो अब खत्म हो गया है. महाराष्ट्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने इस पर स्पष्टीकरण दिया है और मुझे नहीं लगता कि इस पर कुछ और कहने की जरूरत है.”

राकांपा लोकतंत्र में भरोसा करती है : सुप्रिया सुले
विपक्ष द्वारा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) पर वंशवाद की राजनीति में संलिप्त होने के आरोप लगाए जाने के बीच बारामती की पार्टी सांसद सुप्रिया सुले ने रविवार को कहा कि उन्हें गर्व है कि वह शरद पवार की बेटी हैं और राकांपा लोकतंत्र में भरोसा करती है. उल्लेखनीय है कि सुले को एक दिन पहले ही पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.

सुले ने उन खबरों को ‘कयास’ करार देकर खारिज कर दिया कि पार्टी में उनका कद बढ़ने से उनके चचेरे भाई व पार्टी नेता अजित पवार असहज हैं. शरद पवार ने शनिवार को प्रफुल्ल पटेल और सुप्रिया सुले को राकांपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया और एक तरह से अजित पवार को किनारे कर दिया जो अपने बागी रुख के लिए जाने जाते हैं. पवार की यह घोषणा पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है.

सुले रविवार को पुणे में थीं और जब उनसे राकांपा के वंशवाद की राजनीति में संलिप्त होने के विपक्ष के आरोप के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ”हां, यहां वंशवाद की राजनीति है और मैं इस तथ्य से गौरवान्वित महसूस करती हूं कि मैं शरद पवार और प्रतिभा पवार की बेटी हूं. मुझे संसद रत्न सम्मान इसलिए नहीं मिला कि मैं शरद पवार की बेटी हूं बल्कि संसद में मेरे द्वारा किए गए काम की वजह से मिला.

उन्होंने कहा कि जो मेरी ओर अपनी उंगली दिखाते हैं उन्हें समझना चाहिए कि बाकी उंगलियां उन्हीं को इंगित करती है. लोगों को बोलने दें. उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को राकांपा पर वंशवाद की राजनीति को प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया था.

शिंदे ने श्रीनगर में कहा, ”मैं केवल इतना कह सकता हूं कि जिस तरह से शिवसेना में उद्धव (ठाकरे) जी खुद मुख्यमंत्री बने और बेटे को मंत्री बनाया, उसी तरह राकांपा में भी हो रहा है.” राकांपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को उनके प्रति आस्था प्रर्दिशत के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सुले ने कहा, ”(कार्यकारी अध्यक्ष पद पर)नियुक्ति के बाद मैं प्रफुल्लभाई (पटेल) और शरद पवार को रिपोर्ट करूंगी.” उन्होंने कहा कि राकांपा ऐसी पार्टी है जो लोकतंत्र में भरोसा करती है यह कॉरपोरेट कार्यालय की तरह नहीं है.

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