नेपाल के प्रधानमंत्री ‘प्रचंड’ ने संसद में विश्वास मत प्राप्त किए

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 10 Jan 2023 09:42 PM
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काठमांडू. नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने मंगलवार को प्रतिनिधि सभा में विश्वास मत हासिल कर लिया. सात दलों के उनके गठबंधन सहित विपक्ष की ओर से भी लगभग सभी लोगों ने आमसहमति से प्रचंड का समर्थन किया. प्रतिनिधि सभा में मतदान के दौरान मौजूद 270 सदस्यों में से 268 ने प्रचंड के पक्ष में मत दिया जबकि दो सदस्यों ने उनके खिलाफ मतदान किया. संसद में विश्वासमत के दौरान देश के किसी भी प्रधानमंत्री को प्राप्त हुआ यह अधिकतम वोट है.

प्रधानमंत्री के पद पर बने रहने के लिए प्रचंड को 275 सदस्यीय सदन में सिर्फ138 वोटों की जरूरत थी. सदन के वरिष्ठतम सदस्य पशुपति शमशेर जेबी राणा ने बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि सभा ने प्रचंड द्वारा पेश गए विश्वास प्रस्ताव को पारित कर दिया है. बैठक की अध्यक्षता कर रहे राणा ने मतदान नहीं किया, जबकि चार अन्य सांसद मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे.
पीपुल्स फ्रंट नेपाल (पीएफएन) और नेपाल वर्कर्स एंड पीजेंट्स पार्टी (एनडब्ल्यूपीपी) के अलावा अन्य सभी दलों ने प्रचंड के समर्थन में वोट डाला.

गौरतलब है कि सीपीएन-माओवादी सेंटर के 68 वर्षीय नेता प्रचंड ने पिछले साल 26 दिसंबर को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. उस समय, उन्होंने नाटकीय ढंग से नेपाली कांग्रेस नीत चुनाव-पूर्व गठबंधन से नाता तोड़कर विपक्ष के नेता के. पी. शर्मा ओली से हाथ मिला लिया था. इससे पहले दिन में संसद के निचले सदन में अपने भाषण में प्रचंड ने कहा था कि वह नकारात्मक, असम्मान और प्रतिशोध की राजनीति के बजाय आम सहमति, सहयोग और आपसी विश्वास की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहते हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रमुख के रूप में वह दुनिया को नेपाल में राष्ट्रीय एकता का संदेश देना चाहते हैं. उन्होंने अपने कर्तव्यों व जिम्मेदारियों के प्रति सर्मिपत रहने तथा लोगों को कुछ नया देने का संकल्प व्यक्त किया. इस बीच, 89 सीटों वाली संसद की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी नेपाली कांग्रेस ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए प्रचंड का समर्थन करने का फैसला किया.

प्रधानमंत्री प्रचंड ने सोमवार को नेपाली कांग्रेस के प्रमुख शेर बहादुर देउबा से मुलाकात कर संसद में उनका समर्थन मांगा था. नेपाली कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि मंगलवार दोपहर हुई पार्टी की एक अहम बैठक में विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने का फैसला किया गया. पार्टी ने हालांकि सरकार में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है. हालांकि, दो महासचिवों सहित चार सांसदों ने नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा द्वारा सरकार के पक्ष में वोट डालने के फैसले का विरोध किया.

नेपाली कांग्रेस और सीपीएन (माओवादी सेंटर) ने 20 नवंबर को हुए संसदीय चुनाव के लिए चुनावी गठबंधन किया था. लेकिन बाद में नेपाली कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर पूर्व सहमति के अनुरूप प्रचंड को प्रधानमंत्री का पद देने से इनकार कर दिया गया. इसके बाद, सीपीएन (माओवादी सेंटर) ने आश्चर्यजनक रूप से एक नई सरकार बनाने के लिए सीपीएन-यूएमएल के साथ गठबंधन किया.

देश की 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में नेपाली कांग्रेस के 89 सांसद हैं, जबकि यूएमएल के 79 सांसद हैं. इसी तरह, सीपीएन (माओवादी सेंटर), सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट) और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के क्रमश: 32, 10 और 20 सदस्य हैं. संसद में जनमत पार्टी के 6 सदस्य, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के 4 और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के 3 सदस्य हैं.

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